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गन्ने की पत्तियों व गोवंश से भर दी तहसील
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बुढ़ाना में तहसील में भाकियू के धरने पर गोवंश लेकर पहुंचे ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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गन्ने की पत्तियों और गोवंश से भर दी तहसील
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू का तहसील में धरना-प्रदर्शन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। गांवों से किसान ट्रैक्टर ट्राली में गन्ने की पत्तियां व गोवंश लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ने की पत्तियों व गोवंश से तहसील परिसर को भर डाला।
गन्ने की पत्तियों व फसल के अवशेष खेतों में जलाने पर हुए फर्जी मुकदमों का निस्तारण नहीं होने से किसानों में सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। गन्ने के बकाया भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में भाकियू का धरना प्रदर्शन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों की विभिन्न समस्याओं के साथ प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने के रेट की घोषणा से किसानों में और अधिक रोष फैल गया। धरनास्थल पर किसानों ने जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि भाजपा को वोट देने का खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। जल्द ही आने वाले समय में किसानों को मजबूरी में अपनी जमीन छोड़कर शहरों में मजदूरी करनी पड़ेगी। किसान अपने पशुओं व बच्चों के भविष्य के लिए बेबस नजर आ रहा है। उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार ने कहा कि किसानों को पहले जंगली सुअर परेशान कर रहे थे। उनका धीर-धीरे खात्मा हुआ तो जंगली गायों ने परेशान करना आरंभ कर दिया। किसानों के खेत के खेत बर्बाद कर दिए। गरीब किसानों की किसी ने नहीं सुनीं। सोमपाल पंवार ने कहा कि किसान संगठित होकर भी सरकार व प्रशासन का कुछ नहीं कर पा रहा है। प्रदेश के किसानों व मजदूरों को एक मंच पर आकर सरकार को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 11 दिसंबर को सभी गांवों के ग्रामीण अपने-अपने गांवों से आवारा पशुओं व गन्ने की पत्तियों को ट्रैक्टर ट्राली में लेकर तहसील मुख्यालय में पहुंचेंगे। इस मौके पर जोनी, प्रवेंद्र, प्रवीण, जगवीर, विपिन, हाकम अली, तैमूर, धीर सिंह व लक्ष्मण त्यागी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अटेरना गांव के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ भाकियू नेेता विकास त्यागी ने किया।
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भाकियू का तहसील में धरना-प्रदर्शन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। गांवों से किसान ट्रैक्टर ट्राली में गन्ने की पत्तियां व गोवंश लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ने की पत्तियों व गोवंश से तहसील परिसर को भर डाला।
गन्ने की पत्तियों व फसल के अवशेष खेतों में जलाने पर हुए फर्जी मुकदमों का निस्तारण नहीं होने से किसानों में सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी है। गन्ने के बकाया भुगतान सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील परिसर में भाकियू का धरना प्रदर्शन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों की विभिन्न समस्याओं के साथ प्रदेश सरकार द्वारा गन्ने के रेट की घोषणा से किसानों में और अधिक रोष फैल गया। धरनास्थल पर किसानों ने जमकर हंगामा व प्रदर्शन किया। भाकियू के तहसील अध्यक्ष अनुज बालियान ने कहा कि भाजपा को वोट देने का खामियाजा भुगतना ही पड़ेगा। जल्द ही आने वाले समय में किसानों को मजबूरी में अपनी जमीन छोड़कर शहरों में मजदूरी करनी पड़ेगी। किसान अपने पशुओं व बच्चों के भविष्य के लिए बेबस नजर आ रहा है। उसकी सुनने वाला कोई नहीं है। ब्लॉक अध्यक्ष संजीव पंवार ने कहा कि किसानों को पहले जंगली सुअर परेशान कर रहे थे। उनका धीर-धीरे खात्मा हुआ तो जंगली गायों ने परेशान करना आरंभ कर दिया। किसानों के खेत के खेत बर्बाद कर दिए। गरीब किसानों की किसी ने नहीं सुनीं। सोमपाल पंवार ने कहा कि किसान संगठित होकर भी सरकार व प्रशासन का कुछ नहीं कर पा रहा है। प्रदेश के किसानों व मजदूरों को एक मंच पर आकर सरकार को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। इस मौके पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 11 दिसंबर को सभी गांवों के ग्रामीण अपने-अपने गांवों से आवारा पशुओं व गन्ने की पत्तियों को ट्रैक्टर ट्राली में लेकर तहसील मुख्यालय में पहुंचेंगे। इस मौके पर जोनी, प्रवेंद्र, प्रवीण, जगवीर, विपिन, हाकम अली, तैमूर, धीर सिंह व लक्ष्मण त्यागी ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन अटेरना गांव के पूर्व प्रधान व वरिष्ठ भाकियू नेेता विकास त्यागी ने किया।
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