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मानव संपदा पोर्टल को लेकर अध्यापक परेशान, समाधान की मांग

Thu, 30 Jul 2020 11:33 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:33 PM IST
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Teacher worried about human property portal
संवाद न्यूज एजेंसी
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देवबंद (सहारनपुर)। कोरोना आपदा के चलते पूरे देश में वर्तमान में स्कूल कॉलेज बंद हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने जून माह के मध्य में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पंजीकृत छात्र छात्राओं को 76 दिन की कंवर्जन कास्ट और गेहूं-चावल वितरण के आदेश किए थे, लेकिन 45 दिन बाद भीवितरण कार्य आरंभ नहीं हो सका। इस कारण अध्यापक वर्ग की परेशान बढ़ी हुई हैं।
प्रदेश स्तर पर विद्यालयों को 80 प्रतिशत उपस्थिति के अनुसार प्रति माह धन और गेहूं-चावल दिया जाता है। मगर अब सभी छात्र छात्राओं को दिए जाने का आदेश है। जिस कारण गेहूं-चावल और धन की पूर्ति का भी बड़ा प्रश्न है, क्योंकि वितरण के समय सभी आएंगे। सरकारी आदेशों के मुताबिक प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 371 रुपये, 7 किलो 600 ग्राम गेहूं चावल और उच्च प्राथमिक स्तर पर प्रति छात्र 561 रुपये और 11किलो 400 ग्राम गेहूं चावल देने हैं।
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अध्यापक मो. हनीफ, राजकुमार, सुरेश पाल आदि ने कहा भले ही यह ऊंट के मुंह में जीरा हो, मगर पिछले 45 दिन से गरीब छात्र छात्राएं इससे वंचित हैं। इतना ही नहीं जो धनराशि छात्र छात्राओं को मिलनी है, वे बैंक द्वारा सीधे खातों में जाना है, लेकिन बैंककर्मी इसमें सहयोग के लिए तैयार नहीं हैं और न ही विभाग की ओर से बैंकों को कोई निर्देश दिए गए हैं। अध्यापकों ने कहा इसी प्रकार फर्जी अध्यापक अनामिका कांड के बाद सरकार फर्जी अध्यापकों की धर पकड़ और मूल शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच करा रही है। इसके चलते सभी अध्यापकों को मूल प्रमाण पत्र व पैनकार्ड प्रदेश सरकार की साइट पर अपलोड करने है, लेकिन साइट अधिकांश समय बंद रहती है। जबकि 31 जुलाई इसकी अंतिम तिथि है और सरकार ने ऐसा न करने वालों का वेतन रोकने की चेतावनी दी हुई है। आरोप लगाया कि अध्यापक अपने मूल प्रमाण पत्रों के लिए भटक रहे हैं, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण शिक्षक संगठन अपना वजूद खो चुके हैं और उनकी पकड़ विभागीय कार्यालयों में लगातार कमजोर हो रही है।
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खाद्यान्न आ चुका जल्द होगा वितरण : एबीएसए
देवबंद। खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) डॉ. प्रभात कुमार का कहना है कि छात्र छात्राओं को वितरण किया जाना वाला खाद्यान्न आ चुका है। इसके वितरण के लिए आदेश भी दिए जा चुके हैं। एक या दो दिन में इसका वितरण शुरू हो जाएगा। वहीं, मानव संपदा पोर्टल पर अध्यापकों के सत्यापन को लेकर आ रही दिक्कत पर डॉ. प्रभात कुमार ने कहा साइट को लेकर पूरे प्रदेश में परेशानी आ रही है। इसकी वजह से अध्यापकों को टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 31 जुलाई के बाद भी निश्चित तौर पर समय बढ़ेगा।
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