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Muzaffarnagar News: छात्र-छात्राओं ने सीखी कबाड़ से जुगाड़ की कला
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-तोड़-फोड़ के जोड़ विषय पर राजकीय इंटर कॉलेज में हुई कार्यशाला
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में तोड़फोड़ के जोड़ विषय पर राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यशाला हुई। इसमें 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। लखनऊ से आई टीम ने विद्यार्थियों को कबाड़ से जुगाड़ की कला सिखाई।
प्रधानाचार्य नितिन राठी ने कहा कि कार्यशाला में रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के नए तरीके ढूंढने और चुनौतियों को अवसरों में बदलना सिखाया गया। कचरे से संपति के सिद्धांत को प्रयोग करने के फामूले सुझाए गए। शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने कहा कि कचरे को कचरा न मानकर, आविष्कार के लिए कच्चा माल मानें। पुराने टायरों को रंगीन सीटों में बदलने, टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक्स को कला की कृतियों में बदलना यह सब दिमाग का खेल है। कबाड़ से जुगाड़ गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट मॉडल बनाए। सुपर कूल्ड शो, विज्ञान बनाम चमत्कार आदि का रोचक प्रदर्शन किया गया। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉक्टर विकास कुमार ने कहा कि नवाचार किसी समस्या को हल करने का स्मार्ट तरीका है। यह वह बदलाव है, जो लोगों की मदद करता है और दुनिया को बेहतर बनाता है। बाल वैज्ञानिकों को विज्ञान किट दी गई। कार्यशाला में ललिता, पायल, खुशी, बुशरा, सोनम, कनक, माधवी, वंशिका, साजिद, विनय सैनी, लक्की कुमार, जैद, समीर मलिक आदि शामिल हुए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में तोड़फोड़ के जोड़ विषय पर राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यशाला हुई। इसमें 400 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। लखनऊ से आई टीम ने विद्यार्थियों को कबाड़ से जुगाड़ की कला सिखाई।
प्रधानाचार्य नितिन राठी ने कहा कि कार्यशाला में रोजमर्रा की समस्याओं को हल करने के नए तरीके ढूंढने और चुनौतियों को अवसरों में बदलना सिखाया गया। कचरे से संपति के सिद्धांत को प्रयोग करने के फामूले सुझाए गए। शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने कहा कि कचरे को कचरा न मानकर, आविष्कार के लिए कच्चा माल मानें। पुराने टायरों को रंगीन सीटों में बदलने, टूटे हुए इलेक्ट्रॉनिक्स को कला की कृतियों में बदलना यह सब दिमाग का खेल है। कबाड़ से जुगाड़ गतिविधि में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट मॉडल बनाए। सुपर कूल्ड शो, विज्ञान बनाम चमत्कार आदि का रोचक प्रदर्शन किया गया। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक डॉक्टर विकास कुमार ने कहा कि नवाचार किसी समस्या को हल करने का स्मार्ट तरीका है। यह वह बदलाव है, जो लोगों की मदद करता है और दुनिया को बेहतर बनाता है। बाल वैज्ञानिकों को विज्ञान किट दी गई। कार्यशाला में ललिता, पायल, खुशी, बुशरा, सोनम, कनक, माधवी, वंशिका, साजिद, विनय सैनी, लक्की कुमार, जैद, समीर मलिक आदि शामिल हुए।
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