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Muzaffarnagar News: तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप, एसडीएम को दिया ज्ञापन
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बुढ़ाना(मुजफ्फरनगर)। तहसीलदार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक के नेतृत्व में जुलूस निकाला। तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीण तहसील मुख्यालय पहुंचे तथा उप जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। एसडीएम श्रीकांत विश्वकर्मा को ज्ञापन देकर आंदोलन की भी चेतावनी दी।
दर्जनाें की संख्या में ग्रामीण व युवक सोमवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक के नेतृत्व में हाथों में तख्ती लेकर ग्रामीण तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पहुंचे थे ।
धरना स्थल पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि तहसील मुख्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। तहसीलदार कार्यालय में पैसे के बिना कोई कार्य नही होता। आय, जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने में भी पैसे वसूले जाते है। किसान की खतौनी में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने किसानों के नाम व रकबे में गडबडी की है।
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नाम व रकबा दुरूस्त कराने के लिए किसान को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी नाम व रकबे को ठीक नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जाति प्रमाणपत्र बनवाने जाने वाले ग्रामीणों के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों ने एसडीएम श्रीकांत विश्वकर्मा को ज्ञापन देकर जांच व कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने कार्रवाई न होने पर 12 फरवरी को आंदोलन की घोषणा की। इस मौके पर मनोज कुमार, सोमपाल, मोनू मलिक फुगाना, बाल किशोर त्यागी, रविंद्र व साजिद आदि मौजूद रहे।
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दर्जनाें की संख्या में ग्रामीण व युवक सोमवार को ब्लॉक कार्यालय पहुंचे। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विनोद मलिक के नेतृत्व में हाथों में तख्ती लेकर ग्रामीण तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में तहसील मुख्यालय पहुंचे थे ।
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धरना स्थल पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि तहसील मुख्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। तहसीलदार कार्यालय में पैसे के बिना कोई कार्य नही होता। आय, जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने में भी पैसे वसूले जाते है। किसान की खतौनी में राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने किसानों के नाम व रकबे में गडबडी की है।
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नाम व रकबा दुरूस्त कराने के लिए किसान को अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। करीब एक साल बीत जाने के बाद भी नाम व रकबे को ठीक नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जाति प्रमाणपत्र बनवाने जाने वाले ग्रामीणों के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। ग्रामीणों ने एसडीएम श्रीकांत विश्वकर्मा को ज्ञापन देकर जांच व कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने कार्रवाई न होने पर 12 फरवरी को आंदोलन की घोषणा की। इस मौके पर मनोज कुमार, सोमपाल, मोनू मलिक फुगाना, बाल किशोर त्यागी, रविंद्र व साजिद आदि मौजूद रहे।