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मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं ने स्कूल में गुजारी रात
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पुरकाजी में हाइवे किनारे विश्राम करते मध्य प्रदेश के यात्री।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं ने स्कूल में गुजारी रात
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार द्वारा बॉर्डर पर लागू की गई सख्ती का खामियाजा कुंभ में शामिल होने आ रहे दूरदराज प्रांतों के श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है। रैपिड एंटीजन जांच रिपोर्ट आने के इंतजार में श्रद्धालु घंटों तक बॉर्डर पर रुक रहे हैं। आलम यह कि मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं को तो एक स्कूल में रात गुजारनी पड़ी।
उत्तराखंड सरकार द्वारा बिना कोरोना जांच के सूबे में प्रवेश नहीं देने की सख्ती का खामियाजा कुंभ स्नान में शामिल होने वाले भक्तों को भुगतना पड़ रहा है।बॉर्डर पर तैनात उत्तराखंड पुलिस व आरआरएफ के जवान सभी प्रकार के वाहनों को रोक रहे हैं, जिन्हें कोरोना की रैपिड एंटीजन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते जांच रिपोर्ट आने में भी घंटों का समय लग रहा है, जिससे श्रद्धालु कई-कई घंटे भूखे-प्यासे बॉर्डर पर ही मौजूद रहते हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार रात मध्य प्रदेश के जनपद राजगढ़ के सारंगपुर सिटी से करीब 50 श्रद्धालु कुंभ में शामिल होने बस से बॉर्डर पहुंचे थे, जिन्हें फोर्स ने वहीं रोककर कोरोना जांच कराने के लिए कहा। इस दौरान किट खत्म होने के कारण जांच भी रुक गई, जिसके चलते उन्हें पुरकाजी पीएचसी जाने के लिए कहा गया। श्रद्धालु पीएचसी पहुंचे, लेकिन देर रात होने के कारण वहां कोई नहीं मिला। इसके चलते श्रद्धालुओं को पास ही के एक स्कूल में रात गुजारनी पड़ी। इन श्रद्धालुओं में शामिल शंकर सिंह, नंदन सिंह, रमेश कुमार, कमल, भगवती देवी व मथरा देवी ने बताया कि चार अप्रैल को मध्यप्रदेश से चलने से पहले उन्होंने कोरोना जांच कराई थी, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने मानने से इंकार कर दिया। स्कूल में रात गुजारने के बाद शनिवार सुबह सभी श्रद्धालु पुरकाजी पीएचसी पहुंचे, जहां रैपिड एंटीजन टेस्ट के बाद उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश दिया गया। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाईवे पर ही सड़क किनारे बैठकर रात गुजारते रहे।
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इन्होंने कहा ...
पीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि पहले रोजाना सौ लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की जा रही थी, लेकिन अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते यहां दोगुने से भी अधिक जांच रोजाना की जा रही है।
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद उत्तराखंड सरकार द्वारा बॉर्डर पर लागू की गई सख्ती का खामियाजा कुंभ में शामिल होने आ रहे दूरदराज प्रांतों के श्रद्धालुओं को उठाना पड़ रहा है। रैपिड एंटीजन जांच रिपोर्ट आने के इंतजार में श्रद्धालु घंटों तक बॉर्डर पर रुक रहे हैं। आलम यह कि मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालुओं को तो एक स्कूल में रात गुजारनी पड़ी।
उत्तराखंड सरकार द्वारा बिना कोरोना जांच के सूबे में प्रवेश नहीं देने की सख्ती का खामियाजा कुंभ स्नान में शामिल होने वाले भक्तों को भुगतना पड़ रहा है।बॉर्डर पर तैनात उत्तराखंड पुलिस व आरआरएफ के जवान सभी प्रकार के वाहनों को रोक रहे हैं, जिन्हें कोरोना की रैपिड एंटीजन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते जांच रिपोर्ट आने में भी घंटों का समय लग रहा है, जिससे श्रद्धालु कई-कई घंटे भूखे-प्यासे बॉर्डर पर ही मौजूद रहते हैं।
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इसी क्रम में शुक्रवार रात मध्य प्रदेश के जनपद राजगढ़ के सारंगपुर सिटी से करीब 50 श्रद्धालु कुंभ में शामिल होने बस से बॉर्डर पहुंचे थे, जिन्हें फोर्स ने वहीं रोककर कोरोना जांच कराने के लिए कहा। इस दौरान किट खत्म होने के कारण जांच भी रुक गई, जिसके चलते उन्हें पुरकाजी पीएचसी जाने के लिए कहा गया। श्रद्धालु पीएचसी पहुंचे, लेकिन देर रात होने के कारण वहां कोई नहीं मिला। इसके चलते श्रद्धालुओं को पास ही के एक स्कूल में रात गुजारनी पड़ी। इन श्रद्धालुओं में शामिल शंकर सिंह, नंदन सिंह, रमेश कुमार, कमल, भगवती देवी व मथरा देवी ने बताया कि चार अप्रैल को मध्यप्रदेश से चलने से पहले उन्होंने कोरोना जांच कराई थी, जिसे उत्तराखंड पुलिस ने मानने से इंकार कर दिया। स्कूल में रात गुजारने के बाद शनिवार सुबह सभी श्रद्धालु पुरकाजी पीएचसी पहुंचे, जहां रैपिड एंटीजन टेस्ट के बाद उन्हें उत्तराखंड में प्रवेश दिया गया। इनके अलावा भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु हाईवे पर ही सड़क किनारे बैठकर रात गुजारते रहे।
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इन्होंने कहा ...
पीएचसी प्रभारी डॉ. अरुण कुमार का कहना है कि पहले रोजाना सौ लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की जा रही थी, लेकिन अब श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के चलते यहां दोगुने से भी अधिक जांच रोजाना की जा रही है।