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स्मार्ट फोन आंखों से पी जाने वाली मदिरा : जैन मुनि
Sat, 13 Apr 2019 11:40 PM IST
Deepak Sharma
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
मुजफ्फरनगर/अमर उजाला/ब्यूरो
Published by: Deepak Sharma
Updated Sat, 13 Apr 2019 11:40 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। आचार्य रत्न ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि स्मार्ट फोन आंखों से पी जाने वाली मदिरा के समान है। जैन मुनि ने कहा कि समाज में बिगड़ता लिंगानुपात समाज के लिए घातक सिद्ध होगा। महिलाओं के साथ जैन मुनि घट यात्रा करके दूसरे जैन मंदिर से जल लेकर आए। जल के द्वारा पांडाल व वेदी का शुिद्धकरण किया गया। बच्चों को अपने माता-पिता का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।
श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित पत्रकार वार्ता में जैन मुनि ने कहा कि कंप्यूटर व स्मार्ट फोन की आदत से समाज में खतरनाक बीमारी बढ़ती जा रही है। स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बच्चों में मधुमेह की आशंका बढ़ जाती है। बच्चों को मोबाइल देना एक ग्राम कोकीन देने के बराबर है। स्मार्ट फोन हमारे ही घरों में दीवार बना रहा है। बच्चों व युवा पीढ़ी को अपने दायरे में कैद करता जा रहा है।
सोशल साइट के जुड़ने वाले यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि होती जा रही है। बच्चों व युवाओं की रातों की नींद उड़ती जा रही है। जैन मुनि ने कहा कि समाज में लड़के व लड़कियों के अनुपात में अंतर बढ़ता जा रहा है, जिस कारण समाज में विसंगति बढ़ती जा रही है। लिंगानुपात का बिगड़ना समाज के लिए बेहद घातक है। जैन मुनि ने कहा कि पत्रकारों को जल बचाने के ऊपर लेख लिखने चाहिए। शिक्षित पत्रकार समाज की दिशा व दशा तय करता है।
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उधर, शाम को हुई संगोष्ठी में महाराज ने जैन समाज की महिलाओं व पुरुषों के साथ विचार साझा किए। सेवानिवृत्त इंजीनियरों ने अपने-अपने अनुभव बताए। सभी ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को आईटी इंजीनियर बनाना चाहते हैं। अच्छी नौकरी व पैसे कमाने के चक्कर में आज का युवक व युवती सरकारी नौकरियों को दरकिनार करके निजी कंपनियों में देश व विदेश में नौकरी कर रहे है।
अपने बूढ़े माता-पिता से बच्चे दूर होते जा रहे हैं। यह गलत परंपरा है। इससे पहले, मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ विधि विधान के साथ आरंभ हुआ। शनिवार को प्रात: आचार्य के नेेतृत्व में जैन समाज की महिलाएं कलश यात्रा करके दूसरे मंदिर से विधि विधान के साथ जल लेकर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुंची। इस जल के द्वारा पांडाल व वेदी का शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अपने प्रवचन में जैन मुनि ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि विश्वशांति महायज्ञ में भी पांच कल्याण होते हैं। उन्होंने गर्भ, जन्म, तप, कल्याण, मोक्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर नरेंद जैन, विपिन जैन, संजय जैन, राजीव जैन, सिद्धार्थ जैन, डॉ. पवन जैन, अनुज जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किताब का विमोचन किया
बुढ़ाना। आचार्य रत्न ज्ञान सागर जी महाराज ने अपने कार्यक्रम के दौरान जैन इंजीनियर्स संगठन द्वारा लिखी गई पुस्तक जैन इंजीनियर्स ज्ञान ज्योति द्वितीय पुष्प का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को ज्ञान ज्योति को पढ़कर इससे शिक्षा लेनी चाहिए। इस मौके पर सेवानिवृत्त इंजीनियर मदन लाल जैन, ऋषि कुमार जैन, नवीन कुमार जैन, फकीर चंद जैन, विजय जैन, देवेंद्र जैन, सुखबीर प्रसाद जैन, दिनेश जैन आदि मौजूद रहे।
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श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में आयोजित पत्रकार वार्ता में जैन मुनि ने कहा कि कंप्यूटर व स्मार्ट फोन की आदत से समाज में खतरनाक बीमारी बढ़ती जा रही है। स्क्रीन पर अधिक समय बिताने से बच्चों में मधुमेह की आशंका बढ़ जाती है। बच्चों को मोबाइल देना एक ग्राम कोकीन देने के बराबर है। स्मार्ट फोन हमारे ही घरों में दीवार बना रहा है। बच्चों व युवा पीढ़ी को अपने दायरे में कैद करता जा रहा है।
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सोशल साइट के जुड़ने वाले यूजर्स की संख्या में तेजी से वृद्धि होती जा रही है। बच्चों व युवाओं की रातों की नींद उड़ती जा रही है। जैन मुनि ने कहा कि समाज में लड़के व लड़कियों के अनुपात में अंतर बढ़ता जा रहा है, जिस कारण समाज में विसंगति बढ़ती जा रही है। लिंगानुपात का बिगड़ना समाज के लिए बेहद घातक है। जैन मुनि ने कहा कि पत्रकारों को जल बचाने के ऊपर लेख लिखने चाहिए। शिक्षित पत्रकार समाज की दिशा व दशा तय करता है।
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उधर, शाम को हुई संगोष्ठी में महाराज ने जैन समाज की महिलाओं व पुरुषों के साथ विचार साझा किए। सेवानिवृत्त इंजीनियरों ने अपने-अपने अनुभव बताए। सभी ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को आईटी इंजीनियर बनाना चाहते हैं। अच्छी नौकरी व पैसे कमाने के चक्कर में आज का युवक व युवती सरकारी नौकरियों को दरकिनार करके निजी कंपनियों में देश व विदेश में नौकरी कर रहे है।
अपने बूढ़े माता-पिता से बच्चे दूर होते जा रहे हैं। यह गलत परंपरा है। इससे पहले, मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक आदिनाथ जिनबिंब प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ विधि विधान के साथ आरंभ हुआ। शनिवार को प्रात: आचार्य के नेेतृत्व में जैन समाज की महिलाएं कलश यात्रा करके दूसरे मंदिर से विधि विधान के साथ जल लेकर पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर पहुंची। इस जल के द्वारा पांडाल व वेदी का शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अपने प्रवचन में जैन मुनि ने पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि विश्वशांति महायज्ञ में भी पांच कल्याण होते हैं। उन्होंने गर्भ, जन्म, तप, कल्याण, मोक्ष के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर नरेंद जैन, विपिन जैन, संजय जैन, राजीव जैन, सिद्धार्थ जैन, डॉ. पवन जैन, अनुज जैन सहित सकल जैन समाज के सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किताब का विमोचन किया
बुढ़ाना। आचार्य रत्न ज्ञान सागर जी महाराज ने अपने कार्यक्रम के दौरान जैन इंजीनियर्स संगठन द्वारा लिखी गई पुस्तक जैन इंजीनियर्स ज्ञान ज्योति द्वितीय पुष्प का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को ज्ञान ज्योति को पढ़कर इससे शिक्षा लेनी चाहिए। इस मौके पर सेवानिवृत्त इंजीनियर मदन लाल जैन, ऋषि कुमार जैन, नवीन कुमार जैन, फकीर चंद जैन, विजय जैन, देवेंद्र जैन, सुखबीर प्रसाद जैन, दिनेश जैन आदि मौजूद रहे।