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बेकाबू रोडवेज बस ने दो किशोरों को कुचला,परिजनों ने लगाया जाम
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 21 Feb 2018 11:45 PM IST
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हाईवे पर किशोरों के शव रखकर जाम लगाते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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खतौली बिजलीघर के सामने भैंसाली डिपो की रोडवेज बस की चपेट में आकर दो बालकों की मौत हो गई। बालकों की मौत से लोगों का गुस्सा भड़क गया। गुस्साए लोगों ने पुलिस को शव उठाने से इंकार कर दिया। इस पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई।
प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जाम लगा दिया और सड़क पर धरना देकर बैठ गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम कुमार धर्मेंद्र ने शासन को मुआवजा के लिए लिखकर भेजने का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर तीन घंटे बाद जाम खुला।
मोहल्ला श्यामपुरी (पंजाबी कॉलोनी) निवासी नैतिक उर्फ कार्तिक (12) पुत्र संजय लोहिया और मोहल्ले का ही रहने वाला उसका दोस्त नवजोत सिंह उर्फ छोटू (14) पुत्र स्व. सरदार गुरमुख सिंह बुधवार सुबह बिजलीघर पर बिल जमा करने के लिए गए थे। बिजली का बिल जमा करने के बाद दोनों दोस्त घर आ रहे थे।
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करीब 11.15 बजे जीटी रोड पर मेरठ की ओर से तेजी से आ रही भैंसाली डिपो की रोडवेज बस ने दोनों को कुचल डाला। बस के पहिये के नीचे आ जाने से नैतिक और नवजोत की मौके पर मौत हो गई। हादसे के दौरान चालक बस को लेकर फरार हो गया। एक साथ दो बालकों की मौत से लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस शवों को उठाने लगी, जिसको लेकर लोग भड़क उठे।
आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से मना कर दिया। इस दौरान लोगों की पुलिस के साथ काफी नोकझोंक भी हो गई। गुस्साए लोगों ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगाकर धरना देकर बैठ गए। हादसे की जानकारी मिलने पर विधायक विक्रम सैनी भी मौके पर पहुंचे। जाम की सूचना पर एसडीएम कुमार धर्मेंद्र, सीओ डॉ राजीव कुमार सिंह, तहसीलदार अमित कुमार भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एसडीएम ने 20-20 लाख का मुआवजा दिलाने के लिए शासन को लिखकर भेजने का भरोसा दिया। इसे आश्वासन पर लोगों ने करीब तीन घंटे बाद जाम खोला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक साथ दो अर्थियां उठीं
खतौली। मोहल्ला श्यामपुरी में सड़क हादसे में मारे गए दोनों किशोरों की एक साथ अर्थियां उठी तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की भीड़ के श्मशान घाट तक आंखों से आंसू छलकते चले गए। मृतक किशोरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन व मोहल्ले के लोग नैतिक और नवजोत का शव लेकर घर पर पहुंचे। घर पर शव पहुंचते ही दोनों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं शवों से लिपट लिपटकर रोने लगी। मृतकों के परिवार में मातम जैसा माहौल हो गया था।
मोहल्ले से एक साथ दोनों दोस्तों की अर्थियां उठने पर परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा में शामिल होने वाली भीड़ में शामिल लोग भी अपने आंसू रोक नहीं सके। श्मशानघाट तक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे लोगों के आंसू नहीं रुक रहे थे।
देर शाम को परिजनों ने गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक नैतिक के पिता संजय लोहिया ने रोडवेज बस के चालक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। पुलिस ने बस को कब्जे में ले ली है।
रालोद जिलाध्यक्ष और विधायक भिड़े
बिजलीघर के सामने हादसे में मरे नैतिक व नवजोत सिंह के पीड़ित परिजनों को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भीड़ ने जाम लगा दिया था। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी भी वहां पहुंच गए थे। जिलाध्यक्ष ने वहां मौजूद विधायक विक्रम सिंह से कहा कि उनकी सरकार चल रही है।
इसलिए वे सरकार से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाए। जिस पर विधायक बोल बैठे कि उनके हिस्से में छह बीघे जमीन आती है, वे उसको नाम करा लो। इस बात को लेकर दोनों में काफी बहस हुई। पुलिस ने दोनों को समझाकर शांत किया। इस दौरान भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी तक कर दी थी।
चार बहनों का इकलौता भाई था नैतिक
नैतिक अपने घर में चार बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा पांच में पढ़ता था। चारों बहन अपने इकलौते भाई को बड़ा स्नेह करती थीं। नैतिक की मौत से पिता संजय लोहिया, मां गोल्डी और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नवजोत करता था मजदूरी
मृतक नवजोत सिंह के पिता की 10 वर्ष पूर्व लुधियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में मां के अलावा एक बड़ा भाई है। परिवार का खर्च चलाने के लिए नवजोत मेहनत मजदूरी करता था। नवजोत की मौत से मां व भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।
चेयरमैन के पति ने 50-50 हजार का चेक सौंपा
पालिका चेयरमैन पति काजी जमील अहमद ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर मानवता का परिचय देते हुए मृतकों के परिजनों को अपनी ओर से 50-50 हजार रुपए का चेक सौंपा।
