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छोटे चौधरी ने महासम्मेल में चुनावी बिगुल फूंका
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Updated Sun, 13 Sep 2015 12:34 AM IST
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मुजफ्फरनगर। महासम्मेलन में रालोद प्रमुख अजित सिंह ने संबोधन में जहां किसान-मजदूरों के दर्द पर हमदर्दी का मरहम लगाया, वहीं युवा वर्ग से भी चिंतन करने का आह्वान किया। छोटे चौधरी ने कहा कि किसानों और मजदूरों की दुर्दशा के लिए प्रदेश की अखिलेश और केंद्र की मोदी सरकार जिम्मेदार है।
नौजवानों के साथ भी दोनों सरकारों ने छल किया है। महासम्मेलन में भीड़ को देखते हुए अजित सिंह ने कहा वे आज मुजफ्फरनगर से ही 2017 के चुनाव का बिगुल फूंकते हैं। उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर सत्ता परिवर्तन का संकल्प दिलाया और 'तख्त बदल दो, ताज बदल दो, बेईमानों की सरकार बदल दो' का नारा दिया।
चौधरी अजित सिंह ने 20 मिनट के भाषण में किसान-मजदूर और आमजन को केंद्रित कर सटीक मुद्दों को उठाया। उन्होंने लोगों से कहा कि 15-20 सालों से मुलायम और माया को ही देखते आए हैं, क्या कोई भला आदमी नहीं दिखाई देता।
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प्रदेश में किसान लुट रहा है। गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है। धान का दाम नहीं मिला, आलू और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। लेखपाल और सरकार किसानों का मुआवजा खा गए। सूबे की सरकार ने किसानों को कुछ नहीं दिया। 50 हजार के कर्ज माफ नहीं किए। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया, मुस्लिमों को भी 18 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिला।
युवक डिग्री लेकर भी बेकार हैं, क्योंकि नौकरी एक ही जाति के लोगों को मिल रही है। प्रदेश में गुंडाराज के चलते कोई उद्योग लगाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में थानेदार प्रभावशाली हैं, जो सीधे लखनऊ बात कर एसपी का तबादला करा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है और ईमानदार सरकार की जरूरत है, जो रालोद ही दे सकती है। उन्होंने लोगों से इस बार प्रदेश में रालोद की सरकार बनवाने का आह्वान किया।
दंगे के बाद पहली बार नजर आए मुस्लिम
मुजफ्फरनगर। किसान -मजदूर महासम्मेलन में काफी संख्या में मुस्लिमों की संख्या देख छोटे चौधरी गद्गद् दिखे। दंगों के बाद हुई उनकी सभा में पहली बार इतनी भीड़ नजर आई।
दंगे के बाद अजित सिंह की यह पहली जनसभा थी, जिसमें काफी संख्या में मुस्लिमों की भागेदारी रही। अजित सिंह ने सभा में दंगों का जिक्र किए बिना कहा कि आप एक-दूसरे के दुख सुख में शामिल होते रहे हो, अपना दिल बड़ा करो, अपना दायरा बढ़ाओ। पुरानी बातों को भूलकर एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करो। दूसरों को इज्जत दोगे तो तभी दूसरा भी आपकी इज्जत करेगा।
उन्होंने कहा कि आपस में भाईचारा बढ़ाओ तभी सुरक्षित रहोगे। लखनऊ और दिल्ली से कोई तुम्हारी रक्षा करने नहीं आएगा। आप को ही एक-दूसरे की मदद और रक्षा करनी होगी। सम्मेलन में किसान मजदूर वर्ग भी काफी अधिक संख्या में रही।
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नौजवानों के साथ भी दोनों सरकारों ने छल किया है। महासम्मेलन में भीड़ को देखते हुए अजित सिंह ने कहा वे आज मुजफ्फरनगर से ही 2017 के चुनाव का बिगुल फूंकते हैं। उन्होंने लोगों से हाथ उठाकर सत्ता परिवर्तन का संकल्प दिलाया और 'तख्त बदल दो, ताज बदल दो, बेईमानों की सरकार बदल दो' का नारा दिया।
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चौधरी अजित सिंह ने 20 मिनट के भाषण में किसान-मजदूर और आमजन को केंद्रित कर सटीक मुद्दों को उठाया। उन्होंने लोगों से कहा कि 15-20 सालों से मुलायम और माया को ही देखते आए हैं, क्या कोई भला आदमी नहीं दिखाई देता।
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प्रदेश में किसान लुट रहा है। गन्ने का बकाया भुगतान नहीं मिल पा रहा है। धान का दाम नहीं मिला, आलू और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। लेखपाल और सरकार किसानों का मुआवजा खा गए। सूबे की सरकार ने किसानों को कुछ नहीं दिया। 50 हजार के कर्ज माफ नहीं किए। बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता नहीं दिया, मुस्लिमों को भी 18 प्रतिशत आरक्षण नहीं मिला।
युवक डिग्री लेकर भी बेकार हैं, क्योंकि नौकरी एक ही जाति के लोगों को मिल रही है। प्रदेश में गुंडाराज के चलते कोई उद्योग लगाने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में थानेदार प्रभावशाली हैं, जो सीधे लखनऊ बात कर एसपी का तबादला करा देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परिवर्तन चाहती है और ईमानदार सरकार की जरूरत है, जो रालोद ही दे सकती है। उन्होंने लोगों से इस बार प्रदेश में रालोद की सरकार बनवाने का आह्वान किया।
दंगे के बाद पहली बार नजर आए मुस्लिम
मुजफ्फरनगर। किसान -मजदूर महासम्मेलन में काफी संख्या में मुस्लिमों की संख्या देख छोटे चौधरी गद्गद् दिखे। दंगों के बाद हुई उनकी सभा में पहली बार इतनी भीड़ नजर आई।
दंगे के बाद अजित सिंह की यह पहली जनसभा थी, जिसमें काफी संख्या में मुस्लिमों की भागेदारी रही। अजित सिंह ने सभा में दंगों का जिक्र किए बिना कहा कि आप एक-दूसरे के दुख सुख में शामिल होते रहे हो, अपना दिल बड़ा करो, अपना दायरा बढ़ाओ। पुरानी बातों को भूलकर एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करो। दूसरों को इज्जत दोगे तो तभी दूसरा भी आपकी इज्जत करेगा।
उन्होंने कहा कि आपस में भाईचारा बढ़ाओ तभी सुरक्षित रहोगे। लखनऊ और दिल्ली से कोई तुम्हारी रक्षा करने नहीं आएगा। आप को ही एक-दूसरे की मदद और रक्षा करनी होगी। सम्मेलन में किसान मजदूर वर्ग भी काफी अधिक संख्या में रही।