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कृषि विभाग तक पहुंचा सम्मान, ढूंढे नहीं मिल रहे किसान
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मेरठ रोड पर स्थित कृषि प्रसार भवन का कार्यालय।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
- सम्मान निधि के लिए 10335 किसानों को ढूंढ रहा कृषि विभाग
- नाम है पर पता और जमीन की डिटेल नहीं हो रही है उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन करने वाले 10,335 किसान कृषि विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। छह माह से विभाग के कर्मचारी इन्हें ढूंढने के लिए गांव-गांव खाक छान रहे हैं। सम्मान निधि की सूची में किसान का नाम तो है, पर जमीन की डिटेल और किसान का पता नहीं है।
जिले में पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 2,93,907 किसानों ने पंजीकरण कराया है। हाल ही में किसानों के खातों में सम्मान निधि का जो पैसा जारी हुआ है, वह केवल 2,04,933 किसानों को ही मिल पाया है। इसमें 51,487 किसान ऐसे है, जिन्होंने आवेदन ही अपूर्ण भर रखा है। जिले में 10, 335 किसान तो ऐसे है जिनका नाम तो सूची में है, लेकिन उनका पता और जमीन की डिटेल नहीं है। ऐसे किसानों को ढूंढने में कृषि विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को पसीने आ गए हैं। किसानों की डिटेल रिकॉर्ड से गायब हो गई और केवल नाम रह गए। इन किसानों को सम्मान निधि का पैसा भी नहीं मिल पा रहा है।
उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी का कहना है कि हम इन किसानों को लगातार ढूंढ रहे हैं। गांव-गांव हमारे कर्मचारी जा रहे है, लेकिन किसान नहीं मिल पा रहे हैं।
51487 किसानों के आवेदन अपूर्ण
जिले में 51 हजार 487 किसानों ने जिन जन सूचना केंद्र से पीएम किसान सम्मान निधि के आवेदन कराए हैं, उन्होंने आवेदन में पूरी जानकारी नहीं भरी है। फार्म पूरा नहीं भरा होने के कारण इन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पाई है।
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प्रत्येक विकास खंड पर बनी है हेल्प डेस्क
उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी का कहना है कि 10,335 किसानों की पहचान के लिए प्रत्येक विकास खंड में हेल्प डेस्क बनाई गई है। उप निदेशक कार्यालय पर भी हैल्प डेस्क बनाई गई है किसान अपने अभिलेख लाकर यहां जमा करा सकते हैं।
सूची जारी करने में हुई त्रुटि
सूची जारी करने में त्रुटि हुई है। मंत्रालय स्तर पर हुई चूक के बाद पत्राचार भी चल रहा है। लेकिन अभी तक संशोधन नहीं हुआ है। कृषि विभाग को किसान भी नहीं मिल रहे हैं।
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- नाम है पर पता और जमीन की डिटेल नहीं हो रही है उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन करने वाले 10,335 किसान कृषि विभाग को ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। छह माह से विभाग के कर्मचारी इन्हें ढूंढने के लिए गांव-गांव खाक छान रहे हैं। सम्मान निधि की सूची में किसान का नाम तो है, पर जमीन की डिटेल और किसान का पता नहीं है।
जिले में पीएम किसान सम्मान निधि के लिए 2,93,907 किसानों ने पंजीकरण कराया है। हाल ही में किसानों के खातों में सम्मान निधि का जो पैसा जारी हुआ है, वह केवल 2,04,933 किसानों को ही मिल पाया है। इसमें 51,487 किसान ऐसे है, जिन्होंने आवेदन ही अपूर्ण भर रखा है। जिले में 10, 335 किसान तो ऐसे है जिनका नाम तो सूची में है, लेकिन उनका पता और जमीन की डिटेल नहीं है। ऐसे किसानों को ढूंढने में कृषि विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को पसीने आ गए हैं। किसानों की डिटेल रिकॉर्ड से गायब हो गई और केवल नाम रह गए। इन किसानों को सम्मान निधि का पैसा भी नहीं मिल पा रहा है।
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उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी का कहना है कि हम इन किसानों को लगातार ढूंढ रहे हैं। गांव-गांव हमारे कर्मचारी जा रहे है, लेकिन किसान नहीं मिल पा रहे हैं।
51487 किसानों के आवेदन अपूर्ण
जिले में 51 हजार 487 किसानों ने जिन जन सूचना केंद्र से पीएम किसान सम्मान निधि के आवेदन कराए हैं, उन्होंने आवेदन में पूरी जानकारी नहीं भरी है। फार्म पूरा नहीं भरा होने के कारण इन किसानों को सम्मान निधि नहीं मिल पाई है।
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प्रत्येक विकास खंड पर बनी है हेल्प डेस्क
उप निदेशक कृषि आरपी चौधरी का कहना है कि 10,335 किसानों की पहचान के लिए प्रत्येक विकास खंड में हेल्प डेस्क बनाई गई है। उप निदेशक कार्यालय पर भी हैल्प डेस्क बनाई गई है किसान अपने अभिलेख लाकर यहां जमा करा सकते हैं।
सूची जारी करने में हुई त्रुटि
सूची जारी करने में त्रुटि हुई है। मंत्रालय स्तर पर हुई चूक के बाद पत्राचार भी चल रहा है। लेकिन अभी तक संशोधन नहीं हुआ है। कृषि विभाग को किसान भी नहीं मिल रहे हैं।