फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Sardhana MLA Sangeet Som gets relief

विधायक संगीत सोम को मिली राहत, मुकदमा खत्म

Tue, 09 Mar 2021 11:49 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 09 Mar 2021 11:49 PM IST
विज्ञापन
Sardhana MLA Sangeet Som gets relief
सरधना विधायक संगीत सोम को मिली राहत
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। मेरठ जिले के सरधना विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक संगीत सोम को कवाल कांड की फर्जी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल किए जाने के मामले में विशेष सत्र न्यायालय से राहत मिल गई है। मुकदमे के वादी सुबोध कुमार सिंह की मौत व साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने वर्ष 2017 में लगाई गई एफआर को मंजूरी देते हुए मुकदमे को खत्म कर दिया है। विधायक को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के कवाल गांव में 27 अगस्त 2013 को मजरा मलिकपुरा के फुफेरे भाइयों सचिन व गौरव की हत्या कर दी गई थी। घटना में दूसरे पक्ष की शाहनवाज की भी मौत हुई थी। उसी दौरान सोशल मीडिया पर दो युवकों की बर्बरतापूर्वक की गई हत्या की एक वीडियो क्लिप वायरल हुई, जिसे सचिन-गौरव की हत्या की वीडियो बनाकर प्रचारित किया गया। इसे शुभम नाम की फेसबुक आईडी से सरधना विधायक संगीत सोम को शेयर किया गया, जिसे विधायक ने लाइक भी किया। इस फर्जी वायरल वीडियो से जनाक्रोश बढ़ता गया और यह दंगे की बड़ी वजह बनी। वहीं, वायरल वीडियो मामले से संगीत सोम का नाम जुड़ते ही सियासत गरमा गई। शासन के आदेश पर तत्कालीन रामलीला टिल्ला चौकी प्रभारी एसआई सुबोध कुमार सिंह ने शहर कोतवाली में अपराध संख्या 1118/2013 धारा 153-ए, 420, 120-बी आईपीसी एवं 66-ए आईटी एक्ट में अभियोग पंजीकृत कर दिया। इसके बाद संगीत सोम को गिरफ्तार कर जेल भेजते हुए उन पर रासुका लगा दी गई।
विज्ञापन

दंगे की जांच कर रही एसआईसी ने कथित वीडियो की जांच शुरू करते हुए फेसबुक मुख्यालय के साथ ही इंटरपोल से भी सहयोग लिया गया, लेकिन यह वीडियो क्लिप किस शुभम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया, इसका पता नहीं चला। उधर, करीब डेढ़ साल तक जेल में बंद रहे विधायक संगीत सोम को लखनऊ में एडवाइजरी बोर्ड ने रासुका निरस्त कर राहत दी, जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया। इस मामले की सुनवाई एमपी एमएलए विशेष कोर्ट अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-पांच में विशेष न्यायाधीश रामसुध सिंह के समक्ष हुई, जिसमें विवेचना के दौरान साक्ष्य न मिलने पर वर्ष 2017 में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। इसी दौरान वर्ष 2018 में मुकदमे के वादी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की बुलंदशहर के स्याना थाना प्रभारी रहते हुए दंगे के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। वादी की मौत, साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन के विरोध न करने पर विशेष सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 2017 में लगाई गई एफआर स्वीकार करते हुए मुकदमे को खत्म कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed