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शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड से करानी होगी जांच
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शिक्षकों को मेडिकल बोर्ड से करानी होगी जांच
मुजफ्फरनगर। अंतर जनपदीय तबादले के लिए बीमारी से संबंधित दस्तावेज देने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य की जांच करानी होगी। ऐसे 61 शिक्षकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। छह मार्च तक जांच नहीं कराने पर उनके आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।
शासन ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों से आनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 648 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। इनमें से 335 शिक्षकों के आवेदन पर आपत्ति लगी है। जिन शिक्षकों ने बीमारी से संबंधित दस्तावेज संलग्न किए हैं उनका जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से सत्यापन कराया जाना है। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षकों को छह मार्च तक मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर बीमारी से संबंधित जांच करानी होगी। कोई शिक्षक जांच नहीं कराता है या बीमारी से संबंधित उसका दावा सही नहीं पाया जाता है तो तबादले का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, तबादले की प्रक्रिया लंबी होने से शिक्षक परेशान हैं। प्रक्रिया अप्रैल तक चलेगी। इससे शिक्षकों का अपने पसंदीदा जिले में जाने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।
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मुजफ्फरनगर। अंतर जनपदीय तबादले के लिए बीमारी से संबंधित दस्तावेज देने वाले शिक्षकों को जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से स्वास्थ्य की जांच करानी होगी। ऐसे 61 शिक्षकों की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। छह मार्च तक जांच नहीं कराने पर उनके आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।
शासन ने अंतर जनपदीय तबादले के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों से आनलाइन आवेदन मांगे थे। जिले से 648 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे। इनमें से 335 शिक्षकों के आवेदन पर आपत्ति लगी है। जिन शिक्षकों ने बीमारी से संबंधित दस्तावेज संलग्न किए हैं उनका जिला स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड से सत्यापन कराया जाना है। बीएसए रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि शिक्षकों को छह मार्च तक मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होकर बीमारी से संबंधित जांच करानी होगी। कोई शिक्षक जांच नहीं कराता है या बीमारी से संबंधित उसका दावा सही नहीं पाया जाता है तो तबादले का आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। उधर, तबादले की प्रक्रिया लंबी होने से शिक्षक परेशान हैं। प्रक्रिया अप्रैल तक चलेगी। इससे शिक्षकों का अपने पसंदीदा जिले में जाने की उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है।
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