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परंपरागत घाट मेले के दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 15 Mar 2017 12:37 AM IST
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कुश्ती में दावपेंच लगाते पहलवान।
- फोटो : अमर उजाला
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चरथावल के सद्भाव और एकता के प्रतीक परंपरागत घाट मेले में कस्बे समेत दर्जन भर गांव से बड़ी तादाद में लोगों ने पहुंचकर लुत्फ उठाया। मेले में सजे दंगल में पहलवानों ने दांवपेंच दिखाकर रोमांचित किया। दंगल का उद्घाटन रालोद एमएलसी चौधरी मुश्ताक ने किया।
मेला प्रांगण मे सजे अखाड़े में दूरदराज के पहलवानों ने जोर आजमाइश की। दंगल में सोनू पहलवान ने दानिश का पटखनी दी। कुटेसरा के कासिम ने शाहनवाज को चित किया और सोनू से परवेज को रोमांचक मुकाबले में हराया। लाल्ला लड़वा और परवेज बघरा की कुश्ती भी रोमांचक रही। रेफरी की अब्दुल ने भूमिका निभाई। मुख्य अतिथि रालोद एमएलसी चौधरी मुश्ताक कहा कि मेलों का आयोजन परस्पर सद्भाव और भाईचारा कायम रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जिससे हिंदू और मुस्लिमों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ता है।
उन्होंने पहलवानों से परिचय प्राप्त किया। बुजुर्ग कृष्ण कुमार शर्मा बताते हैं कि कस्बे में सदियों से लगने वाले घाट मेले में फाग खेलकर परस्पर वैमनस्य और बैर मिटाने की परंपरा है। दर्जनों गांवों के लोगों ने मेले में आकर खरीदारी की। कस्बे के अलावा गांव कुटेसरा, कुल्हेड़ी, निरधना, चौकड़ा, दधेडू कलां, दधेडू खुर्द से लोग मेला देखने पहुंचे।
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तीरग्रान मोहल्ले में दोनों तरफ लगी दुकानों के कारण रास्ता बेहद संकरा रहता है, जिससे अव्यवस्था हावी रहती है। मौत का कुआं, मैजिकल सर्कस, मिनी सर्कस पर कलाकारों ने करतब दिखाए। मैजिकल शो एवं वैरायटी शो में डांसरों ने नृत्य कर दर्शकों को खूब लुभाया। सतेंद्र त्यागी, डॉ. नौशाद त्यागी, इसरार, तसलीम लाल्ला त्यागी, मोहतसीम, नूरसलीम, मेहरबान का सहयोग रहा।
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मेला प्रांगण मे सजे अखाड़े में दूरदराज के पहलवानों ने जोर आजमाइश की। दंगल में सोनू पहलवान ने दानिश का पटखनी दी। कुटेसरा के कासिम ने शाहनवाज को चित किया और सोनू से परवेज को रोमांचक मुकाबले में हराया। लाल्ला लड़वा और परवेज बघरा की कुश्ती भी रोमांचक रही। रेफरी की अब्दुल ने भूमिका निभाई। मुख्य अतिथि रालोद एमएलसी चौधरी मुश्ताक कहा कि मेलों का आयोजन परस्पर सद्भाव और भाईचारा कायम रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। जिससे हिंदू और मुस्लिमों के बीच आपसी सौहार्द बढ़ता है।
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उन्होंने पहलवानों से परिचय प्राप्त किया। बुजुर्ग कृष्ण कुमार शर्मा बताते हैं कि कस्बे में सदियों से लगने वाले घाट मेले में फाग खेलकर परस्पर वैमनस्य और बैर मिटाने की परंपरा है। दर्जनों गांवों के लोगों ने मेले में आकर खरीदारी की। कस्बे के अलावा गांव कुटेसरा, कुल्हेड़ी, निरधना, चौकड़ा, दधेडू कलां, दधेडू खुर्द से लोग मेला देखने पहुंचे।
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तीरग्रान मोहल्ले में दोनों तरफ लगी दुकानों के कारण रास्ता बेहद संकरा रहता है, जिससे अव्यवस्था हावी रहती है। मौत का कुआं, मैजिकल सर्कस, मिनी सर्कस पर कलाकारों ने करतब दिखाए। मैजिकल शो एवं वैरायटी शो में डांसरों ने नृत्य कर दर्शकों को खूब लुभाया। सतेंद्र त्यागी, डॉ. नौशाद त्यागी, इसरार, तसलीम लाल्ला त्यागी, मोहतसीम, नूरसलीम, मेहरबान का सहयोग रहा।