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एक्सक्लूसिव: यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में गुड़ का रिकॉर्ड भंडारण, ऑनलाइन कारोबार भी बढ़ा

Fri, 12 Feb 2021 04:23 PM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Fri, 12 Feb 2021 04:23 PM IST
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Record storage of jaggery this time in Muzaffarnagar
मंडी में गुड़ की खरीददारी करते व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला

मुजफ्फरनगर जिले में इस बार शीतगृहों में गुड़ का रिकॉर्ड भंडारण हुआ है। जिले में दस फरवरी तक गुड़ के सात लाख 25 हजार 171 कट्टों का भंडारण हो चुका है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार दस फरवरी तक पांच लाख 40 हजार 78 कट्टों का अधिक भंडारण हुआ है। बीते वर्ष इस समय तक केवल एक लाख 85 हजार 93 गुड़ के कट्टे भंडारित हुए थे। हालांकि स्टॉक बढ़ने के बावजूद मंडी के कारोबार में कमी आई है।

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गुड़ भंडारण के लिए जिले में सात शीतगृह हैं और इनकी भंडारण क्षमता 12 लाख कट्टों की है और मुजफ्फरनगर में एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी है। साल 2019-2020 में पेराई सत्र लंबा चला था और गुड़ की आवक जून माह तक हुई थी। तब सीजन में 2600 रुपये क्विंटल गुड़ का भाव था जो बाद में 3600 रुपये क्विंटल तक पहुंचा था। ऐसी ही स्थिति इस बार भी होने का अनुमान व्यापारी लगा रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि इस बार दक्षिणी भारतीय राज्यों और पूर्वांचल में गन्ने की फसल कमजोर है और पेराई सत्र मार्च-अप्रैल तक ही खिच पाएगा, इसी के चलते स्टाकिस्ट गुड़ का स्टॉक कर रहे हैं। मुजफ्फरनगर में गुड़ का ओवर स्टॉक हो रहा है, ऐसे में दूसरे राज्यों के व्यापारी भी मुजफ्फरनगर के अधिक स्टॉक को देखते हुए स्टॉक नहीं कर रहे हैं। कृषि कानूनों के लागू होने के बाद मंडी के बाहर कारोबार टैक्स नहीं होने को भी एक वजह बताया जा रहा है।
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- इस बार सीजन करीब एक माह पहले शुरू हो गया, व्यापारियों ने स्टॉक भी जल्दी शुरू किया। फसल कमजोर है और पेराई सत्र भी जल्द समाप्त होगा। स्टॉक बाद में कमी आएगी। - संजय मित्तल, अध्यक्ष गुड़ मंडी एसोसिएशन
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- हम लोगों को गुड़ पर डेढ़ प्रतिशत टैक्स देना पड़ता है। हमारा गुड़ टैक्स नहीं देने वालों से महंगा हो जाता है। बाजार में इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। - श्याम सिंह सैनी, मंत्री, गुड़ मंडी एसोसिएशन
- इस समय दक्षिणी भारतीय राज्यों और पूर्वांचल में फसल कमजोर है और पेराई सत्र जल्द समाप्त होने का अनुमान है। इसी के चलते स्टाकिस्ट स्टॉक बढ़ा रहे हैं। - अचिंत मित्तल, गुड़ व्यापारी

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ऑनलाइन कारोबार बढ़ा
मुजफ्फरनगर जिले में गुड़ का ऑनलाइन वायदा कारोबार बढ़ा है। बुधवार को ऑनलाइन के माध्यम से जिले में गुड़ का 1086 कट्टों का व्यापार हुआ। राजस्थान और गुजरात के कई बड़े शहरों में वायदा कारोबार के माध्यम से गुड़ का व्यापार शुरू हुआ है। नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स) में गत 15 दिसंबर से देश भर में यहां गुड़ का वायदा कारोबार शुरू हुआ है। देश भर के गुड़ व्यापरी गुड़ी की खरीद बिक्री के लिए इस प्लेटफार्म से जुड़ रहे हैं। पहले गुड़ वायदा व्यापार फॉरवर्ड मार्केटिंग कमीशन द्वारा संचालित होता था, जबकि अब सेबी द्वारा नियंत्रित होता है। सेबी का नियम अधिक सख्त है। गुड़ व्यापारियों का मानना है कि गुड़ वायदा कारोबार का भविष्य अच्छा है।

बिजनौर में भी बढ़ा है स्टॉक
कोल्ड स्टोरेज में अब तक करीब साढ़े तीन लाख क्विंटल गुड़ रखा जा चुका है। यह पिछले साल से करीब 40 हजार क्विंटल ज्यादा है। इस समय गुड़ के दाम बहुत कम चल रहे हैं, ऑफ सीजन में बरसात के बाद गुड़ के दाम हर साल बढ़ते हैं। इस वजह से कोल्हू व क्रेशर संचालक अभी गुड़ बाजार में नहीं उतार रहे हैं और उसका स्टॉक कर रहे हैं।

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