{"_id":"6037ef408ebc3ee913795f44","slug":"student-suicide-case-mobile-of-main-accused-is-locked-for-four-months-muzaffarnagar-news-mrt527208563","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा आत्महत्या कांड : चार माह से ही बंद है मुख्य आरोपी का मोबाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा आत्महत्या कांड : चार माह से ही बंद है मुख्य आरोपी का मोबाइल
विज्ञापन
छात्रा आत्महत्या कांड : चार माह से ही बंद है मुख्य आरोपी का मोबाइल
मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी छात्रा की आत्महत्या के मामले में आरोपी प्रेमी तुषार को जेल भेज दिया गया है। उसका मोबाइल पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, लेकिन वह चार माह से बंद बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि सामूहिक दुष्कर्म की तहरीर दिए जाने के बाद उसका डाटा डिलीट कर दिया गया है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निवासी नाबालिग छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले उसके प्रेमी तुषार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तुषार का मोबाइल पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है, लेकिन वह चार माह से बंद बताया जा रहा है। चार माह पूर्व ही छात्रा के साथ प्रेमी व उसके तीन दोस्तों द्वारा ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की तहरीर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने समझौता करा दिया था। आशंका जताई जा रही है कि तहरीर दिए जाने के बाद ही उक्त मोबाइल बंद कर दिया गया। मोबाइल का तमाम डाटा, जिसमें छात्रा की आपत्तिजनक वीडियो व फोटो हैं, उन्हें भी डिलीट कर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस मोबाइल को ऑन कराकर उससे डाटा रिकवर कराए जाने के प्रयास कर रही है।
72 घंटे बाद भी प्रेमी के दोस्तों पर नहीं हुई कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। प्रेमी व उसके दोस्तों की ब्लैकमेलिंग के चलते आत्महत्या करने को विवश हुई नाबालिग छात्रा का प्रेमी जेल भेजा जा चुका है, लेकिन उसके तीनों दोस्त घटना के 72 घंटे बाद भी आजाद घूम रहे हैं। थाना पुलिस ने उनसे पूछताछ करना तो दूर, उनके मोबाइल तक चेक नहीं किए हैं। इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि संभवत: उनके मोबाइलों से भी छात्रा को ब्लैकमेल किए जाने संबंधी फोटो व वीडियो डिलीट किए जा चुके होंगे, जिसके बाद पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं होगा।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर बनाई गई थी फर्जी आईडी
मुजफ्फरनगर। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा की आरोपी प्रेमी व उसके दोस्तों द्वारा सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी भी बनाई गई थी। इन आईडी पर छात्रा के संबंध में लगातार अनर्गल पोस्ट की जा रही थी। पीड़िता ने 11 सितंबर 2020 को दी गई तहरीर में भी इसका हवाला दिया था, लेकिन पुलिस इतने गंभीर आरोपों पर भी कार्रवाई के बजाये समझौता कराने में लगी रही।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि छात्रा के प्रेमी का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उसके डाटा से ही ब्लैकमेलिंग समेत अन्य आरोपों की पुष्टि संभव है, जिसके चलते बंद मोबाइल को ऑन कर डाटा रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी के तीनों दोस्त पुलिस जांच के दायरे में हैं, जांच में तथ्य सामने आने पर उनके खिलाफ भी निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। नई मंडी क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी छात्रा की आत्महत्या के मामले में आरोपी प्रेमी तुषार को जेल भेज दिया गया है। उसका मोबाइल पुलिस ने कब्जे में ले लिया है, लेकिन वह चार माह से बंद बताया जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि सामूहिक दुष्कर्म की तहरीर दिए जाने के बाद उसका डाटा डिलीट कर दिया गया है।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला निवासी नाबालिग छात्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले उसके प्रेमी तुषार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तुषार का मोबाइल पुलिस ने जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है, लेकिन वह चार माह से बंद बताया जा रहा है। चार माह पूर्व ही छात्रा के साथ प्रेमी व उसके तीन दोस्तों द्वारा ब्लैकमेल कर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की तहरीर दी गई थी, जिसमें पुलिस ने समझौता करा दिया था। आशंका जताई जा रही है कि तहरीर दिए जाने के बाद ही उक्त मोबाइल बंद कर दिया गया। मोबाइल का तमाम डाटा, जिसमें छात्रा की आपत्तिजनक वीडियो व फोटो हैं, उन्हें भी डिलीट कर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस मोबाइल को ऑन कराकर उससे डाटा रिकवर कराए जाने के प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
72 घंटे बाद भी प्रेमी के दोस्तों पर नहीं हुई कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। प्रेमी व उसके दोस्तों की ब्लैकमेलिंग के चलते आत्महत्या करने को विवश हुई नाबालिग छात्रा का प्रेमी जेल भेजा जा चुका है, लेकिन उसके तीनों दोस्त घटना के 72 घंटे बाद भी आजाद घूम रहे हैं। थाना पुलिस ने उनसे पूछताछ करना तो दूर, उनके मोबाइल तक चेक नहीं किए हैं। इसके चलते आशंका जताई जा रही है कि संभवत: उनके मोबाइलों से भी छात्रा को ब्लैकमेल किए जाने संबंधी फोटो व वीडियो डिलीट किए जा चुके होंगे, जिसके बाद पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सुबूत नहीं होगा।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर बनाई गई थी फर्जी आईडी
मुजफ्फरनगर। ब्लैकमेलिंग से तंग आकर आत्महत्या करने वाली छात्रा की आरोपी प्रेमी व उसके दोस्तों द्वारा सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी भी बनाई गई थी। इन आईडी पर छात्रा के संबंध में लगातार अनर्गल पोस्ट की जा रही थी। पीड़िता ने 11 सितंबर 2020 को दी गई तहरीर में भी इसका हवाला दिया था, लेकिन पुलिस इतने गंभीर आरोपों पर भी कार्रवाई के बजाये समझौता कराने में लगी रही।
एसएसपी अभिषेक यादव का कहना है कि छात्रा के प्रेमी का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उसके डाटा से ही ब्लैकमेलिंग समेत अन्य आरोपों की पुष्टि संभव है, जिसके चलते बंद मोबाइल को ऑन कर डाटा रिकवर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी के तीनों दोस्त पुलिस जांच के दायरे में हैं, जांच में तथ्य सामने आने पर उनके खिलाफ भी निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी।