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Muzaffarnagar : आस्था का केंद्र है शुकतीर्थ में काशी की तर्ज पर बना 115 फुट ऊंचा गुरू रविदास मंदिर
Sun, 05 Feb 2023 10:43 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 05 Feb 2023 10:43 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में बना संत रविदास का सात मंजिला मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। इस मंदिर की उंचाई 115 फीट है। दूर-दूर से इस मंदिर के दर्शन करने के लिए भक्त यहां पहुंचते हैं।
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संत रविदास का सात मंजिला मंदिर
- फोटो : amr ujala
विस्तार
मुजफ्फरनगर के शुकतीर्थ में डेढ़ करोड़ की लागत से 115 फुट का सात मंजिला संत शिरोमणि गुरू रविदास मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है। यह मंदिर काशी की तर्ज पर बनाया गया है। संत शिरोमणि रविदास आश्रम के प्रबंधक संत सत्यानंद महाराज ने बताया कि गुरु रविदास मंदिर को काशी की तर्ज पर बनाया गया है। इसमें लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत आई है।
यह 115 फुट ऊंचा सात मंजिला मंदिर है। 2006 में तत्कालीन केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान, तत्कालीन राज्यसभा सदस्य कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद द्वारा मंदिर की आधारशिला रखी गई थी। बारह वर्ष तक इस मंदिर का निर्माण कार्य चला।
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मंदिर में मुख्य प्रतिमा शिरोमणि संत रविदास जी महाराज के अलावा ब्रह्मलीन स्वामी मंगलानंद जी महाराज एवं ब्रह्मलीन स्वामी चेतानंद जी महाराज की मूर्ति स्थापित की गई है। इसके साथ साथ कई छोटे मंदिर भी यहां बनाए गए हैं।
पूजा अर्चना, भंडारे वह श्रद्धालुओं के लिए बड़े-बड़े हाल वह रूम भी बनाए गए हैं। यहां यूपी ही नहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि सहित अनेकों प्रदेशों से श्रद्धालु आते हैं। गंगा स्नान आदि के मौके पर यहां विशाल सत्संग, विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। यहां प्रतिदिन भंडारा भी चलता है।
आश्रम के प्रबंधक सत्यानंद महाराज ने बताया कि मंदिर का निर्माण जनमानस से चंदा एकत्रित कर कराया गया हैं। शुकतीर्थ का भव्य संत शिरोमणि रविदास मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इसके साथ ही सतगुरु समनदास आश्रम में भी भव्य मंदिर का निर्माण जारी है। इसके अलावा शुकतीर्थ में शिरोमणि संत रविदास से जुड़े अनेकों मंदिर संत हरिदास महाराज समाधि, अनसुईयां धाम आदि भी एक बड़ी आस्था का केंद्र है।
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यह 115 फुट ऊंचा सात मंजिला मंदिर है। 2006 में तत्कालीन केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री रामविलास पासवान, तत्कालीन राज्यसभा सदस्य कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद द्वारा मंदिर की आधारशिला रखी गई थी। बारह वर्ष तक इस मंदिर का निर्माण कार्य चला।
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मंदिर में मुख्य प्रतिमा शिरोमणि संत रविदास जी महाराज के अलावा ब्रह्मलीन स्वामी मंगलानंद जी महाराज एवं ब्रह्मलीन स्वामी चेतानंद जी महाराज की मूर्ति स्थापित की गई है। इसके साथ साथ कई छोटे मंदिर भी यहां बनाए गए हैं।
पूजा अर्चना, भंडारे वह श्रद्धालुओं के लिए बड़े-बड़े हाल वह रूम भी बनाए गए हैं। यहां यूपी ही नहीं पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि सहित अनेकों प्रदेशों से श्रद्धालु आते हैं। गंगा स्नान आदि के मौके पर यहां विशाल सत्संग, विशाल भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। यहां प्रतिदिन भंडारा भी चलता है।
आश्रम के प्रबंधक सत्यानंद महाराज ने बताया कि मंदिर का निर्माण जनमानस से चंदा एकत्रित कर कराया गया हैं। शुकतीर्थ का भव्य संत शिरोमणि रविदास मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। इसके साथ ही सतगुरु समनदास आश्रम में भी भव्य मंदिर का निर्माण जारी है। इसके अलावा शुकतीर्थ में शिरोमणि संत रविदास से जुड़े अनेकों मंदिर संत हरिदास महाराज समाधि, अनसुईयां धाम आदि भी एक बड़ी आस्था का केंद्र है।