{"_id":"5eb197618ebc3e9025769a9d","slug":"the-couple-is-forced-to-stumble-muzaffarnagar-news-mrt4805438125","type":"story","status":"publish","title_hn":"दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है गरीब दंपती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है गरीब दंपती
विज्ञापन
पुरकाजी में आप बीती सुनाता गरीब दम्पति
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं दंपती
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। लॉकडाउन के चलते बंद पड़े रोजगार के कारण पैसे के अभाव में गरीब दंपती को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि बैंक बंद होने से बीमार पत्नी की दवा के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कस्बे के मोहल्ला उत्तरी चमारान निवासी बीमार गर्भवती महिला राखी पुरकाजी अस्पताल में दवा लेने गई थी। महिला का आरोप है डॉक्टरों ने दवा देने से इंकार कर उसे लौटा दिया। इस पर महिला पुरकाजी थाने पहुंची और पुलिस को अपनी व्यथा सुनाई। पुलिस ने महिला को प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपना उपचार कराने की सलाह दी। महिला ने बताया कि उसके पास दवाई के लिए पैसे नहीं हैं, तो वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने दवा के लिए महिला को दो सौ रुपये दिए। इस पर महिला ने प्राइवेट डाक्टर से अपना उपचार कराया। महिला ने बताया कि उसका पति धूम सिंह रुड़की उत्तराखंड में मजदूरी करता है। मगर लॉकडाउन के चलते मजदूरी नहीं मिल पा रही है। सरकारी सुविधा के नाम पर मात्र राशन मिल पा रहा है। चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके लिए दूध व सब्जी और अन्य खाने के सामान की भी जरूरत पड़ती है। इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सक पूनम लता से जानकारी लेनी चाही, तो उनके मोबाइल का स्विच आफ होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। लॉकडाउन के चलते बंद पड़े रोजगार के कारण पैसे के अभाव में गरीब दंपती को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हाल यह है कि बैंक बंद होने से बीमार पत्नी की दवा के लिए दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कस्बे के मोहल्ला उत्तरी चमारान निवासी बीमार गर्भवती महिला राखी पुरकाजी अस्पताल में दवा लेने गई थी। महिला का आरोप है डॉक्टरों ने दवा देने से इंकार कर उसे लौटा दिया। इस पर महिला पुरकाजी थाने पहुंची और पुलिस को अपनी व्यथा सुनाई। पुलिस ने महिला को प्राइवेट अस्पताल में जाकर अपना उपचार कराने की सलाह दी। महिला ने बताया कि उसके पास दवाई के लिए पैसे नहीं हैं, तो वहां पर मौजूद एक व्यक्ति ने दवा के लिए महिला को दो सौ रुपये दिए। इस पर महिला ने प्राइवेट डाक्टर से अपना उपचार कराया। महिला ने बताया कि उसका पति धूम सिंह रुड़की उत्तराखंड में मजदूरी करता है। मगर लॉकडाउन के चलते मजदूरी नहीं मिल पा रही है। सरकारी सुविधा के नाम पर मात्र राशन मिल पा रहा है। चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके लिए दूध व सब्जी और अन्य खाने के सामान की भी जरूरत पड़ती है। इस संबंध में जब प्रभारी चिकित्सक पूनम लता से जानकारी लेनी चाही, तो उनके मोबाइल का स्विच आफ होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
विज्ञापन