उधर, हादसे में किशोरों की मौत की खबर लगने पर भाकियू विदेश मोतला, आकाश मलिक, उज्ज्वल त्यागी आदि कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे। इन्होंने एसडीएम कुमार धर्मेंद्र से मौके पर ही 20-20 लाख रुपये के चेक देने की मांग की। इनका आरोप है कि अधिकारियों ने बिना चेक दिए ही शवों को उठा लिया।
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प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर जाम लगा दिया और सड़क पर धरना देकर बैठ गए। मौके पर पहुंचे एसडीएम कुमार धर्मेंद्र ने शासन को मुआवजा के लिए लिखकर भेजने का भरोसा दिया, तब कहीं जाकर तीन घंटे बाद जाम खुला।
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मोहल्ला श्यामपुरी (पंजाबी कॉलोनी) निवासी नैतिक उर्फ कार्तिक (12) पुत्र संजय लोहिया और मोहल्ले का ही रहने वाला उसका दोस्त नवजोत सिंह उर्फ छोटू (14) पुत्र स्व. सरदार गुरमुख सिंह बुधवार सुबह बिजलीघर पर बिल जमा करने के लिए गए थे। बिजली का बिल जमा करने के बाद दोनों दोस्त घर आ रहे थे।
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करीब 11.15 बजे जीटी रोड पर मेरठ की ओर से तेजी से आ रही भैंसाली डिपो की रोडवेज बस ने दोनों को कुचल डाला। बस के पहिये के नीचे आ जाने से नैतिक और नवजोत की मौके पर मौत हो गई। हादसे के दौरान चालक बस को लेकर फरार हो गया। एक साथ दो बालकों की मौत से लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस शवों को उठाने लगी, जिसको लेकर लोग भड़क उठे।
आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से मना कर दिया। इस दौरान लोगों की पुलिस के साथ काफी नोकझोंक भी हो गई। गुस्साए लोगों ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगाकर धरना देकर बैठ गए। हादसे की जानकारी मिलने पर विधायक विक्रम सैनी भी मौके पर पहुंचे। जाम की सूचना पर एसडीएम कुमार धर्मेंद्र, सीओ डॉ राजीव कुमार सिंह, तहसीलदार अमित कुमार भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने की मांग पर अड़ गए। बाद में एसडीएम ने 20-20 लाख का मुआवजा दिलाने के लिए शासन को लिखकर भेजने का भरोसा दिया। इसे आश्वासन पर लोगों ने करीब तीन घंटे बाद जाम खोला। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
एक साथ दो अर्थियां उठीं
खतौली। मोहल्ला श्यामपुरी में सड़क हादसे में मारे गए दोनों किशोरों की एक साथ अर्थियां उठी तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की भीड़ के श्मशान घाट तक आंखों से आंसू छलकते चले गए। मृतक किशोरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार की शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजन व मोहल्ले के लोग नैतिक और नवजोत का शव लेकर घर पर पहुंचे। घर पर शव पहुंचते ही दोनों के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार की महिलाएं शवों से लिपट लिपटकर रोने लगी। मृतकों के परिवार में मातम जैसा माहौल हो गया था।
मोहल्ले से एक साथ दोनों दोस्तों की अर्थियां उठने पर परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम यात्रा में शामिल होने वाली भीड़ में शामिल लोग भी अपने आंसू रोक नहीं सके। श्मशानघाट तक अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे लोगों के आंसू नहीं रुक रहे थे।
देर शाम को परिजनों ने गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक नैतिक के पिता संजय लोहिया ने रोडवेज बस के चालक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। पुलिस ने बस को कब्जे में ले ली है।
रालोद जिलाध्यक्ष और विधायक भिड़े
बिजलीघर के सामने हादसे में मरे नैतिक व नवजोत सिंह के पीड़ित परिजनों को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर भीड़ ने जाम लगा दिया था। रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी भी वहां पहुंच गए थे। जिलाध्यक्ष ने वहां मौजूद विधायक विक्रम सिंह से कहा कि उनकी सरकार चल रही है।
इसलिए वे सरकार से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिलाए। जिस पर विधायक बोल बैठे कि उनके हिस्से में छह बीघे जमीन आती है, वे उसको नाम करा लो। इस बात को लेकर दोनों में काफी बहस हुई। पुलिस ने दोनों को समझाकर शांत किया। इस दौरान भीड़ ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी तक कर दी थी।
चार बहनों का इकलौता भाई था नैतिक
नैतिक अपने घर में चार बहनों का इकलौता भाई था। वह कक्षा पांच में पढ़ता था। चारों बहन अपने इकलौते भाई को बड़ा स्नेह करती थीं। नैतिक की मौत से पिता संजय लोहिया, मां गोल्डी और चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नवजोत करता था मजदूरी
मृतक नवजोत सिंह के पिता की 10 वर्ष पूर्व लुधियाना में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर में मां के अलावा एक बड़ा भाई है। परिवार का खर्च चलाने के लिए नवजोत मेहनत मजदूरी करता था। नवजोत की मौत से मां व भाई का रो-रोकर बुरा हाल है।
चेयरमैन के पति ने 50-50 हजार का चेक सौंपा
पालिका चेयरमैन पति काजी जमील अहमद ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त कर मानवता का परिचय देते हुए मृतकों के परिजनों को अपनी ओर से 50-50 हजार रुपए का चेक सौंपा।
उधर, हादसे में किशोरों की मौत की खबर लगने पर भाकियू विदेश मोतला, आकाश मलिक, उज्ज्वल त्यागी आदि कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए थे। इन्होंने एसडीएम कुमार धर्मेंद्र से मौके पर ही 20-20 लाख रुपये के चेक देने की मांग की। इनका आरोप है कि अधिकारियों ने बिना चेक दिए ही शवों को उठा लिया।