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भाकियू से टूटे तीन संगठन एक मंच पर आए
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 22 Sep 2015 12:38 AM IST
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तितावी। भाकियू से टूटे तीन संगठन सोमवार को एक मंच पर नजर आए। नसीरपुर की जनसभा में किसानों के हक की लड़ाई के लिए एकजुट रहने पर सहमति बनी। बकाया भुगतान समेत किसानों की तमाम समस्याओं के निस्तारण के लिए आवाज बुलंद की गई। किसान मुद्दों पर विरोधियों को घेरने और सांप्रदायिकता फैलाने वालों को करारा जवाब देने का ऐलान किया गया।
भाकियू के लंबे समय तक हमराह रहे ठाकुर पूरण सिंह ने पिछले साल भारतीय किसान संगठन के नाम से अलग संगठन बना लिया था। संगठन के जन्मदिवस पर नसीरपुर गांव में सोमवार को हुई जनसभा में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप और भारतीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद जौला भी सैकड़ों किसानों के साथ पहुंचे।
तीनों किसान नेताओं ने एक साथ मंच पर खड़े होकर किसान एकजुटता का ऐलान किया। गुलाम मोहम्मद जौला ने कहा कि हिंदू और मुसलमान दो संप्रदाय के लोग किसान हैं। हमें मिलकर किसानों के हितों की लड़ाई लड़नी है। इसके लिए भाईचारा जरूरी है, तभी सबको हक मिल पाएगा।
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भाकियू (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप ने कहा की वर्तमान में किसान से ज्यादा बेबस कोई नहीं है। बैंकों का ऋण चुकाने के लिए पैसा नहीं है। किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। बेटियों के हाथ पीले नहीं कर पा रहे हैं। पूरण ठाकुर ने कहा कि किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए सभी संगठनों को एक होना होगा। किसान की कोई जात-बिरादरी नहीं है। जात-पात में बांटकर किसानों की ताकत को कमजोर किया जा रहा है।
दूरदराज से आए तीनों संगठनों से जुड़े लोगों ने किसानों का हक दिलाने के लिए एकजुट होने का ऐलान किया। दिल्ली की जामा मस्जिद कमेटी के सदस्य तारिक अय्यूब अहमद ने किसान मुद्दों की आड़ में हित साधने वालों को नसीहत दी। मंच से बकाया का भुगतान गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति कुंतल, किसान दुर्घटना की बीमा राशि 15 लाख करने, प्रतिमाह पेंशन, केंद्र सरकार में किसान आयोग के गठन की मांग उठाकर एकजुटता के साथ लड़ने की घोषणा की गई।
महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के संचालक ठाकुर नीलेश पुंडीर ने किसानों की लड़ाई में सबका साथ देनेे का वादा किया। किसानों की समस्याओं को लेकर दिल्ली का घेराव करने का निर्णय लिया गया। इसका मौजूद लोगों ने समर्थन किया। अध्यक्षता डॉ वाहिद और संचालन डॉ सुधीर ने किया।
जनसभा में आशिफ अली, कृष्णपाल, सरपंच यशपाल, आचार्य शिव कुमार, रणधीर सिंह, अनिल कुमार, गफ्फार, अफ़लातून, ठाकुर राजपाल आदि ने अपने विचार प्रकट कर किसान की लड़ाई तेज करने पर जोर दिया।
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भाकियू के लंबे समय तक हमराह रहे ठाकुर पूरण सिंह ने पिछले साल भारतीय किसान संगठन के नाम से अलग संगठन बना लिया था। संगठन के जन्मदिवस पर नसीरपुर गांव में सोमवार को हुई जनसभा में भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप और भारतीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुलाम मोहम्मद जौला भी सैकड़ों किसानों के साथ पहुंचे।
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तीनों किसान नेताओं ने एक साथ मंच पर खड़े होकर किसान एकजुटता का ऐलान किया। गुलाम मोहम्मद जौला ने कहा कि हिंदू और मुसलमान दो संप्रदाय के लोग किसान हैं। हमें मिलकर किसानों के हितों की लड़ाई लड़नी है। इसके लिए भाईचारा जरूरी है, तभी सबको हक मिल पाएगा।
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भाकियू (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप ने कहा की वर्तमान में किसान से ज्यादा बेबस कोई नहीं है। बैंकों का ऋण चुकाने के लिए पैसा नहीं है। किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है। बेटियों के हाथ पीले नहीं कर पा रहे हैं। पूरण ठाकुर ने कहा कि किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए सभी संगठनों को एक होना होगा। किसान की कोई जात-बिरादरी नहीं है। जात-पात में बांटकर किसानों की ताकत को कमजोर किया जा रहा है।
दूरदराज से आए तीनों संगठनों से जुड़े लोगों ने किसानों का हक दिलाने के लिए एकजुट होने का ऐलान किया। दिल्ली की जामा मस्जिद कमेटी के सदस्य तारिक अय्यूब अहमद ने किसान मुद्दों की आड़ में हित साधने वालों को नसीहत दी। मंच से बकाया का भुगतान गन्ने का रेट 500 रुपये प्रति कुंतल, किसान दुर्घटना की बीमा राशि 15 लाख करने, प्रतिमाह पेंशन, केंद्र सरकार में किसान आयोग के गठन की मांग उठाकर एकजुटता के साथ लड़ने की घोषणा की गई।
महाराणा प्रताप संघर्ष समिति के संचालक ठाकुर नीलेश पुंडीर ने किसानों की लड़ाई में सबका साथ देनेे का वादा किया। किसानों की समस्याओं को लेकर दिल्ली का घेराव करने का निर्णय लिया गया। इसका मौजूद लोगों ने समर्थन किया। अध्यक्षता डॉ वाहिद और संचालन डॉ सुधीर ने किया।
जनसभा में आशिफ अली, कृष्णपाल, सरपंच यशपाल, आचार्य शिव कुमार, रणधीर सिंह, अनिल कुमार, गफ्फार, अफ़लातून, ठाकुर राजपाल आदि ने अपने विचार प्रकट कर किसान की लड़ाई तेज करने पर जोर दिया।