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अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेगा हैदरपुर वेटलैंड

Sun, 12 Jul 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 11:57 PM IST
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Ramsar site will include Hyderpur Wetland
मुजफ्फरनगर : गंगा बैराज पर नौकाविहार का आनंद लेते केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। मेरठ-पौड़ी नेशनल हाईवे पर गंगा बैराज के पास स्थित हैदरपुर वेटलैंड जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेगा। इस वेटलैंड को रामसर साइट में शामिल कराने की कवायद चल रही है। रामसर साइट में शामिल होने के लिए जिन मानकों की जरूरत है उनमें से अधिकांश को यह वेटलैंड पूरा करता है।
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मुजफ्फरनगर जनपद की सीमा में हैदरपुर झील विदेशी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। करीब 3000 एकड़ में फैली इस झील में गंगा का पानी भरा रहता है। सर्दियां शुरू होते ही यहां विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो जाता है। ये पक्षी यहां प्रजनन करते हैं और गर्मियां शुरू होते ही अपने देश लौट जाते हैं। यहां पर 250 प्रजातियों के करीब 20 हजार से ज्यादा पक्षी चिह्नित किए जा चुके हैं। वन विभाग इस स्थान को रामसर साइट में शामिल कराने की कवायद में जुटा है। इसके लिए प्रस्ताव भी भारत सरकार को भेजा जा चुका है। हैदरपुर वेटलैंड के रामसर साइट में शामिल होने की पूरी उम्मीद है। सीएफ सहारनपुर वीके जैन बताते हैं कि यह क्षेत्र जैव विविधता से परिपूर्ण है और रामसर साइट में शामिल होने के मानक लगभग पूरे करता है।
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मिल चुके हैं 140 बारहसिंघा
हैदरपुर वेटलैंड जैव विविधता से भरा हुआ है। हाल ही में हुई गणना में यहां पर 140 बारहसिंघा पाए गए हैं। इसके अलावा इस क्षेत्र में कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी भी आते हैं। घड़ियाल, कछुए, फिशिंग कैट भी यहां पाई जाती हैं।
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बायो डायवर्सिटी पार्क का प्रस्ताव लंबित
पक्षियों की बहुतायत को देखते हुए हैदरपुर वेटलैंड को बायो डायवर्सिटी पार्क के रूप में विकसित करने के प्रयास शुरू हुए थे। इसका चार करोड़ 43 लाख रुपये का प्रस्ताव लंबित है। फिलहाल यहां पर 23 लाख रुपये से काम कराए गए। एक बोट खरीदी गई है तथा बर्ड वाचिंग के लिए 12 प्वाइंट बनाए गए हैं।
अमर उजाला के प्रयास लाए रंग
मुजफ्फरनगर और बिजनौर सीमा पर गंगा की गोद में स्थित वीरान एवं झाड़ियों से घिरे हैदरपुर वेटलैंड क्षेत्र से करीब डेढ़ साल पहले तक लोग अनजान थे। अमर उजाला ने दो जनवरी 2019 को ‘विदेशी मेहमानों से गुलजार हुआ हैदरपुर वेटलैंड’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद सीएफ सहारनपुर वीके जैन ने इस क्षेत्र को विकसित करने के प्रयास शुरू किए। मंडलायुक्त संजय कुमार के रुचि लेने से क्षेत्र का काफी विकास हो चुका है।
इस साल सूबे के छह क्षेत्र जुड़े रामसर साइट से
इस वर्ष देश के दस वेटलैंड रामसर साइट से जुड़े हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के छह हैं। इनमें हरदोई, रायबरेली, मैनपुरी, गोंडा, इटावा तथा उन्नाव जिले के पक्षी विहार शामिल हैं।
क्या है रामसर साइट...
नम भूमि और जल पक्षियों के प्रवास स्थानों के संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर 1971 में दो फरवरी को ईरान के शहर रामसर में एक संधि हुई थी। इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है। इस संधि के तहत चयनित होने वाले स्थलों को रामसर साइट कहा जाता है। हालांकि इस संधि के नियमों को 21 दिसंबर 1975 में प्रभावी किया गया।

केंद्रीय राज्यमंत्री बालियान ने किया पौधरोपण और नौकाविहार
मुजफ्फरनगर। केंद्रीय पशुपालन राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने रविवार को हैदरपुर वेटलैंड में पौधरोपण किया। उन्होंने वेटलैंड के मनमोहक नजारों को दूरबीन से निहारा। साथ ही वन अधिकारियों से क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। गंगा में नौकाविहार भी किया। इस दौरान डीएफओ सूरज व अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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