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Muzaffarnagar News: गन्ने ने 4500 करोड़ से भर दी किसानों की झोली

Mon, 08 May 2023 11:55 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 11:55 PM IST
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Sugarcane filled farmers' bags with 4500 crores
- आठ चीनी मिले रिकार्ड 3533 करोड़ का करेगी भुगतान इस बार
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- 2831 करोड़ का भुगतान किसानों के खातों में पहुंच चुका अब तक
- 950 करोड़ क्रेशर, कोल्हुओं और गन्ने के जूस से मिला


रणवीर सैनी
मुजफ्फरनगर। जिले में गन्ना किसानों को इस बार रिकॉर्ड उपज के चलते 45 अरब रुपये मिलेंगे। आठ चीनी मिल 3533 करोड़ का भुगतान करेंगी, जिसमें 2831 करोड़ का भुगतान किसानों के खातों में पहुंच चुका है। अब तक का जिले के किसानों को 3403 करोड़ का भुगतान करने का रिकॉर्ड था, जो इस बार टूट गया है। इसके अलावा किसानों ने कोल्हुओं, क्रशर और गन्ने के जूस में 950 करोड़ का गन्ना बेचा है।
गन्ना जिले के किसानों की पहली पसंद है। प्रतिवर्ष यहां गन्ने का रकबा बढ़ता जा रहा है। यहां का किसान गन्ने की फसल को सबसे सुरक्षित उपज मानता है। जिले में एक लाख 71 हजार 236 हेक्टेयर जमीन में 13 करोड़ 50 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन हुआ है। इसमें दस करोड़ 20 लाख 69 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई जिले की आठ चीनी मिलों ने की है। चीनी मिलों ने एक करोड़ चार लाख 47 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है। 526 लाख क्विंटल हैवी शीरा बनाया है।
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इस गन्ने के बदले किसानों को चीनी मिल कुल 35 अरब 33 करोड़ 28 लाख पांच हजार का भुगतान करेगी। 28 अरब 31 करोड़ का भुगतान चीनी मिले किसानों को सत्र के बीच में ही कर चुकी हैं। जिले में चीनी मिलों ने पहली बार अब तक किसानों को सर्वाधिक भुगतान गत वर्ष 3403 करोड़ 43 लाख आठ हजार का किया था। इस बार अब तक का रिकॉर्ड टूट गया है।
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गन्ना विभाग के सर्वे और रिकार्ड के अनुसार 25 प्रतिशत गन्ना कोल्हुओं, क्रशर और जूस के लिए किसान देते हैं। तीन करोड़ 30 लाख क्विंटल गन्ना इसमें गया है। किसानों को इससे 950 करोड़ की आय हुई है। कुल मिलाकर जिले के गन्ना किसानों को इस बार उपज से 45 अरब मिला है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है।


आज हो जाएगा पेराई सत्र का समापन
जिले की तीन चीनी मिलों टिकौला, भैसाना, रोहाना में पेराई सत्र का समापन अप्रैल माह के अंत में हो चुका है। इस समय पांच चीनी मिले चल रही थी, जिसमें खतौली, खाईखेडी, तितावी के सत्र का समापन नौ मई और मंसूरपुर के सत्र का समापन दस मई को होगा। केवल मोरना में 20 मई तक पेराई चलेगी।



चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ
जिला गन्ना अधिकारी ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि इस सत्र में गन्ने का क्षेत्रफल भी गत वर्ष से अधिक था, गन्ने की खरीद भी अधिक हुई और भुगतान भी अधिक हो रहा है। किसानों को अब से पहले चीनी मिलों ने इतना अधिक भुगतान कभी नहीं किया। चीनी का भी इस बार रिकार्ड उत्पादन हुआ है। गत वर्ष चीनी मिलों ने एक करोड़ तीन लाख 94 हजार क्विंटल चीनी बनाई थी, इस बार इसे क्रास करते हुए एक करोड़ चार लाख 47 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन कर दिया है। गत वर्ष 982.57 लाख क्विंटल गन्ने की खरीद हुई थी जो इस बार 1020.69 लाख क्विंटल हुई है।
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