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भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष का कोर्ट में सरेंडर
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Fri, 13 Apr 2018 12:12 AM IST
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कोर्ट में पेश होने जाता भीम आर्मी का जिलाध्यक्ष।
- फोटो : अमर उजाला
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दो अप्रैल को दलितों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और उपद्रव के मामलों में नामजद आरोपी भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष उपकार बावरा ने बृहस्पतिवार को पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उसे 26 अप्रैल तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
आरोपी की आरपीएफ, जीआरपी के अलावा नई मंडी, सिविल लाइन और शहर कोतवाली पुलिस को तलाश थी। अब उससे हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की कार्रवाई करेंगी। उधर, हिंसा में नामजद किए बाकी तीन आरोपियों को भी पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी है।
दो अप्रैल को शहर में दलितों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। नई मंडी कोतवाली पुलिस के अलावा जीआरपी, आरपीएफ ने उपकार बावरा, विकास मेडियान संजीव, सन्नी सिल्लन को नामजद करते हुए करीब 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किए हैं। पुलिस इनमें से अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी, जबकि पुलिस बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम समेत 91 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
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हिंसा के मामले में आरोपी नई मंडी के गांव अलमासपुर निवासी एवं भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बनाए जाने वाले उपकार बावरा ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। इसके कोर्ट में पेश होने की जानकारी पुलिस को पेश होने पर लगी। वह पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया। जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तीन की जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। हिंसा और उपद्रव के मामले में जेल भेजे गए तीन आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिन्हें कोर्ट ने यह कह कर खारिज कर दिया कि यह मामला यहां जमानत योग्य नहीं है। अदालत ने आरोपी उपेंद्र, सचिन और मोनिक की जमानत याचिका रद्द की है।
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आरोपी की आरपीएफ, जीआरपी के अलावा नई मंडी, सिविल लाइन और शहर कोतवाली पुलिस को तलाश थी। अब उससे हिंसा के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की कार्रवाई करेंगी। उधर, हिंसा में नामजद किए बाकी तीन आरोपियों को भी पुलिस अभी तक पकड़ नहीं सकी है।
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दो अप्रैल को शहर में दलितों के आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। नई मंडी कोतवाली पुलिस के अलावा जीआरपी, आरपीएफ ने उपकार बावरा, विकास मेडियान संजीव, सन्नी सिल्लन को नामजद करते हुए करीब 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किए हैं। पुलिस इनमें से अभी तक किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी, जबकि पुलिस बसपा जिलाध्यक्ष कमल गौतम समेत 91 आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
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हिंसा के मामले में आरोपी नई मंडी के गांव अलमासपुर निवासी एवं भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष बनाए जाने वाले उपकार बावरा ने बृहस्पतिवार को कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया। इसके कोर्ट में पेश होने की जानकारी पुलिस को पेश होने पर लगी। वह पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया। जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तीन की जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। हिंसा और उपद्रव के मामले में जेल भेजे गए तीन आरोपियों की ओर से कोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की गई, जिन्हें कोर्ट ने यह कह कर खारिज कर दिया कि यह मामला यहां जमानत योग्य नहीं है। अदालत ने आरोपी उपेंद्र, सचिन और मोनिक की जमानत याचिका रद्द की है।