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सोनू कश्यप केस: बहन बोली, अभी तक खुले क्यों घूम रहे आरोपी..., एसएसपी मेरठ ने लिया ये बड़ा फैसला

Thu, 15 Jan 2026 11:47 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Thu, 15 Jan 2026 11:47 PM IST
सार

Muzaffarnagar News: मेरठ के सरधना में हुई मुजफ्फरनगर के सोनू कश्यप की हत्या के मामले ने राजनीतिक रुख अख्तियार कर लिया है। परिजनों का कहना है कि केवल एक नाबालिग सोनू की हत्या नहीं कर सकता, इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। 

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Sonu Kashyap case: Sister said, why are the accused still roaming free
रोहित की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

सोनू कश्यप का परिवार बृहस्पतिवार को सांसद हरेंद्र मलिक के प्रेमपुरी स्थित आवास पर पहुंचा। इस दौरान सरधना के सपा विधायक अतुल प्रधान भी वहां मौजूद रहे। विधायक ने सोनू कश्यप की बहन आरती को एक लाख रुपये नकद दिए। वहीं दो लाख रुपये जल्द ही देने का वादा किया। इस दौरान आरती ने कहा कि पुलिस लीपापोती कर रही थी। अभी तक आरोपी खुले घूम रहे है।
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अतुल प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का संदेश लेकर आए हैं। पुलिस विपक्ष को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने का काम कर रही है, जो लोकतंत्र में सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार आती-जाती रहती है। विपक्ष की बात भी सुनना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि इस घटना में सरकार का बुलडोजर कहां गया।
 
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कांग्रेस नेता अनुज इंद्रवाल को किया हाउस अरेस्ट
सोनू कश्यप की निर्मम हत्या के बाद कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रदेश सचिव अनुज इंद्रवाल को पुलिस ने पीड़ित परिवार से मिलने जाते समय हाउस अरेस्ट कर लिया। इंद्रवाल ने शासन-प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। अनुज इंद्रवाल अपनी टीम के साथ पीड़ित परिवार को संवेदना व्यक्त करने और न्याय दिलाने के उद्देश्य से खतौली के लिए रवाना हुए थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और हाउस अरेस्ट कर दिया, जिससे उनका पीड़ित परिवार से मिलना संभव नहीं हो सका।
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रोहित कश्यप हत्याकांड की जांच अब क्राइम ब्रांच के हवाले
सरधना थाना क्षेत्र के गांव ज्वालागढ़ में 5 जनवरी को हुई रोहित उर्फ सोनू कश्यप की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवालों के बीच एसएसपी ने बड़ा फैसला लिया है। मामले की गंभीरता और बढ़ते राजनीतिक दबाव को देखते हुए एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। इस हत्याकांड के खुलासे और निष्पक्ष जांच के लिए एसपी क्राइम अवनीश कुमार के निर्देशन में तीन सदस्यीय एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया गया है। इस विशेष टीम में एसपी क्राइम के अलावा सीओ क्राइम अभिषेक पटेल और इंस्पेक्टर राजेश कुमार को शामिल किया गया है। आदेश जारी होते ही सरधना थाने से हत्याकांड की पूरी पत्रावली (केस डायरी) तलब कर ली गई है।

सवालों के घेरे में पुलिस, गांव में छावनी जैसा माहौल
ज्वालागढ़ कांड को लेकर राजनीतिक दलों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। मेरठ प्रशासन ने ज्वालागढ़ और कपसाड़ गांव में धारा-163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। पुलिस ने मुजफ्फरनगर में रोहित उर्फ सोनू के घर और ज्वालागढ़ में उसकी मौसी मदनवती के घर पर पहरा बैठा दिया है। लोगों और राजनीतिक दलों के नेताओं के वहां आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।
 

क्या था वो खौफनाक मंजर
मुजफ्फरनगर शहर के मोहल्ला किला निवासी 28 वर्षीय रोहित उर्फ सोनू कश्यप पुत्र सुरेंद्र मुंबई में हलवाई का काम करता था। 5 जनवरी को ही वह मुंबई से लौटा था और अपनी शादी की बात चलाने के लिए ज्वालागढ़ अपनी मौसी मदनवती के घर जा रहा था। शाम को वह दादरी गांव से एक टेंपो में सवार हुआ। तेज आवाज में गाना बजाने को लेकर उसका टेंपो चालक से विवाद हुआ। 
 

पुलिस का कहना है कि सलावा पहुंचकर चालक ने रोहित से दोस्ती का नाटक किया और उसे शराब पिलाई जबकि खुद एनर्जी ड्रिंक पी। इसके बाद ज्वालागढ़ के राणा प्रताप सिंह चौराहे पर ले जाकर चालक ने वहां पड़ी ईंट से रोहित के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने शव को 15 मीटर तक घसीटा और स्कूल की दीवार के पास ले गया। वहां टेंपो में इंजन के लिए रखे मोबिल ऑयल, सूखे पत्ते और कपड़े डालकर शव में आग लगा दी।
 

चौकीदार ने देखी थी आग, जूतों से हुई पहचान
घटना के समय पास के स्कूल के चौकीदार जनक सिंह ने रात करीब 8 बजे आग जलती देखी थी। पास जाकर देखने पर उन्हें केवल हाथ की उंगलियां दिखाई दीं जिसके बाद उन्होंने शोर मचाकर ग्रामीणों और पुलिस को सूचना दी। अगले दिन 6 जनवरी को गांव ज्वालागढ़ निवासी अंकित कश्यप ने शव की फोटो और जूतों से मृतक की पहचान अपने मौसेरे भाई रोहित उर्फ सोनू कश्यप के रूप में की। पहचान होने के बाद मौसी मदनवती की तहरीर पर सरधना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने 6 जनवरी को ही आरोपी टेंपो चालक को पकड़कर कोर्ट के आदेश पर बाल सुधार गृह भेज दिया था लेकिन अब एसआईटी इस मामले की नए सिरे से परतें खोलेगी।

 
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