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नाव से पार करनी पड़ रही है सोलानी नदी
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पुरकाजी के खादर क्षेत्र में नांव में बैठकर सोलानी नदी पार करते ग्रामीण
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नाव से पार करनी पड़ रही है सोलानी नदी
मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी ज्यादा होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों को नाव में बैठकर ही नदी पार करनी पड़ रही है।
चार दिन पूर्व बुधवार को उत्तराखंड की पहाड़ियों से पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी छोड़ा गया था। पानी नदी से बाहर निकलकर जंगलों व रास्तों पर भर जाने से खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए थे।
नदी में पानी आने से क्षेत्र के 22 गांवों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था और ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए थे। अगले दिन पानी कुछ कम होने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की थी। मगर चार दिन गुजर जाने के बाद भी ग्रामीणों को नाव से ही नदी पार करनी पड़ रही है। पानी भरा होने के कारण ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। जिससे पशुओं के लिए चारा लाने की समस्या बनी हुई है। राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, सरदार जसविंद्र सिंह, पहल सिंह, सरदार सतनाम सिंह, साधूराम आदि ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में पानी भरा होने के कारण तक हफ्तों तक ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पाऐंगे। जिससे पशुओं के लिए चारे की समस्या बनी रहेगी। नाव बहुत छोटी है, जिसमें एक बार में मात्र छह लोग ही जा पाते हैं। ग्रामीणों ने बड़ी नाव लगवाने की मांग की है।
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मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी ज्यादा होने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिसके चलते ग्रामीणों को नाव में बैठकर ही नदी पार करनी पड़ रही है।
चार दिन पूर्व बुधवार को उत्तराखंड की पहाड़ियों से पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में पानी छोड़ा गया था। पानी नदी से बाहर निकलकर जंगलों व रास्तों पर भर जाने से खादर क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए थे।
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नदी में पानी आने से क्षेत्र के 22 गांवों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था और ग्रामीण घरों में कैद होकर रह गए थे। अगले दिन पानी कुछ कम होने पर ग्रामीणों ने राहत महसूस की थी। मगर चार दिन गुजर जाने के बाद भी ग्रामीणों को नाव से ही नदी पार करनी पड़ रही है। पानी भरा होने के कारण ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पा रहे हैं। जिससे पशुओं के लिए चारा लाने की समस्या बनी हुई है। राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, सरदार जसविंद्र सिंह, पहल सिंह, सरदार सतनाम सिंह, साधूराम आदि ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में पानी भरा होने के कारण तक हफ्तों तक ग्रामीण खेतों पर नहीं जा पाऐंगे। जिससे पशुओं के लिए चारे की समस्या बनी रहेगी। नाव बहुत छोटी है, जिसमें एक बार में मात्र छह लोग ही जा पाते हैं। ग्रामीणों ने बड़ी नाव लगवाने की मांग की है।
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