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स्टेट बैंक ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लगाई प्रदर्शनी
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भारत विभाजन के समय की फोटो और स्लोगन लिखकर किया पुरानी यादों को ताजा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। आजादी के अमृत महोत्सव पर भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे रोड शाखा ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। विभीषिका को प्रदर्शनी लगाकर दर्शाया गया, ताकि नई पीढ़ी उन घटनाओं के बारे में जान सकें। प्रदर्शनी का उद्घाटन सीनियर सिटीजन ओमप्रकाश मलिक ने किया।
शहर के उन वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया है, जिन्होंने आजादी के पहले की विभीषिका को अपनी आंखों से देखा था। भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दिग्विजय शर्मा और मुख्य प्रबंधक योगेश गुप्ता ने सभी को माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद सीनियर सिटीजन ने 1947 की घटनाओं को एक दूसरे के साथ साझा किया, जिन्हें सुनकर सभी की आंखें नम हो गई। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दिग्विजय शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य नई युवा पीढ़ी को जागरूक करना है। भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त ज्ञानचंद संगल ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को यह बताने का प्रयास किया गया है कि हमें आजादी किस कीमत पर मिली है।
ओमप्रकाश मलिक और त्रिलोचन गंभीर ने कई किस्से सभी के साथ साझा किए। इस दौरान मुख्य रूप से राम शरण बजाज, सुरेंद्र गंभीर, बलदेव राज वाधवा, श्रीराम लुभावन जालोतरा, रोशनलाल अरोरा, राजरानी, जागदीश राज वाधवा, सोम प्रकाश ढिल्लो, हरभगवान अरोड़ा, महेंद्र पाल आर्य, राधेश्याम वाधवा, कृष्ण लाल प्रणामी, श्यामलाल स्वामी, अनुज गुप्ता, राजेश कुमार, जितेंद्र बालियान, अशोक कुमार, अजय अग्रवाल, कुलदीप संगल, नेहा कश्यप, प्रतिभा और संजय आदि मौजूद रहे।
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मुजफ्फरनगर। आजादी के अमृत महोत्सव पर भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे रोड शाखा ने भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया। विभीषिका को प्रदर्शनी लगाकर दर्शाया गया, ताकि नई पीढ़ी उन घटनाओं के बारे में जान सकें। प्रदर्शनी का उद्घाटन सीनियर सिटीजन ओमप्रकाश मलिक ने किया।
शहर के उन वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया है, जिन्होंने आजादी के पहले की विभीषिका को अपनी आंखों से देखा था। भारतीय स्टेट बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दिग्विजय शर्मा और मुख्य प्रबंधक योगेश गुप्ता ने सभी को माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद सीनियर सिटीजन ने 1947 की घटनाओं को एक दूसरे के साथ साझा किया, जिन्हें सुनकर सभी की आंखें नम हो गई। बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दिग्विजय शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य नई युवा पीढ़ी को जागरूक करना है। भारतीय स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त ज्ञानचंद संगल ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को यह बताने का प्रयास किया गया है कि हमें आजादी किस कीमत पर मिली है।
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ओमप्रकाश मलिक और त्रिलोचन गंभीर ने कई किस्से सभी के साथ साझा किए। इस दौरान मुख्य रूप से राम शरण बजाज, सुरेंद्र गंभीर, बलदेव राज वाधवा, श्रीराम लुभावन जालोतरा, रोशनलाल अरोरा, राजरानी, जागदीश राज वाधवा, सोम प्रकाश ढिल्लो, हरभगवान अरोड़ा, महेंद्र पाल आर्य, राधेश्याम वाधवा, कृष्ण लाल प्रणामी, श्यामलाल स्वामी, अनुज गुप्ता, राजेश कुमार, जितेंद्र बालियान, अशोक कुमार, अजय अग्रवाल, कुलदीप संगल, नेहा कश्यप, प्रतिभा और संजय आदि मौजूद रहे।
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