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यूपीएससी की परीक्षा पास कर रिंकू समाज के लिए मिसाल बने
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रिकू राही।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। समाज कल्याण अधिकरी रहते हुए 100 करोड़ से अधिक का घोटाला उजागर करने वाले रिंकू राही ने सात गोली लगने और एक आंख गंवा देने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी। यूपीएससी की परीक्षा में 683 वी रैंक हासिल की है।
अलीगढ निवासी रिंकू सिंह राही ने यूपी पीसीएस 2007 बैच की परीक्षा उत्तीर्ण कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर मुजफ्फरनगर में ज्वाइनिंग की थी। जिले में करीब सौ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसकी सूचना उन्होंने निदेशालय को दी थी। कुछ दिन बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले में सात गोली लगी, एक आंख हमेशा के लिए चली गई, किसी तरह जान बच पाई। राही ने आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा दी। लगातार प्रयास के बाद 13 साल बाद उन्होंने सफलता हासिल की। 26 मार्च 2009 को हुए हमले में चार आरोपियों को दस-दस साल की सजा हुई है। चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
तीन जिलों में पोस्टिंग के दौरान चार बार थमाई गई चार्जशीट
ईमानदारी की जिंदा मिसाल माने जाने वाल रिंकू सिंह राही मौजूदा पोस्टिंग के दौरान ही शासन से दो बार चार्जशीट पा चुके हैं। रिंकू राही बताते हैं कि 2015-16 में श्रावस्ती तथा 2018 में ललितपुर पोस्टिंग के दौरान उनके इरादों को तोड़ने के लिए उन्हें मिथ्या आरोपों के तहत चार्जशीट थमाई गई। रिंकू कहते हैं कि पद और विभाग कोई भी हो। भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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अलीगढ निवासी रिंकू सिंह राही ने यूपी पीसीएस 2007 बैच की परीक्षा उत्तीर्ण कर 2008 में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर मुजफ्फरनगर में ज्वाइनिंग की थी। जिले में करीब सौ करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसकी सूचना उन्होंने निदेशालय को दी थी। कुछ दिन बाद उन पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले में सात गोली लगी, एक आंख हमेशा के लिए चली गई, किसी तरह जान बच पाई। राही ने आईपीएस बनने के लिए यूपीएससी की परीक्षा दी। लगातार प्रयास के बाद 13 साल बाद उन्होंने सफलता हासिल की। 26 मार्च 2009 को हुए हमले में चार आरोपियों को दस-दस साल की सजा हुई है। चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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तीन जिलों में पोस्टिंग के दौरान चार बार थमाई गई चार्जशीट
ईमानदारी की जिंदा मिसाल माने जाने वाल रिंकू सिंह राही मौजूदा पोस्टिंग के दौरान ही शासन से दो बार चार्जशीट पा चुके हैं। रिंकू राही बताते हैं कि 2015-16 में श्रावस्ती तथा 2018 में ललितपुर पोस्टिंग के दौरान उनके इरादों को तोड़ने के लिए उन्हें मिथ्या आरोपों के तहत चार्जशीट थमाई गई। रिंकू कहते हैं कि पद और विभाग कोई भी हो। भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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