{"_id":"5f455d1d8ebc3e6d003d50fe","slug":"the-best-arjava-religion-is-to-abandon-deceit-and-live-a-simple-life-shastri-devband-news-mrt4979943146","type":"story","status":"publish","title_hn":"छल कपट त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म : शास्त्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छल कपट त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म : शास्त्री
विज्ञापन
नृत्य करता बालक
- फोटो : DEVBAND
छल कपट त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म : शास्त्री
देवबंद (सहारनपुर)। दशलक्षण पर्व में तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना की गई। प्रदीप शास्त्री जी ने बताया कि अपने भीतर से छल कपट को त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म है।
भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाडा, मंदिर जी बाहरा, पंचायती मंदिर नेचलगढ़ और भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर कानून गोयान में मंगलवार को उत्तम आर्जव धर्म मनाया गया। इस दौरान जैन मंदिर में सोलह कारण भावना व दशलक्षण धर्म विधान में विशेष पूजा-अर्चना की गई। प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि जीवन की सबसे अधिक उलझने दिखावा और आडंबरों की देन है। जब तक मनुष्य अपने भीतर से छल कपट और मायाचारी को त्यागकर सादगी भरा जीवन व्यतीत नहीं करेगा तब तक वह उलझनों में रहेगा। हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे व्यवहार से किसी को कष्ट न पहुंचे। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को ईमानदारी, सरलता, सादगी और मन को कोमल रखने की शिक्षा दी।
इससे पूर्व सोमवार की रात में श्री जैन युवा जागृति मंच द्वारा ऑनलाइन नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। ग्रुप-ए में प्रनिका जैन व नित्या जैन प्रथम, विहर्ष जैन व आराध्या जैन द्वितीय, आरवी जैन व पाश्वी जैन तृतीय स्थान पर रहे। ग्रुप-बी में आराध्या गर्ग प्रथम, मिलिंद जैन व नित्या जैन द्वितीय और आहाना जैन व अक्षय जैन तृतीय एवं ग्रुप सी में पायल जैन प्रथम, रिया जैन व निष्ठा जैन द्वितीय और अर्चना जैन व अनुज जैन तृतीय स्थान पर रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। दशलक्षण पर्व में तीसरे दिन उत्तम आर्जव धर्म की पूजा-अर्चना की गई। प्रदीप शास्त्री जी ने बताया कि अपने भीतर से छल कपट को त्यागकर सरल जीवन जीना ही उत्तम आर्जव धर्म है।
भगवान पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर सरागवाडा, मंदिर जी बाहरा, पंचायती मंदिर नेचलगढ़ और भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर कानून गोयान में मंगलवार को उत्तम आर्जव धर्म मनाया गया। इस दौरान जैन मंदिर में सोलह कारण भावना व दशलक्षण धर्म विधान में विशेष पूजा-अर्चना की गई। प्रदीप शास्त्री पीयूष ने बताया कि जीवन की सबसे अधिक उलझने दिखावा और आडंबरों की देन है। जब तक मनुष्य अपने भीतर से छल कपट और मायाचारी को त्यागकर सादगी भरा जीवन व्यतीत नहीं करेगा तब तक वह उलझनों में रहेगा। हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे व्यवहार से किसी को कष्ट न पहुंचे। शास्त्री ने श्रद्धालुओं को ईमानदारी, सरलता, सादगी और मन को कोमल रखने की शिक्षा दी।
विज्ञापन
इससे पूर्व सोमवार की रात में श्री जैन युवा जागृति मंच द्वारा ऑनलाइन नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की गई। ग्रुप-ए में प्रनिका जैन व नित्या जैन प्रथम, विहर्ष जैन व आराध्या जैन द्वितीय, आरवी जैन व पाश्वी जैन तृतीय स्थान पर रहे। ग्रुप-बी में आराध्या गर्ग प्रथम, मिलिंद जैन व नित्या जैन द्वितीय और आहाना जैन व अक्षय जैन तृतीय एवं ग्रुप सी में पायल जैन प्रथम, रिया जैन व निष्ठा जैन द्वितीय और अर्चना जैन व अनुज जैन तृतीय स्थान पर रहे।

आनलाइन प्रतियोगिता में नृत्य करती बच्ची- फोटो : DEVBAND
विज्ञापन