फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   STEMI care will be available for heart attack, ECG will be provided at 28 PHCs and CHCs.

Muzaffarnagar News: हृदयघात पर मिलेगी स्टेमी केयर, 28 पीएचसी-सीएचसी पर ईसीजी

Sun, 03 May 2026 12:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 03 May 2026 12:33 AM IST
विज्ञापन
STEMI care will be available for heart attack, ECG will be provided at 28 PHCs and CHCs.
मुजफ्फरनगर। हृदयघात के मरीजों को उपचार के लिए स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में स्टेमी केयर सुविधा की शुरुआत होगी। मरीज को हायर सेंटर रेफर करने के बजाए एक से डेढ़ घंटे तक मरीज को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर उपचार दिया जाएगा। मुख्य मार्गों पर स्थित सीएचसी और पीएचसी पर 28 ईसीजी मशीन उपलब्ध कराई गई हैं। जिससे मरीज की हालत का अंदाजा शुरुआती जांच से ही लगाया जा सके।
विज्ञापन


जिला अस्पताल ओपीडी में प्रतिदिन दिल के 50 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला चिकित्सालय की हार्ट यूनिट में करीब डेढ़ वर्ष से हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण मरीजों को भर्ती नहीं किया जाता। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है लेकिन स्टेमी केयर के माध्यम से हृदयघात के गंभीर मरीजों को जिला चिकित्सालय में तुरंत उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन



आपातकालीन कक्ष में स्थापित होगा स्टेमी केयर सेंटर
सीएमएस डॉ.संजय वर्मा ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में स्टेमी केयर सेंटर की स्थापना होगी। स्टेमी (एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन हृदयघात) की वह स्थिति है, जिसमें हृदय की मांसपेशियों को रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों में से एक पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसकी वजह से हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है। ऐसे हालात में मरीज को समय पर उपचार देने के लिए विशेष सुविधाओं की आवश्यकता होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन




इंजेक्शन उपलब्ध, इंस्टॉल की गईं 28 ईसीजी मशीन
सीएमओ डॉ.सुनील तेवतिया ने बताया कि प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक और पैरा मेडिकल स्टॉफ को स्टेमी हार्ट अटैक से पीड़ित मरीज की पहचान के लिए प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। ऐसे मरीज को मृत्यु का जोखिम अधिक होता है। जिला चिकित्सालय में ऐसे मरीजों के उपचार के लिए स्ट्रेप्टोकाइनेज इंजेक्शन उपलब्ध कराया गया है। बाजार में जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये होती है। यह शरीर में रक्त के थक्कों को घोलने और रक्त प्रवाह बहाल करने में मदद करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed