{"_id":"5ee90aca8ebc3e42af3d33b3","slug":"shamli-s-youth-also-accused-dpm-of-cheating-muzaffarnagar-news-mrt486759655","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब शामली के युवक ने लगाया ठगी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब शामली के युवक ने लगाया ठगी का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली के युवक ने भी डीपीएम पर लगाया ठगी का आरोप
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों का ठेका दिलाने में सात लाख की ठगी की शिकायत के बाद अब शामली के युवक ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) पर नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही साकेत निवासी महिला ने भी एसएसपी से शिकायत कर अपने पति से ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम सरदार बलजीत सिंह लगातार विवादों में घिर रहे हैं। नगर पालिका के ठेकेदार लवी त्यागी ने उनके व एक ठेकेदार विनय राणा के खिलाफ नगर निकायों में काम दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी की शिकायत की थी। शामली के गांव गोहरनी निवासी नीरज ने डीएम से की शिकायत में कहा है कि सरदार बलजीत सिंह विकास भवन में कार्यरत थे। इस दौरान 2013 में उनकी मुलाकात हुई तो बलजीत सिंह ने सरकारी नौकरी लगवाने के लिए तीन लाख रुपये मांगे। उन्होंने दो लाख 56 हजार रुपये दे दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने उसकी नौकरी जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सलाहकार के पद पर मानदेय पर लगवा दी। दो साल बाद ही उसे नौकरी से हटा दिया गया। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो डीपीएम ने प्रशासन एवं सचिवालय तक पहुंच होने की धमकी दी। इसके अलावा साकेत कॉलोनी निवासी रेखा ने एसएसपी को दिए शिकायत पत्र में कहा है कि उसके पति अनुज भारद्वाज से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर सरदार बलजीत सिंह ने 2016 में तीन लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर डिप्रेशन में आने से उसके पति की मौत हो गई। वह लगातार डीपीएम से रुपये लौटाने के लिए कह रही हैं लेकिन उसके रुपये नहीं लौटाए जा रहे।
इस मामले में डीपीएम सरदार बलजीत सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। उन पर लगाए आरोप गलत हैं। ठेके के मामले में भी वह जांच अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं। उनका उस मामले से भी कोई लेना देना नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों का ठेका दिलाने में सात लाख की ठगी की शिकायत के बाद अब शामली के युवक ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) पर नौकरी के नाम पर तीन लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही साकेत निवासी महिला ने भी एसएसपी से शिकायत कर अपने पति से ठगी गई रकम वापस दिलाने की मांग की है।
स्वच्छ भारत मिशन के डीपीएम सरदार बलजीत सिंह लगातार विवादों में घिर रहे हैं। नगर पालिका के ठेकेदार लवी त्यागी ने उनके व एक ठेकेदार विनय राणा के खिलाफ नगर निकायों में काम दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये की ठगी की शिकायत की थी। शामली के गांव गोहरनी निवासी नीरज ने डीएम से की शिकायत में कहा है कि सरदार बलजीत सिंह विकास भवन में कार्यरत थे। इस दौरान 2013 में उनकी मुलाकात हुई तो बलजीत सिंह ने सरकारी नौकरी लगवाने के लिए तीन लाख रुपये मांगे। उन्होंने दो लाख 56 हजार रुपये दे दिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि आरोपी ने उसकी नौकरी जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सलाहकार के पद पर मानदेय पर लगवा दी। दो साल बाद ही उसे नौकरी से हटा दिया गया। जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो डीपीएम ने प्रशासन एवं सचिवालय तक पहुंच होने की धमकी दी। इसके अलावा साकेत कॉलोनी निवासी रेखा ने एसएसपी को दिए शिकायत पत्र में कहा है कि उसके पति अनुज भारद्वाज से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर सरदार बलजीत सिंह ने 2016 में तीन लाख रुपये लिए थे। नौकरी नहीं लगने पर डिप्रेशन में आने से उसके पति की मौत हो गई। वह लगातार डीपीएम से रुपये लौटाने के लिए कह रही हैं लेकिन उसके रुपये नहीं लौटाए जा रहे।
विज्ञापन
इस मामले में डीपीएम सरदार बलजीत सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ साजिश की जा रही है। उन पर लगाए आरोप गलत हैं। ठेके के मामले में भी वह जांच अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं। उनका उस मामले से भी कोई लेना देना नहीं था।
विज्ञापन