मुजफ्फरनगर: चिरनिंद्रा में सो गए शहर को जगाने वाले सोमनाथ भाटिया, अंतिम सांस तक की समाजसेवा
गांधी कॉलोनी में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमा स्थल पर सफाई रखना उनकी दिनचर्या थी। पिछले दिनों हादसे में कूल्हे की हड्डी टूट गई, सफल ऑपरेशन हुआ। लेकिन इसके बाद वह बीमारी की चपेट मेें आ गए और निधन हो गया।
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मुजफ्फरनगर शहर की हर समस्या को समाधान के रास्ते तक ले जाने वाले सोमनाथ भाटिया (75) का बीमारी के कारण निधन हो गया। पौधरोपण करने, रोजाना स्ट्रीट लाइट बंद करने और स्वच्छता के कार्यों में वह हमेशा लगे रहे। गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
गांधी कॉलोनी निवासी सोमनाथ भाटिया रोजाना जागरूकता की अलख जगाने के लिए निकलते थे। गांधी कॉलोनी से शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर वह दिन निकलते ही स्ट्रीट लाइट बंद करते थे। लोगों ने उनके इस कार्य से प्रेरणा ली और अपने-अपने क्षेत्र में बिजली की फिजूलखर्ची को रोकने के लिए कार्य किए गए। इसके अलावा उन्होंने बड़ी संख्या में पौधरोपण किया, जिसके लिए उन्हें समाजसेवी और शिक्षण संस्थाओं ने सम्मानित भी किया था। साइकिल की सवारी उनकी पहचान रही। गांधी कॉलोनी में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमा स्थल पर सफाई रखना उनकी दिनचर्या थी। पिछले दिनों हादसे में कूल्हे की हड्डी टूट गई, सफल ऑपरेशन हुआ, लेकिन इसके बावजूद वह बीमारी की चपेट मेें आ गए और निधन हो गया।
समाजसेवी सोमनाथ भाटिया ने दो साल पहले रन फॉर यूनिटी में प्रतिभाग करने पहुंचे। वार्ड 29 के अंतर्गत सरवट फाटक के पास गांधी कॉलोनी में जलभराव और सड़क टूटने की समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज सोमनाथ जीआईसी में डीएम की गाड़ी के सामने धरने पर बैठ गए। केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने उन्हें किसी तरह मनाकर हटाया था।
कभी नहीं भुलाए जा सकेंगे भाटिया
वैदिक संस्कार चेतना अभियान संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि सोमनाथ भाटिया ने समाज में देशप्रेम, खादी, पर्यावरण , स्वच्छता आदि की प्रेरणा जाग्रत की। उनकी सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकेगा। आर्य समाज गांधी कालोनी के प्रधान राकेश ढींगरा, गजेंद्र राणा ने कहा कि जनवरी माह में ही भाटिया का अभिनंदन किया था। उनका अचानक चले जाना जिले की अपूरणीय क्षति है।