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Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर - खरीदी जा रही पराली, इसी माह शुरू होगा गाय अभयारण्य

Wed, 01 Nov 2023 11:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Updated Wed, 01 Nov 2023 11:51 PM IST
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Stubble is being purchased, cow sanctuary will start this month
कम्हेडा में होता निर्माण कार्य।संवाद
- 300 बीघा जमीन पर पांच हजार गोवंशीय पशुओं को रखने की व्यवस्था
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- जिले में प्रदेश के पहले गाय अभयारण्य का निर्माण अंतिम चरण में
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदेश के पहले गाय अभयारण्य के इसी महीने शुरू होने की उम्मीद है। 300 बीघा जमीन पर पांच हजार गोवंशीय पशुओं को रखे जाने की व्यवस्था की गई है। पशुओं के लिए चारे का इंतजाम शुरू हो गया है। अभयारण्य के लिए हरियाणा और पंजाब से पराली खरीदी जा रही है।
पुरकाजी के तुगलकपुर कम्हेड़ा में गाय अभयारण्य का निर्माण 30 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 300 बीघा जमीन पर बन रहे इस अभयारण्य में एक साथ पांच हजार पशु रह सकेंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और सीवीओ चंद्रवीर ने बताया कि गाय अभयारण्य का कार्य इसी माह के अंत तक पूरा हो जाएगा। गाय अभयारण्य पर एक दिन में पांच लाख का खर्च आएगा। पशुओं के चारे की व्यवस्था की जा रही है। हरियाणा और पंजाब से पराली एकत्र कराई जा रही है। अन्य चारा भी एकत्र किया जा रहा है।
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इस तरह किया गया पशु संरक्षण
गाय अभयारण्य के अलावा जिले की 65 गोशालाओं में इस समय 3818 पशुओं को सरंक्षण दिया गया है। निकायों में भी पशुओं के लिए आश्रय स्थल बनाए गए हैं। पशुपालन विभाग ने 7800 गोवंश को संरक्षित किया है। वहीं, प्रशासन के तमाम इंतजाम के बावजूद गोवंशीय पशु सड़कों और खेतों पर घूम रहे हैं। लोगों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। खुद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी चंद्रवीर स्वीकार करते हैं कि जिले में आवारा गोवंश की संख्या दो हजार से अधिक है।
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किसानों के लिए मुसीबत बन गए पशु
आवारा गोवंशीय पशु किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। किसानों को फसल बचाने के लिए पहरेदारी करनी पड़ रही है। भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि फसलों को नुकसान का मुआवजा भी सरकार को देना चाहिए। जिन किसानों की मौत पशुओं के हमले में हुई है, उनके परिवारों के सदस्यों को पक्की नौकरी भी दी जानी चाहिए। बेसहारा परिवारों का पालन पोषण कैसे होगा।
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