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किसान की मौत से ग्रामीण भड़के, नहीं उठाने दिया शव 

Fri, 19 Aug 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 19 Aug 2016 12:24 AM IST
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Rural sparked by the death of the farmer
सीओ का घेराव करते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन विद्युत लाइन के तारों से छू गई। जिससे करंट लगने से चालक किसान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा ग्रामीण चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। किसान की मौत से ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
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ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार करते हुए बिजली अधिकारियों को मौके पर बुलाने और पीड़ित परिजनों को मुआवजा दिलाए जाने की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने छह घंटे बाद शव को उठाने दिया।
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रतनपुरी के गांव डबल निवासी किसान विक्रम (28) पुत्र मंगू त्यागी बृहस्पतिवार सुबह गांव निवासी सोमपाल के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में पापुलर की लकड़ी लादकर चरथावल भेजने के लिए जा रहा था। डबल और मोरकुक्का मार्ग के बीच 11 हजार विद्युत लाइन के तार काफी नीचे लटके हुए हैं। लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से तार टच हो गए। जिससे ट्रैक्टर-ट्रॉली में करंट दौड़ गया। सोमपाल ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचा ली।
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किसान विक्रम जैसे ही ट्रैक्टर से नीचे कूदा उसके पैरों से चप्पल निकल गई और हाथ ट्रैक्टर से टच हो गया। हाथ में तेज करंट लगने से विक्रम की मौके पर ही मौत हो गई। सोमपाल भागकर गांव पहुंचा और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। परिजन एवं ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने विद्युत अधिकारियों को लाइन बंद करने की मांग की, लेकिन दो घंटे बाद लाइन बंद हो सकी। किसान की मौत से ग्रामीण भड़क उठे।

गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची पुलिस को शव उठाने नहीं दिया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग पर किसान की मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर खतौली एसडीएम बाबूराम, बुढ़ाना एसडीएम ज्ञानप्रकाश त्रिपाठी, सीओ बुढ़ाना सुधीर कुमार, सीओ खतौली हरिराम यादव भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। विद्युत अधिकारियों के न आने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। भाकियू ब्लाक अध्यक्ष कपिल सोम ने हाईवे पर शव रखकर जाम लगाने की चेतावनी दे डाली।

जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह व भाजपा नेता नितिन मलिक भी पहुंच गए। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक एक्सईएन मौके पर नहीं आएंगे और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक शव उठाने नहीं देंगे। सूचना मिलने पर एक्सईएन अरुण कुमार भारती भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को पांच लाख रुपये किसान दुर्घटना बीमा, विभागीय मुआवजा चार लाख और 30 हजार रुपये की तत्काल सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने आश्वासन मिलने पर छह घंटे बाद ग्रामीणों ने शव को उठाने दिया। मृतक के भाई की ओर से एसडीएम, जेई और संविदाकर्मी के खिलाफ थाना मंसूरपुर में तहरीर दी गई है। सीओ हरिराम यादव का कहना है कि तहरीर मिल गई है। मुकदमा दर्ज किया जाएगा।


परिवार में हो चुकी हैं करंट से तीन मौतेें
गांव डबल निवासी मंगू त्यागी के आठ बेटे थे। मृतक विक्रम के अलावा आठ वर्ष पूर्व 11 हजार विद्युत लाइन के करंट से ही भाई कृष्ण की मौत हो गई थी। छह वर्ष पूर्व भी छोटे भाई बिजेंद्र की घर में स्टेपलाईजर में करंट आने से मौत हो गई थी। इस तरह तीन भाइयों की मौत बिजली के करंट से हो चुकी है। परिवार में विक्रम की मौत से कोहराम मचा है और पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है।
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