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जिला कारागार में बंदी की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 May 2016 12:59 AM IST
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जेल
- फोटो : jail
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जिला कारागार में बंदियों की मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। देर रात कारागार में एक बंदी की अचानक तबियत खराब हो गई। जेल अधीक्षक ने रात में ही उसे जिला चिकित्सालय भिजवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर परिजन भी कारागार पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
जेल में बंदियों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 12 दिन के भीतर हुई दूसरी मौत ने जेल प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। शामली कोतवाली के बुटराड़ी निवासी जितेंद्र उर्फ जिगेंद्र (46) पुत्र बिशंभर की बुधवार देर रात करीब 1.15 बजे अचानक तबियत खराब हो गई। बंदी शौच के लिए गया और शौचालय में गिर गया।
बंदीरक्षक उसे कारागार के अस्पताल में लेकर गया। तबियत ठीक नहीं होने पर जेल अधीक्षक राकेश सिंह को मामले से अवगत कराया गया। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस से उसे जिला चिकित्सालय भिजवाया जहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक ने बताया कि वह 14 फरवरी-2015 को जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में जेल आया था।
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20 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत को लेकर सुनवाई होनी थी। उसके पिता इलाहाबाद के लिए निकले थे, रास्ते में कानपुर में उनको मामले की जानकारी दी गई है, वो वहीं से लौट आए हैं। बृहस्पतिवार सुबह जेल पर पहुंचे परिजनों को स्टाफ ने मृतक के साथ के बंदियों से मिलवाया। उनसे बातचीत कराई। बाद में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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जेल में बंदियों की मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 12 दिन के भीतर हुई दूसरी मौत ने जेल प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें ला दी हैं। शामली कोतवाली के बुटराड़ी निवासी जितेंद्र उर्फ जिगेंद्र (46) पुत्र बिशंभर की बुधवार देर रात करीब 1.15 बजे अचानक तबियत खराब हो गई। बंदी शौच के लिए गया और शौचालय में गिर गया।
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बंदीरक्षक उसे कारागार के अस्पताल में लेकर गया। तबियत ठीक नहीं होने पर जेल अधीक्षक राकेश सिंह को मामले से अवगत कराया गया। उन्होंने तुरंत एंबुलेंस से उसे जिला चिकित्सालय भिजवाया जहां उपचार के दौरान कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। जेल अधीक्षक ने बताया कि वह 14 फरवरी-2015 को जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में जेल आया था।
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20 मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत को लेकर सुनवाई होनी थी। उसके पिता इलाहाबाद के लिए निकले थे, रास्ते में कानपुर में उनको मामले की जानकारी दी गई है, वो वहीं से लौट आए हैं। बृहस्पतिवार सुबह जेल पर पहुंचे परिजनों को स्टाफ ने मृतक के साथ के बंदियों से मिलवाया। उनसे बातचीत कराई। बाद में पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।