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मेरठ-करनाल हाईवे का धीमा निर्माण, सुरक्षा के नहीं दिखते निशान
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बिटावदा में अधूरा पड़ा निर्माण
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। मेरठ-करनाल हाईवे का धीमा निर्माण लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। फुगाना में रोज जाम लगने लगा है। जिले की सीमा में हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं दिखते। क्षेत्र के लोगों के बीच नाराजगी है। लोगों का कहना है कि हाईवे पर सुरक्षा चिन्ह नहीं लगाए गए हैं।
बुढ़ाना के दुकानदार दीपक का कहना है कि हाईवे से गुजरना मुश्किल हो गया है। निर्माण की चाल बेहद धीमी है।
बायवाला पर दुकान चलाने वाले अनुज का कहना है कि हाईवे पर धूल उड़ रही है। कभी काम शुरू हो जाता है तो कभी बंद। निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। लोग परेशान हैं।
दुकानदार प्रदीप का कहना है कि लंबे समय से निर्माण चल रहा है, लेकिन अभी तक तेजी नहीं आई है। बीच-बीच में निर्माण रोक दिया जाता है। कोई भी फ्लाईओवर पूरा नहीं किया गया है।
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गढ़ी सखावत में दुकानदार अभिनव गोस्वामी का कहना है कि फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। जिससे दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी है।
मेरठ बाईपास से करनाल पुल तक बनेगा हाईवे
हाईवे मेरठ बाईपास से शामली जिले में करनाल रोड पर यमुना नदी के पुल तक बनेगा। चार लेन हाईवे पर 14 फ्लाईओवर बनने हैं। जिले की सीमा में एक भी फ्लाईओवर पूरा नहीं बन सका है।
दो जगह लगेंगे टोल प्लाजा
हाईवे पर मेरठ के नानू और शामली के झिंझाना में टोल प्लाजा लगाए जाएंगे। दोनों जगह के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है।
इस साल कैसे पूरा होगा निर्माण
हाईवे के निर्माण का लक्ष्य 2022 में रखा गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निर्माण की गति को देखते हुए इसके 2024 तक तक पूरा होने का अनुमान नहीं है।
फुगाना से बायवाला तक हो रहे हादसे
हाईवे पर फुगाना गांव से बायवाला तक हादसे हो रहे हैं। पिछले दिनों ही पंजाब से पूर्वांचल के जिलों में लौट रहे मजदूरों की पिकअप में ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी, जिस कारण दो मजदूरों की मौत हो गई थी और अन्य घायल हुए थे। प्रति माह इस क्षेत्र में 20 से 25 हादसों का अनुमान है।
बिटावदा में समस्या का नहीं हो सका समाधान
बिटावदा गांव में फ्लाईओवर का निर्माण ग्रामीणों ने रोक रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सही तरीके से निर्माण नहीं हो रहा है। किसानों को खेतों में जाने के लिए कई किमी का चक्कर लगाना होगा। करीब एक साल से निर्माण रुका हुआ है।
वर्जन
एसडीएम बुढ़ाना अरुण कुमार का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान का प्रयास है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में सेफ्टी बढ़वाने का कार्य किया जाएगा।
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बुढ़ाना के दुकानदार दीपक का कहना है कि हाईवे से गुजरना मुश्किल हो गया है। निर्माण की चाल बेहद धीमी है।
बायवाला पर दुकान चलाने वाले अनुज का कहना है कि हाईवे पर धूल उड़ रही है। कभी काम शुरू हो जाता है तो कभी बंद। निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। लोग परेशान हैं।
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दुकानदार प्रदीप का कहना है कि लंबे समय से निर्माण चल रहा है, लेकिन अभी तक तेजी नहीं आई है। बीच-बीच में निर्माण रोक दिया जाता है। कोई भी फ्लाईओवर पूरा नहीं किया गया है।
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गढ़ी सखावत में दुकानदार अभिनव गोस्वामी का कहना है कि फ्लाईओवर का निर्माण पूरा नहीं हो पा रहा है। जिससे दुकानदारों को सबसे अधिक परेशानी है।
मेरठ बाईपास से करनाल पुल तक बनेगा हाईवे
हाईवे मेरठ बाईपास से शामली जिले में करनाल रोड पर यमुना नदी के पुल तक बनेगा। चार लेन हाईवे पर 14 फ्लाईओवर बनने हैं। जिले की सीमा में एक भी फ्लाईओवर पूरा नहीं बन सका है।
दो जगह लगेंगे टोल प्लाजा
हाईवे पर मेरठ के नानू और शामली के झिंझाना में टोल प्लाजा लगाए जाएंगे। दोनों जगह के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है।
इस साल कैसे पूरा होगा निर्माण
हाईवे के निर्माण का लक्ष्य 2022 में रखा गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि निर्माण की गति को देखते हुए इसके 2024 तक तक पूरा होने का अनुमान नहीं है।
फुगाना से बायवाला तक हो रहे हादसे
हाईवे पर फुगाना गांव से बायवाला तक हादसे हो रहे हैं। पिछले दिनों ही पंजाब से पूर्वांचल के जिलों में लौट रहे मजदूरों की पिकअप में ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी थी, जिस कारण दो मजदूरों की मौत हो गई थी और अन्य घायल हुए थे। प्रति माह इस क्षेत्र में 20 से 25 हादसों का अनुमान है।
बिटावदा में समस्या का नहीं हो सका समाधान
बिटावदा गांव में फ्लाईओवर का निर्माण ग्रामीणों ने रोक रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि सही तरीके से निर्माण नहीं हो रहा है। किसानों को खेतों में जाने के लिए कई किमी का चक्कर लगाना होगा। करीब एक साल से निर्माण रुका हुआ है।
वर्जन
एसडीएम बुढ़ाना अरुण कुमार का कहना है कि एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर समस्या के समाधान का प्रयास है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र में सेफ्टी बढ़वाने का कार्य किया जाएगा।

गढ़ी सखावत में अधूरा निर्माण- फोटो : MUZAFFARNAGAR