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साढ़े चार माह से बेरोजगार है स्टेशन के वैंडर

Thu, 13 Aug 2020 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2020 12:18 AM IST
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Stalls closed due to non-operation of trains
मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर पसरा सन्नाटा। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
ट्रेनों का संचालन नहीं होने से बंद पड़े स्टॉल
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मुजफ्फरनगर। बीते साढ़े चार माह से ट्रेनो का संचालन बंद रहने से स्टेशन पर सामान बेचने वाले वैंडरों के स्टाल बंद पड़े है। इनमें से कुछ बेरोजगार है, जबकि कुछ अन्य काम करने को मजबूर है। ट्रेनों का संचालन नहीं स्टेशन के बाहर दुकानदारों का काम भी प्रभावित है।
वैश्विक महामारी का कारण बने कोरोना संक्रमण के कारण पीएम मोदी ने 24 मार्च को देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया था। इसके साथ ही 25 मार्च से ट्रेनों का संचालन भी बंद हो गया था। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर भी ट्रेन बंद हुई तो यहां पर काम करने वाले भी बेरोजगार हो गए। यहां पर चाय, समोसे, बिस्कुल नमकीन, पूडी आलू आदि खादय सामान बेचने वालो के आठ स्टॉल बने है। सभी स्टॉलों पर वैडर के अलावा भी कई युवक काम करते थे। ट्रेन बंद हुई तो तभी से स्टॉल भी बंद है। ये वैडर और उनसे जुड़े युवक भी बिना काम के हो गए है। इनके अलावा ट्रेनों में भी काफी संख्या में लोग सामान बेचते थे, उनका काम भी बंद हो गया है। स्टेशन के बाहर साइकिल स्टैंड भी बंद है।
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57 ट्रेनों का आवागमन होता था
मुजफ्फरनगर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहता है। यहां से पहले रोजाना 57 ट्रेनों का आवागमन होता था। इनमें 28 अप और 29 डाउन की मेल, पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेन शामिल है।
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अब बस दो ट्रेन आती है
मुजफ्फरनगर। रेलवे ने अनलॉक में एक जून से कुछ स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषण की। इसमें यहां पर भी केवल दो ट्रेन दिल्ली-देहरादून के बीच चलने वाली जन शताब्दी और मुंबई- अमृतसर के बीच चलने वाली गोल्डन टेंपल ट्रेन है। अप और डाउन में दोनों ट्रेन तभी से चल रही है। स्थानीय स्टेशन से केवल ये ट्रेन ही यहां पर आती है।
बेरोजगार है, कुछ मदद नहीं मिली
मुजफ्फरनगर। कोलोना संक्रमण के चलते सरकार ने सभी वर्गो के लिए राहत की घोषणा की, मगर ट्रेन नहीं चलने से जो वैंडर बेरोजगार हो गए, उनके लिए कोई मदद नहीं दी गई। स्टेशन पर बीते 45 साल से वैडर घनश्याम कहते है कि ऐसा समय आएगा सोचा न था। काम कुछ नहीं मिला तो अब गुड़ मंडी के दिहाडी करनी पड़ रही है। उत्तरी सिविल लाइन निवासी सतीश कुमार का कहना है कि स्टेशन पर टी स्टाल था, अब बीते साढ़े चार माह से बेरोजगार हूं। सोनू, आनंद, वेद आदि वैंडर भी घर चलाने के लिए अन्य स्थानों पर दिहाड़ी मजदूरी कर रहे है। सरकार को हमारी भी मदद करनी चाहिए।

इन्होंने कहा---
- स्टेशन पर केवल दो ट्रेन गोल्डन टेंपल और जन शताब्दी का अप और डाउन में संचालन हो रहा है। बाकी ट्रेन 25 मार्च से बंद है। स्टेशन पर सभी वैंडरों के स्टॉल बीते साढ़े चार माह से बंद है।
- विपिन कुमार त्यागी
स्टेशन अधीक्षक
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