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शहीद को पूरे सम्मान के साथ दी अश्रुपूर्ण विदाई
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शहीद को पूरे सम्मान के साथ दी अश्रुपूर्ण विदाई
मुजफ्फरनगर। पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए आरआर यूनिट के जवान प्रशांत शर्मा को मंगलवार को अंतिम बार अश्रुपूर्ण विदाई दी गई। आत्मबोध श्मशान घाट से उनकी अस्थियां चुनने के बाद परिजनों ने हरिद्वार के वीआईपी घाट पर उन्हें विसर्जित किया।
मंगलवार सुबह बुढ़ाना मोड़ से शहीद प्रशांत शर्मा के परिजन बड़ी संख्या में अन्य लोगों के साथ काली नदी स्थित आत्मबोध श्मशान घाट पहुंचे। वहां से शहीद की अस्थियां चुनने के बाद उन्हें एक कलश में स्थापित कर श्मशान के बाहर खड़ी पुष्पों से लदी जीप में रखा गया। जीप पर शहीद प्रशांत शर्मा का चित्र लगाकर एक अन्य गाड़ी व कई बाइकों के साथ शहर के शिवचौक से होते हुए परिजन रुड़की रोड से होकर सीधे हरिद्वार के लिए रवाना हुए। इस दौरान शहर में कई स्थानों व शिवचौक पर शहीद के अस्थि कलश को लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचकर हर की पौड़ी के सामने स्थित वीआईपी घाट पर शहीद के बड़े भाई विक्की शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी अस्थियों को मां गंगा में प्रवाहित कर देश के लाडले बेटे को अंतिम बार अश्रुपूर्ण विदाई दी। इसके बाद गमजदा परिजन घर लौट आए, जहां अन्य रस्मों को अदा किया गया।
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मुजफ्फरनगर। पुलवामा में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए आरआर यूनिट के जवान प्रशांत शर्मा को मंगलवार को अंतिम बार अश्रुपूर्ण विदाई दी गई। आत्मबोध श्मशान घाट से उनकी अस्थियां चुनने के बाद परिजनों ने हरिद्वार के वीआईपी घाट पर उन्हें विसर्जित किया।
मंगलवार सुबह बुढ़ाना मोड़ से शहीद प्रशांत शर्मा के परिजन बड़ी संख्या में अन्य लोगों के साथ काली नदी स्थित आत्मबोध श्मशान घाट पहुंचे। वहां से शहीद की अस्थियां चुनने के बाद उन्हें एक कलश में स्थापित कर श्मशान के बाहर खड़ी पुष्पों से लदी जीप में रखा गया। जीप पर शहीद प्रशांत शर्मा का चित्र लगाकर एक अन्य गाड़ी व कई बाइकों के साथ शहर के शिवचौक से होते हुए परिजन रुड़की रोड से होकर सीधे हरिद्वार के लिए रवाना हुए। इस दौरान शहर में कई स्थानों व शिवचौक पर शहीद के अस्थि कलश को लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। तीर्थनगरी हरिद्वार पहुंचकर हर की पौड़ी के सामने स्थित वीआईपी घाट पर शहीद के बड़े भाई विक्की शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी अस्थियों को मां गंगा में प्रवाहित कर देश के लाडले बेटे को अंतिम बार अश्रुपूर्ण विदाई दी। इसके बाद गमजदा परिजन घर लौट आए, जहां अन्य रस्मों को अदा किया गया।
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