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उत्तराखंड से छोडे़ गए पानी से फिर उफान पर आई सोलानी नदी
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मुजफ्फरनगर : पुरकाजी खादर क्षेत्र में नाव में बैठकर सोलानी नदी पार करते ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। उत्तराखंड से छोड़े गए पानी से सोलानी नदी उफान पर आ गई है। पानी के लगातार बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
बृहस्पतिवार रात उत्तराखंड से पानी फिर छोड़े जाने से खादर क्षेत्र की सोलानी नदी फिर उफान पर आ गई। पानी नदी से बाहर निकलकर जंगलों व खेतों में भर गया। जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। पानी लगातार बढ़ने से गांव रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नंगला, भदौला, भदौली, अलमावाला, जिंदावाला, चमरावाला, सुहेली, चानचक, पांचली, फरखपुर आदि करीब 24 गांवों के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है। पानी और बढ़ने की संभावना को लेकर ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
बीडीसी सदस्य राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, साधुराम, सतनाम सिंह, कृष्णपाल, यादराम, बिजेंद्र सिंह, महकार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि जंगलों व खेतों में पानी भरा होने से पिछले करीब दो सप्ताह से चारे की समस्या बनी हुई है। चारा नहीं होने पर पशुओं को भूसा खिलाना पड़ रहा है। रात से फिर पानी आ जाने से शुक्रवार को नदी के पूरे उफान पर आ जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी और बढ़ने से हालात खराब हो जाएंगे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। खतरे वाली कोई बात नहीं है।
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बृहस्पतिवार रात उत्तराखंड से पानी फिर छोड़े जाने से खादर क्षेत्र की सोलानी नदी फिर उफान पर आ गई। पानी नदी से बाहर निकलकर जंगलों व खेतों में भर गया। जिससे ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। पानी लगातार बढ़ने से गांव रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नंगला, भदौला, भदौली, अलमावाला, जिंदावाला, चमरावाला, सुहेली, चानचक, पांचली, फरखपुर आदि करीब 24 गांवों के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है। पानी और बढ़ने की संभावना को लेकर ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया है।
बीडीसी सदस्य राजेंद्र पांचली, राजू प्रजापति, साधुराम, सतनाम सिंह, कृष्णपाल, यादराम, बिजेंद्र सिंह, महकार सिंह आदि ग्रामीणों ने बताया कि जंगलों व खेतों में पानी भरा होने से पिछले करीब दो सप्ताह से चारे की समस्या बनी हुई है। चारा नहीं होने पर पशुओं को भूसा खिलाना पड़ रहा है। रात से फिर पानी आ जाने से शुक्रवार को नदी के पूरे उफान पर आ जाने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पानी और बढ़ने से हालात खराब हो जाएंगे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एसडीओ अशोक जैन ने बताया कि चार हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। खतरे वाली कोई बात नहीं है।
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