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ड्रोन कैमरे से शुरू हुआ घरौनी का सर्वे
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खतौली के गांव पिपलहेड़ा में ड्रोन कैमरे से गांव को नक्शा बनाते राजस्व कर्मी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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ड्रोन कैमरे से शुरू हुआ घरौनी का सर्वे
मुजफ्फरनगर, खतौली। केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों के स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए ड्रोन कैमरे से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद ग्रामीणों को उनके मकान की घरौनी का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
खतौली क्षेत्र में अभियान के तहत बुधवार को गांव टबीटा, यूसुफपुर पीपलहेड़ा, टिटौड़ा, ककराला, मढ़करीमपुर, शाहपुर, सिखरेड़ा, मोहद्दीनपुर, बाहपुर और गंगधाड़ी में ड्रोन कैमरे से सर्वे किया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। सर्वे पूरा करने के बाद डाटा तैयार कर अफसरों को भेजा जाएगा। तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी ने बताया कि सर्वे के तहत यह पता लगाया जाएगा कि किस ग्रामीण का मकान कितने क्षेत्रफल में बना हुआ है। इसका सीमांकन कराने के बाद ग्रामीणों को घरौनी दी जाएगी, जिससे ग्रामीणों को हैसियत प्रमाण पत्र के साथ ही बैंक लोन आदि लेने में भी आसानी होगी। वहीं, एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि जमीन की खसरा-खतौनी की तर्ज पर ही ग्रामीणों के घरों के क्षेत्रफल के आधार पर उन्हें घरौनी दी जाएगी। अभियान के प्रथम चरण में 25 गांवों का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है।
नागिन नदी की पैमाइश का काम जल्द होगा पूरा
खतौली। गांव अंतवाड़ा से निकली नागिन नदी के पुनरुद्धार अभियान के तहत एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने लेखपालों को नदी की भूमि की पैमाइश जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद नदी की भूमि पर किसानों द्वारा किए गए सभी अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे, ताकि नदी को पुनर्जीवित किया जा सके। नीर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमन त्यागी के प्रयासों से नागिन नदी को पुनर्जीवित करने की योजना पर गंभीरता से काम चल रहा है। एसडीएम ने बताया कि जल्द ही पैमाइश पूरी कर नदी की जमीन को किसानों के अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा, ताकि नागिन नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाया जा सके।
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मुजफ्फरनगर, खतौली। केंद्र सरकार द्वारा संचालित स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी वाले क्षेत्रों के स्वामित्व संबंधी अभिलेख तैयार करने के लिए ड्रोन कैमरे से सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद ग्रामीणों को उनके मकान की घरौनी का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया जाएगा।
खतौली क्षेत्र में अभियान के तहत बुधवार को गांव टबीटा, यूसुफपुर पीपलहेड़ा, टिटौड़ा, ककराला, मढ़करीमपुर, शाहपुर, सिखरेड़ा, मोहद्दीनपुर, बाहपुर और गंगधाड़ी में ड्रोन कैमरे से सर्वे किया गया। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। सर्वे पूरा करने के बाद डाटा तैयार कर अफसरों को भेजा जाएगा। तहसीलदार पुष्करनाथ चौधरी ने बताया कि सर्वे के तहत यह पता लगाया जाएगा कि किस ग्रामीण का मकान कितने क्षेत्रफल में बना हुआ है। इसका सीमांकन कराने के बाद ग्रामीणों को घरौनी दी जाएगी, जिससे ग्रामीणों को हैसियत प्रमाण पत्र के साथ ही बैंक लोन आदि लेने में भी आसानी होगी। वहीं, एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने बताया कि जमीन की खसरा-खतौनी की तर्ज पर ही ग्रामीणों के घरों के क्षेत्रफल के आधार पर उन्हें घरौनी दी जाएगी। अभियान के प्रथम चरण में 25 गांवों का ड्रोन के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है।
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नागिन नदी की पैमाइश का काम जल्द होगा पूरा
खतौली। गांव अंतवाड़ा से निकली नागिन नदी के पुनरुद्धार अभियान के तहत एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने लेखपालों को नदी की भूमि की पैमाइश जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। पैमाइश पूरी होने के बाद नदी की भूमि पर किसानों द्वारा किए गए सभी अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे, ताकि नदी को पुनर्जीवित किया जा सके। नीर फाउंडेशन के अध्यक्ष रमन त्यागी के प्रयासों से नागिन नदी को पुनर्जीवित करने की योजना पर गंभीरता से काम चल रहा है। एसडीएम ने बताया कि जल्द ही पैमाइश पूरी कर नदी की जमीन को किसानों के अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा, ताकि नागिन नदी को उसके पुराने स्वरूप में लाया जा सके।
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