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Muzaffarnagar News: कबड्डी में भी किसी से कम नहीं जिले की बेटियां
Mon, 19 Aug 2024 12:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:37 AM IST
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मुजफ्फरनगर। कबड्डी के मैदान पर भी जिले की बेटियां किसी से कम नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दमदार खेल का प्रदर्शन जारी है। बीच कबड्डी में उत्तर प्रदेश को कांस्य पदक दिलाने वाली तीनों खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। तीनों कहती हैं कि पहले परिवार और फिर समाज के सहयोग से ही लड़कियां आगे बढ़ सकती हैं। उनके परिवार ने हौंसला दिया, जिसके कारण वह घर की दहलीज लांघकर खेल के मैदान तक पहुंच सकी हैं। खेल वर्तमान में बेहतर कॅरियर का माध्यम भी बन रहे हैं। खेल कोटे से नौकरियों में जाना भी आसान विकल्प बन गया है।
शाहपुर। क्षेत्र के गांव काकड़ा निवासी किसान नीरज कुमार की बेटी कबड्डी खिलाड़ी अनु 2019 से कबड्डी खेल रही है। कबड्डी खिलाड़ी ने बताया कि वह अभी तक चार बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी है। बिहार के बोधगया में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की बीच कबड्डी प्रतियोगिता में यूपी को कांस्य पदक दिलाया।वह 2023 में खेल कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी। पिता के अलावा उसकी माता शशि और कोच सुनील बालियान का सहयोग रहा।
बुढ़ाना। क्षेत्र के गांव बिटावदा निवासी अमरेश ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से कबड्डी खेल रही है। नौ बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं । राष्ट्रीय स्तर की जूनियर प्रतियोगिताओं में तीन कांस्य पदक हासिल किए। हाल ही में बोधगया में आयोजित राष्ट्रीय बीच कबड्डी प्रतियोगिता में उसने प्रदेश की टीम का नेतृत्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया है। वह 2021 में खेल कोटे से सीआईएसएफ में भर्ती हुई थी। सोरम कबड्डी क्लब के मैदान पर कबड्डी कोच रामपाल सिंह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है । पिता कश्मीर सिंह ने आगे बढ़ने में मदद की।
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मोरना। श्रीराम कॉलेज में बीपीईएस की छात्रा और नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अवंतिका चौधरी मोरना की रहने वाली है। स्कूल में स्पोर्ट्स मीट देखकर खेल का शौक लगा। किसान पिता पंकज कुमार उर्फ गोपाल चौधरी ने हिम्मत दी। वर्तमान में वह साई सेंटर में अभ्यास कर रही हैं। जूनियर वर्ल्डकप के कैंप के लिए चुनी गई खिलाड़ियों में अवंतिका का चयन हो गया है। माता अजीता और भाई वासु है। कोच सतेंद्र कुमार नैन को कामयाबी का श्रेय देती हैं।
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शाहपुर। क्षेत्र के गांव काकड़ा निवासी किसान नीरज कुमार की बेटी कबड्डी खिलाड़ी अनु 2019 से कबड्डी खेल रही है। कबड्डी खिलाड़ी ने बताया कि वह अभी तक चार बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुकी है। बिहार के बोधगया में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की बीच कबड्डी प्रतियोगिता में यूपी को कांस्य पदक दिलाया।वह 2023 में खेल कोटे से उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुई थी। पिता के अलावा उसकी माता शशि और कोच सुनील बालियान का सहयोग रहा।
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बुढ़ाना। क्षेत्र के गांव बिटावदा निवासी अमरेश ने बताया कि वह पिछले 10 वर्षों से कबड्डी खेल रही है। नौ बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर चुकी हैं । राष्ट्रीय स्तर की जूनियर प्रतियोगिताओं में तीन कांस्य पदक हासिल किए। हाल ही में बोधगया में आयोजित राष्ट्रीय बीच कबड्डी प्रतियोगिता में उसने प्रदेश की टीम का नेतृत्व करते हुए कांस्य पदक हासिल किया है। वह 2021 में खेल कोटे से सीआईएसएफ में भर्ती हुई थी। सोरम कबड्डी क्लब के मैदान पर कबड्डी कोच रामपाल सिंह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही है । पिता कश्मीर सिंह ने आगे बढ़ने में मदद की।
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मोरना। श्रीराम कॉलेज में बीपीईएस की छात्रा और नेशनल कबड्डी खिलाड़ी अवंतिका चौधरी मोरना की रहने वाली है। स्कूल में स्पोर्ट्स मीट देखकर खेल का शौक लगा। किसान पिता पंकज कुमार उर्फ गोपाल चौधरी ने हिम्मत दी। वर्तमान में वह साई सेंटर में अभ्यास कर रही हैं। जूनियर वर्ल्डकप के कैंप के लिए चुनी गई खिलाड़ियों में अवंतिका का चयन हो गया है। माता अजीता और भाई वासु है। कोच सतेंद्र कुमार नैन को कामयाबी का श्रेय देती हैं।