{"_id":"69d7fb3d1ef341f1f70ccdc8","slug":"skills-open-the-way-to-employment-talent-gets-recognition-muzaffarnagar-news-c-29-1-mng1004-168882-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: कौशल से खुला रोजगार का रास्ता, हुनर को मिली पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: कौशल से खुला रोजगार का रास्ता, हुनर को मिली पहचान
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। महिला कौशल विकास केंद्र महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न सिर्फ हुनर सीख रही हैं, बल्कि अपना खुद का रोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं।
जिले भर में संचालित हो रहे महिला कौशल विकास केंद्रों में सिलाई, ब्यूटिशियन, फैब्रिक प्रिंटिंग जैसे विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अब अपने स्तर पर बुटीक, पार्लर और छोटे-छोटे व्यवसाय चला रही हैं।
उत्तर प्रदेश महिला कौशल विकास मिशन के तहत महिलाएं रूचि और सुविधा के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से जुड़ती हैं। नजदीकी केंद्र पर सीधे संपर्क कर फार्म भरकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
प्रशिक्षण के बाद शुरू किया बुटिक
मां शाकुंभरी सिलाई केंद्र की संचालिका सुनीता शर्मा का कहना है कि पहले वह घर तक ही सीमित थीं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद आत्मनिर्भर बन गई हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर हैंड प्रिंंटेड वर्क का काम शुरू किया। वह इसका अन्य लड़कियों और महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। घर से ही बुटीक संचालित कर रही हैं। इसमें प्रिंट की साड़ियां, सूट और अन्य परिधान शामिल किए हैं।
-- -- -- -- -- -- --
प्रशिक्षण के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
शालिनी का कहना है कि सिलाई कढ़ाई शादी से पहले भी सीखी हुई थी। केंद्र से प्रशिक्षण के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और अपना काम शुरू किया। इससे न केवल मेरी आमदनी बढ़ रही है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हूं।
-- -- -- -- -- -- -
कॉलेज की पढ़ाई के साथ सीखा
वंशिका का कहना है कि पहले से ब्यूटी एक्सपर्ट बनने का सोचा हुआ था। कॉलेज की पढ़ाई के साथ साथ ब्यूटीशियन का काम भी सीखा। इसके बाद घर से ही अपना काम शुरू किया। खुद कमाई कर रही हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।
-- -- -- -- -- -- -- -
कढ़ाई और प्रिंटिंग के मिलते हैं आर्डर
पिंकी ने बताया कि पहले मैं घर के काम तक सीमित थी, लेकिन अब कढ़ाई और प्रिंटिंग का काम कर रही हूं। इससे घर की आर्थिक मदद भी हो रही है।प्रशिक्षण मिलने के बाद मैंने ऑर्डर पर कपड़े बनाना शुरू किया। अब मेरे पास नियमित ग्राहक हैं।
विज्ञापन
जिले भर में संचालित हो रहे महिला कौशल विकास केंद्रों में सिलाई, ब्यूटिशियन, फैब्रिक प्रिंटिंग जैसे विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद महिलाएं अब अपने स्तर पर बुटीक, पार्लर और छोटे-छोटे व्यवसाय चला रही हैं।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश महिला कौशल विकास मिशन के तहत महिलाएं रूचि और सुविधा के अनुरूप कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से जुड़ती हैं। नजदीकी केंद्र पर सीधे संपर्क कर फार्म भरकर प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हो सकती हैं।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के बाद शुरू किया बुटिक
मां शाकुंभरी सिलाई केंद्र की संचालिका सुनीता शर्मा का कहना है कि पहले वह घर तक ही सीमित थीं, लेकिन प्रशिक्षण के बाद आत्मनिर्भर बन गई हैं। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर हैंड प्रिंंटेड वर्क का काम शुरू किया। वह इसका अन्य लड़कियों और महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। घर से ही बुटीक संचालित कर रही हैं। इसमें प्रिंट की साड़ियां, सूट और अन्य परिधान शामिल किए हैं।
प्रशिक्षण के बाद बढ़ा आत्मविश्वास
शालिनी का कहना है कि सिलाई कढ़ाई शादी से पहले भी सीखी हुई थी। केंद्र से प्रशिक्षण के बाद आत्मविश्वास बढ़ा और अपना काम शुरू किया। इससे न केवल मेरी आमदनी बढ़ रही है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही हूं।
कॉलेज की पढ़ाई के साथ सीखा
वंशिका का कहना है कि पहले से ब्यूटी एक्सपर्ट बनने का सोचा हुआ था। कॉलेज की पढ़ाई के साथ साथ ब्यूटीशियन का काम भी सीखा। इसके बाद घर से ही अपना काम शुरू किया। खुद कमाई कर रही हूं। इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है।
कढ़ाई और प्रिंटिंग के मिलते हैं आर्डर
पिंकी ने बताया कि पहले मैं घर के काम तक सीमित थी, लेकिन अब कढ़ाई और प्रिंटिंग का काम कर रही हूं। इससे घर की आर्थिक मदद भी हो रही है।प्रशिक्षण मिलने के बाद मैंने ऑर्डर पर कपड़े बनाना शुरू किया। अब मेरे पास नियमित ग्राहक हैं।