{"_id":"5a9d8f054f1c1b3f658b6121","slug":"section-book-of-devotion-in-the-kalash-yatra","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलश यात्रा में भक्ति की धारा बही ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलश यात्रा में भक्ति की धारा बही
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Tue, 06 Mar 2018 12:10 AM IST
विज्ञापन
cultural
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोरना। शुक्रताल स्थित दंडी आश्रम में पूज्य भागवत संत ब्रह्मलीन स्वामी विष्णु आश्रम महाराज की 14वीं पुण्यतिथि पर कलश यात्रा निकाली गई। दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने साधु, संत और महात्माओं ने भाग लिया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधि विधानपूर्वक भागवत कथा आरंभ की गई।
पौराणिक तीर्थ नगरी शुक्रताल में प्रसिद्ध दंडी आश्रम में साप्ताहिक भागवत कथा का आयोजन किया गया है। आश्रम अधिष्ठता ब्रह्मचारी स्वामी गुरुदत्त महाराज के सानिध्य में बैंडबाजों के बीच मुख्य यज्ञमान पूनम राज पत्नी राजकुमार राज ने साधु व संतों का आशीर्वाद लेकर कलश यात्रा में भाग लिया।
वहीं, कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत, भजन गाकर प्रभु भक्ति में अपनी आस्था के भाव को प्रदर्शित किया। कलश यात्रा आश्रम के प्रांगण से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, स्वामी कल्याण देव तिराहे से होते हुए अंबेडकर चौक से गंगा घाट रोड होते हुए मुख्य गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने संस्कृत भाषा में मंत्रोच्चारण कर मां गंगा की पूजा अर्चना संपन्न की।
विज्ञापन
इसके बाद कलश यात्रा पंजाबी धर्मशाला होते हुए हनुमान धाम से वापस आश्रम में पहुंचकर समाप्त हुई। तय समय पर भागवत कथा व्यास जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ भानुपुरा पीठाधीश्वर ने आश्रम के वेद विद्यालय के दर्जनों ब्रह्मचारियों के उच्च स्वर में किए गए मंत्रोच्चारण के बीच व्यास पीठ का पूजन कर भागवत कथा को प्रारंभ किया। कथा को सुनने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई उत्तराखंड, पंजाब आदि से काफी संख्या में श्रद्धालु आए हैं। कथा की व्यवस्था में मनोहर शर्मा, आचार्य गिरीश वशिष्ठ, आचार्य राजीव मिश्र, आचार्य उमाकांत द्विवेदी, दिनेश चंद पांडेय, पुनीत कौशिक, बनवारी लाल, जगदीश वशिष्ट, पुनीत कौशिक गंगादत्त शर्मा गोपाल आदि लगे हुए हैं। साधु व संतों को आयोजित भंडारे का प्रसाद खिलाकर दान दक्षिणा भी दी गई।
विज्ञापन
पौराणिक तीर्थ नगरी शुक्रताल में प्रसिद्ध दंडी आश्रम में साप्ताहिक भागवत कथा का आयोजन किया गया है। आश्रम अधिष्ठता ब्रह्मचारी स्वामी गुरुदत्त महाराज के सानिध्य में बैंडबाजों के बीच मुख्य यज्ञमान पूनम राज पत्नी राजकुमार राज ने साधु व संतों का आशीर्वाद लेकर कलश यात्रा में भाग लिया।
विज्ञापन
वहीं, कलश यात्रा के दौरान महिलाओं ने मंगल गीत, भजन गाकर प्रभु भक्ति में अपनी आस्था के भाव को प्रदर्शित किया। कलश यात्रा आश्रम के प्रांगण से प्रारंभ होकर बस स्टैंड, स्वामी कल्याण देव तिराहे से होते हुए अंबेडकर चौक से गंगा घाट रोड होते हुए मुख्य गंगा घाट पहुंची, जहां पर पुरोहितों ने संस्कृत भाषा में मंत्रोच्चारण कर मां गंगा की पूजा अर्चना संपन्न की।
विज्ञापन
इसके बाद कलश यात्रा पंजाबी धर्मशाला होते हुए हनुमान धाम से वापस आश्रम में पहुंचकर समाप्त हुई। तय समय पर भागवत कथा व्यास जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी दिव्यानंद तीर्थ भानुपुरा पीठाधीश्वर ने आश्रम के वेद विद्यालय के दर्जनों ब्रह्मचारियों के उच्च स्वर में किए गए मंत्रोच्चारण के बीच व्यास पीठ का पूजन कर भागवत कथा को प्रारंभ किया। कथा को सुनने के लिए दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मुंबई उत्तराखंड, पंजाब आदि से काफी संख्या में श्रद्धालु आए हैं। कथा की व्यवस्था में मनोहर शर्मा, आचार्य गिरीश वशिष्ठ, आचार्य राजीव मिश्र, आचार्य उमाकांत द्विवेदी, दिनेश चंद पांडेय, पुनीत कौशिक, बनवारी लाल, जगदीश वशिष्ट, पुनीत कौशिक गंगादत्त शर्मा गोपाल आदि लगे हुए हैं। साधु व संतों को आयोजित भंडारे का प्रसाद खिलाकर दान दक्षिणा भी दी गई।