{"_id":"621fbd13dabaef075e38ed47","slug":"sow-sugarcane-only-after-checking-the-quality-of-land-khatauli-news-mrt5790065148","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूमि की गुणवत्ता की जांच के बाद ही कराएं गन्ने की बुवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूमि की गुणवत्ता की जांच के बाद ही कराएं गन्ने की बुवाई
विज्ञापन
रतनपुरी में किसान गोष्ठी का आयोजन
- फोटो : KHATAULI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर, रतनपुरी। मनसा देवी मंदिर प्रांगण में खतौली चीनी मिल द्वारा गन्ना किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। मिल के उपाध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार ने आगामी पेराई सत्र से गन्ना आपूर्ति की समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। कृषक गोष्ठी में मुख्य गन्ना वैज्ञानिक डॉक्टर विकास मलिक ने बताया कि हमें भूमि की गुणवत्ता की जांच करने के बाद समय पर बुवाई करनी चाहिए तथा गन्ने का टॉप का हिस्सा बुवाई के लिए अत्यधिक उत्तम होता है।
कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि हमें ट्रेंच विधि द्वारा ही गन्ने की बुवाई करनी चाहिए। गन्ना प्रजाति 0238 के रोगग्रस्त होने के बारे उन्होंने किसान भाइयों को इस प्रजाति को लंबे समय तक उगाने के लिए भूमि उपचार ट्राइकोडर्मा द्वारा तथा बीज उपचार फंजीसाइड द्वारा करने की सलाह दी। अगेती प्रजाति में 0238 में लाल सड़न का रोग होने की वजह से यह प्रजाति ज्यादा नहीं चल सकती। इसलिए हमें प्रजाति में बदलाव करना आवश्यक है।
जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी ने किसानों की गन्ना आपूर्ति की समस्या का जल्द समाधान किए जाने का आश्वासन दिया। खतौली चीनी मिल के उपाध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए नियम अपनाकर किसान भाई अपने उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। गन्ना आपूर्ति की समस्या के विषय में उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष से चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर करीब 140 से 145 हजार क्विंटल प्रतिदिन की जाएगी। जिससे फलस्वरूप किसानों की गन्ना आपूर्ति की समस्या का समाधान हो सकेगा।
विज्ञापन
कृषक गोष्ठी में गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के संयुक्त निदेशक वीरेश कुमार, गन्ना प्रबंधक कुलदीप राठी, सहायक गन्ना प्रबंधक राजेश सिंह, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक ब्रजपाल सिंह, प्रदीप मलिक, पलवेंद्र राठी, कपिल कुमार आदि के अतिरिक्त सुभाषचंद्र, श्रीओम, सतेंद्र सोम, संदीप कुमार, नरेश फौजी, राजेश कुमार , तरसपाल सिंह, योगेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, पवन सोम आदि किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक ने कहा कि उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि हमें ट्रेंच विधि द्वारा ही गन्ने की बुवाई करनी चाहिए। गन्ना प्रजाति 0238 के रोगग्रस्त होने के बारे उन्होंने किसान भाइयों को इस प्रजाति को लंबे समय तक उगाने के लिए भूमि उपचार ट्राइकोडर्मा द्वारा तथा बीज उपचार फंजीसाइड द्वारा करने की सलाह दी। अगेती प्रजाति में 0238 में लाल सड़न का रोग होने की वजह से यह प्रजाति ज्यादा नहीं चल सकती। इसलिए हमें प्रजाति में बदलाव करना आवश्यक है।
विज्ञापन
जिला गन्ना अधिकारी आरडी द्विवेदी ने किसानों की गन्ना आपूर्ति की समस्या का जल्द समाधान किए जाने का आश्वासन दिया। खतौली चीनी मिल के उपाध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए नियम अपनाकर किसान भाई अपने उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। गन्ना आपूर्ति की समस्या के विषय में उन्होंने बताया कि आगामी वर्ष से चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाकर करीब 140 से 145 हजार क्विंटल प्रतिदिन की जाएगी। जिससे फलस्वरूप किसानों की गन्ना आपूर्ति की समस्या का समाधान हो सकेगा।
विज्ञापन
कृषक गोष्ठी में गन्ना शोध संस्थान मुजफ्फरनगर के संयुक्त निदेशक वीरेश कुमार, गन्ना प्रबंधक कुलदीप राठी, सहायक गन्ना प्रबंधक राजेश सिंह, वरिष्ठ गन्ना प्रबंधक ब्रजपाल सिंह, प्रदीप मलिक, पलवेंद्र राठी, कपिल कुमार आदि के अतिरिक्त सुभाषचंद्र, श्रीओम, सतेंद्र सोम, संदीप कुमार, नरेश फौजी, राजेश कुमार , तरसपाल सिंह, योगेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, पवन सोम आदि किसान उपस्थित रहे।