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पीएम मोदी बोले: याद करिए...इमरजेंसी में अल्पसंख्यकों के साथ क्या हुआ था? भड़क उठा था आक्रोश

Thu, 04 Jul 2024 04:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Thu, 04 Jul 2024 04:52 PM IST
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Remember...what happened to minorities during Emergency
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : PTI

देश को हिलाकर रख देने वाला शहर का सबसे चर्चित 48 साल पुराना नसबंदी कांड राज्यसभा में गूंजा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यकों के हितों का दावा करने वाले याद करें कि मुजफ्फरनगर में अल्पसंख्यकों के साथ क्या हुआ था।

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शहर के खालापार में 18 अक्तूबर 1976 को नसबंदी का विरोध कर रहे अल्पसंख्यक समाज के लोगों पर पुलिस प्रशासन ने फायरिंग की, जिसमें 42 बेगुनाहों की मौत हो गई थी।

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मृतकों की स्मृति में यहां शहीद चौक बना हुआ है, जिस पर 25 शहीदों के नाम अंकित हैं। फक्करशाह चौक पर 17 मृतकों के नाम दिए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि 42 साल बाद भी मामले की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ पाई।

चरथावल कस्बे के मोहल्ला शेखजादगान पूर्वी के डॉ. मुस्तफा इमरजेंसी का जिक्र आते ही भावुक हो जाते हैं। वह बताते हैं कि उन्हें 25 जून 1975 को आपातकाल के दौरान मुख्य बाजार से उठाकर जेल भेजा था। तब वह डीएवी कॉलेज में छात्र नेता थे। इमरजेंसी के दौरान करीब साढ़े तीन महीने जेल में बंद रहे।

इसलिए भड़क उठा था आक्रोश
प्रशासन ने जिला अस्पताल और सोल्जर्स बोर्ड में कैंप लगाए थे। बुजुर्गों और जवानों को जबरदस्ती पकड़ कर कैंप में ले जाया जा रहा था, जिसकी वजह से आक्रोश भड़का। लोग सड़कों पर आ गए और पुलिस ने गोली चला दी थी।

नाराजगी से बदल गया सियासत का गणित
1971 के लोकसभा चुनाव में सीपीआई के विजयपाल सिंह ने भारत रत्न चौधरी चरण सिंह को हराकर सुर्खियां बटोरी थी। लेकिन इमरजेंसी के बाद 1977 के चुनाव में पासा पलट गया। तब भारतीय लोकदल के टिकट पर सईद मुर्तजा ने कांग्रेस के वरुण सिंह को हरा दिया था। सईद मुर्तजा को 270644 लाख और वरुण सिंह को 87985 वोट मिले थे।

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जनता पार्टी ने कराई थी जांच
वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद न्यायिक अधिकारी राम आसरे मिश्र कमेटी बनाकर न्यायिक जांच कराई गई थी। इसमें पुलिस-प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। तब मृतकों को मुआवजा दिया गया था।
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