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Muzaffarnagar News: व्यायामशाला को लगी जंग, खेल मैदान बना पार्किंग स्थल
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डीएवी महाविद्यालय के खेल मैदान पर खड़ी गाड़ियां स्रोत संवाद
मुजफ्फरनगर। आर्य समाज रोड स्थित डीएवी महाविद्यालय में कईं साल पहले छात्रों को अच्छी सेहत देने के लिए जिम और खिलाड़ियों को तैयार करने लिए खेल मैदान बनाया गया था लेकिन आज के समय में व्यायामशाला के ताले से लेकर मशीनों तक को जंग लगा हुआ। खेल का मैदान शिक्षकों की गाड़ी खड़ी करने के लिए पार्किंग स्थल बन गया है। नए सत्र के छात्र व्यायामशाला पर लटके ताले को देखकर खिड़की से साइक्लिंग, हाई पुलिंग, बेंच प्रेस जैसी मशीनो को देखकर खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
महाविद्यालय की स्थापना 1950 के आसपास हुई थी। 15.24 एकड़ भूमि में बना यह कॉलेज शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। पांच हजार से अधिक छात्रों की शिक्षा की व्यवस्था के प्रंबंध से लेकर सुविधाओं की सूची प्रोस्पेक्टर और वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसी के चलते आज भी दाखिले के लिए यह युवाओं की पहली पसंद में शामिल है।
महाविद्यालय में पूर्व में भी विधाओं के न मिलने पर छात्र धरना प्रदर्शन करते रहे हैं। दो साल से महाविद्यालय में पढ़ रहे छात्र विशाल ने बताया कि वह पिछले दो साल से महाविद्यालय के छात्र हैं। नियमित रूप से आते हैं, लेकिन जिम को खुले कभी नहीं देखा। खेल के मैदान पर भी खिलाड़ी नजर नहीं आते हैं। एनसीसी की ट्रेनिंग तो होती है। वह भी दूसरे ग्राउंड पर होती है। इस मैदान पर अक्सर गाड़ियां ही खड़ी दिखाई देती हैं।
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केवल खिलाड़ियों को मिलती है जिम की सुविधा
प्राचार्या डॉ. गरिमा जैन ने बताया कि जिम की सुविधा केवल खिलाड़ियों के लिए है, सभी छात्रों के लिए नहीं है। खेल प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों के लिए जिम को खोला जाता है। जंग लगने की जहां तक बात है यह मौसम की वजह से हो गया है।
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महाविद्यालय की स्थापना 1950 के आसपास हुई थी। 15.24 एकड़ भूमि में बना यह कॉलेज शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। पांच हजार से अधिक छात्रों की शिक्षा की व्यवस्था के प्रंबंध से लेकर सुविधाओं की सूची प्रोस्पेक्टर और वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसी के चलते आज भी दाखिले के लिए यह युवाओं की पहली पसंद में शामिल है।
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महाविद्यालय में पूर्व में भी विधाओं के न मिलने पर छात्र धरना प्रदर्शन करते रहे हैं। दो साल से महाविद्यालय में पढ़ रहे छात्र विशाल ने बताया कि वह पिछले दो साल से महाविद्यालय के छात्र हैं। नियमित रूप से आते हैं, लेकिन जिम को खुले कभी नहीं देखा। खेल के मैदान पर भी खिलाड़ी नजर नहीं आते हैं। एनसीसी की ट्रेनिंग तो होती है। वह भी दूसरे ग्राउंड पर होती है। इस मैदान पर अक्सर गाड़ियां ही खड़ी दिखाई देती हैं।
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केवल खिलाड़ियों को मिलती है जिम की सुविधा
प्राचार्या डॉ. गरिमा जैन ने बताया कि जिम की सुविधा केवल खिलाड़ियों के लिए है, सभी छात्रों के लिए नहीं है। खेल प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों के लिए जिम को खोला जाता है। जंग लगने की जहां तक बात है यह मौसम की वजह से हो गया है।