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Muzaffarnagar News: बताइए... ई-नाम की इमारत में कब माला माल होंगे किसान - A
Fri, 13 Oct 2023 12:52 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 Oct 2023 12:52 AM IST
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अमर उजाला पड़ताल:
ई-नाम की ईमारत की उखड़ने लगीं परत, नहीं हुआ शुभारंभ
- नवीन मंडी स्थल पर 1.40 करोड़ में बनी बिल्डिंग का गेट भी टूटा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नवीन मंडी स्थल पर ई-नाम की इमारत की परते उखड़ने लगी है, लेकिन अभी तक यहां उत्पादों की बिक्री का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। दो साल से यह इमारत सफेद हाथी साबित हो रही है।
केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने जनपद के किसान को देशभर के व्यापारियों से जोड़ने के लिए नवीन मंडी स्थल पर इलेक्ट्रॉनिक्स-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) का ऑफिस बनाया है। भवन के निर्माण का कार्य दो वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यहां के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है। यहां का किसान सीधे देश के किसी भी प्रदेश और शहर में अपना उत्पाद बेच सकेगा। किसान का माल मंडी में प्लेटफार्म पर रखा जाएगा। यहां से यह ऑनलाइन चढ़ेगा। ई-नाम के शुरू हो जाने से जनपद के किसान के लिए पूरे देश का बाजार खुल जाएगा। जहां किसान को ज्यादा दाम मिलेंगे वहां अपनी फसल बेचेगा। सरकार और प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण ई-नाम की इमारत है। तीन मंजिला यह इमारत दो साल से सफेद हाथी साबित हो रही है। इमारत की परतें उखड़ने लगी हैं और दरवाजा भी टूट गया। पूरी बिल्डिंग में धूल गुब्बार है।
किसी भी फसल को बेच सकेगा किसान
किसान मंडी में ई-नाम के माध्यम से गुड़, गेहूं, धान, मक्का आदि कोई भी फसल बेच सकेगा। देश में किस वस्तु का किस शहर में क्या रेट चल रहा है सीधे देख सकेगा।
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जल्द लाभ मिलना होगा शुरू : बालियान
केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि किसानों को ई-नाम का लाभ जल्द मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए वह अफसरों से बात कर रहे हैं। ई-नाम की स्कीम का निर्णय केंद्र सरकार ने 2014-15 में लिया था।
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ई-नाम की ईमारत की उखड़ने लगीं परत, नहीं हुआ शुभारंभ
- नवीन मंडी स्थल पर 1.40 करोड़ में बनी बिल्डिंग का गेट भी टूटा
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नवीन मंडी स्थल पर ई-नाम की इमारत की परते उखड़ने लगी है, लेकिन अभी तक यहां उत्पादों की बिक्री का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। दो साल से यह इमारत सफेद हाथी साबित हो रही है।
केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने जनपद के किसान को देशभर के व्यापारियों से जोड़ने के लिए नवीन मंडी स्थल पर इलेक्ट्रॉनिक्स-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) का ऑफिस बनाया है। भवन के निर्माण का कार्य दो वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यहां के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती है। यहां का किसान सीधे देश के किसी भी प्रदेश और शहर में अपना उत्पाद बेच सकेगा। किसान का माल मंडी में प्लेटफार्म पर रखा जाएगा। यहां से यह ऑनलाइन चढ़ेगा। ई-नाम के शुरू हो जाने से जनपद के किसान के लिए पूरे देश का बाजार खुल जाएगा। जहां किसान को ज्यादा दाम मिलेंगे वहां अपनी फसल बेचेगा। सरकार और प्रशासन की लापरवाही का सबसे बड़ा उदाहरण ई-नाम की इमारत है। तीन मंजिला यह इमारत दो साल से सफेद हाथी साबित हो रही है। इमारत की परतें उखड़ने लगी हैं और दरवाजा भी टूट गया। पूरी बिल्डिंग में धूल गुब्बार है।
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किसी भी फसल को बेच सकेगा किसान
किसान मंडी में ई-नाम के माध्यम से गुड़, गेहूं, धान, मक्का आदि कोई भी फसल बेच सकेगा। देश में किस वस्तु का किस शहर में क्या रेट चल रहा है सीधे देख सकेगा।
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जल्द लाभ मिलना होगा शुरू : बालियान
केंद्रीय पशुधन राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि किसानों को ई-नाम का लाभ जल्द मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए वह अफसरों से बात कर रहे हैं। ई-नाम की स्कीम का निर्णय केंद्र सरकार ने 2014-15 में लिया था।