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सड़कों में जमींदोज है आग बुझाने के मददगार 41 हाईडेंड वाल्व
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मुजफ्फरनगर। नगर में आग से बचाव के लिए पानी की टंकी पर लगाए 41 हाईडेंट वाल्व जमीन में दबे हुए है। तो आग लगने पर बचाव के लिए उठाए जाने वाले उपायों को लेकर व्यापारी, औद्योगिक इकाईयां, वेंकट हाल व स्कूल संचालक लापरवाही बरत रहे है। नगर की 45 सड़कें ऐसी है, जहां पर एक दशक पहले पानी की टंकी पर हाईडेंट वाल्व लगाई गई थी। ताकि संकरी गलियों में आग लगने पर दमकल टीम वाल्व से अपनी गाडी में पानी भर सकें। लेकिन सड़कों को ऊंचा उठाने पर यह वाल्व सड़क में जमींदोज हो गई है। ऐसे में अब दमकल विभाग को मुश्किल हो जसकती है। चार फायर स्टेशन पर, एसडी मार्केट के पास, गांधी कालोनी गंली नंबर 12 व एसडी कन्या इंटर कालेज गांधी कालोनी में ही हाईडेंट वाल्व ही चालू हालत में है।
11 हाइडेंट वाल्व कर रही काम
शहर क्षेत्र में 45 हाईडेंट वाल्व कई साल पहले लगाई थी। इनमें से मात्र चार ही काम कर रही है। इसके अलावा नगर पालिका के 7 हाईडेंट वाल्व भी दमकल टीम का सहारा बनी है।
यहां आई लापरवाही सामने
केस 1-
बुढ़ाना में एक पखवाडे पहले पुराने टायरों से तेल निकालने वाली फैक्टरी में आग लग गई थी। वहां पर आग बुझाने वाले उपकरण नहीं लगाए गए थे। दमकल टीम ने पड़ोसी किसान के नलकूप से पानी लेकर आग को बुझाया था। इस फैक्टरी के बारे में दमकल विभाग को जानकारी ही नहीं थी।
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केस 2-
थाना सिखेड़ा क्षेत्र में जौली मार्ग पर एक पेपर मिल में एक पखवाडे पहले आग लगी तो दमकल टीम ने पहुंच कर आग बुझाई। इस फैक्टरी में भी आग बुझाने के उपकरण नही थे। दमकल विभाग के पास फैक्टरी का कोई डाटा नही था।
रजिस्टर जांच की होती है खानापूर्ति
बताते हैं कि जहां कहीं भी आग बुझाने के उपकरण लगे है, वहां एक रजिस्टर बनाया जाता है। सूत्र बताते है कि इस रजिस्टर में कर्मचारी खुद ही जांच लिखते रहते है, दमकल टीम वार्षिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट लगाते है।
अफसरों की बड़ी लापरवाही
शहर में जो 45 हाईडेंट वाल्व लगाई थी, वह सभी सड़क ऊंची करने के दौरान जमीन में दब गई। नगर पालिका व अन्य अधिकारियों ने हाईडेंट वाल्व की सुध नहीं ली।
इन्होंने कहा
जहां आग बुझाने वाले उपकरण नहीं लगे है। या लापरवाही बरती जा रही है। जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। -कुमार रमा शंकर तिवारी, सीएफओ।
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11 हाइडेंट वाल्व कर रही काम
शहर क्षेत्र में 45 हाईडेंट वाल्व कई साल पहले लगाई थी। इनमें से मात्र चार ही काम कर रही है। इसके अलावा नगर पालिका के 7 हाईडेंट वाल्व भी दमकल टीम का सहारा बनी है।
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यहां आई लापरवाही सामने
केस 1-
बुढ़ाना में एक पखवाडे पहले पुराने टायरों से तेल निकालने वाली फैक्टरी में आग लग गई थी। वहां पर आग बुझाने वाले उपकरण नहीं लगाए गए थे। दमकल टीम ने पड़ोसी किसान के नलकूप से पानी लेकर आग को बुझाया था। इस फैक्टरी के बारे में दमकल विभाग को जानकारी ही नहीं थी।
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केस 2-
थाना सिखेड़ा क्षेत्र में जौली मार्ग पर एक पेपर मिल में एक पखवाडे पहले आग लगी तो दमकल टीम ने पहुंच कर आग बुझाई। इस फैक्टरी में भी आग बुझाने के उपकरण नही थे। दमकल विभाग के पास फैक्टरी का कोई डाटा नही था।
रजिस्टर जांच की होती है खानापूर्ति
बताते हैं कि जहां कहीं भी आग बुझाने के उपकरण लगे है, वहां एक रजिस्टर बनाया जाता है। सूत्र बताते है कि इस रजिस्टर में कर्मचारी खुद ही जांच लिखते रहते है, दमकल टीम वार्षिक निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट लगाते है।
अफसरों की बड़ी लापरवाही
शहर में जो 45 हाईडेंट वाल्व लगाई थी, वह सभी सड़क ऊंची करने के दौरान जमीन में दब गई। नगर पालिका व अन्य अधिकारियों ने हाईडेंट वाल्व की सुध नहीं ली।
इन्होंने कहा
जहां आग बुझाने वाले उपकरण नहीं लगे है। या लापरवाही बरती जा रही है। जांच कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। -कुमार रमा शंकर तिवारी, सीएफओ।