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रामपुर तिराहा कांड : छह घंटे न्यायिक हिरासत में रहे 17 पुलिसकर्मी
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मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेशी पर पहुंचे रामपुर तिराहा कांड के आरोपी और अन्य।
- आरोपियों ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गैर जमानती वारंट निरस्त कराए
- अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तिथि तय, पांच आरोपियों की रिपोर्ट मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में छेड़छाड़, सामूहिक दुष्कर्म और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में आरोपी 17 पुलिसकर्मी अदालत में हाजिर हुए। अभियुक्तों ने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। छह घंटे आरोपी न्यायिक हिरासत में रहे। अदालत ने सभी को एक-एक लाख रुपये के मुचलकों पर गैर जमानती वारंट निरस्त किए। आरोपियों को सत्र परीक्षण के दौरान नियत तिथियों पर अदालत में हाजिर रहने की हिदायत दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह की अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी और सीबीआई बनाम विक्रम सिंह तोमर के मुकदमे की सुनवाई हुई। अदालत की सख्ती के बाद मुकदमे में 17 अभियुक्त कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने आरोपियों को सख्त हिदायत देते हुए वारंट रिकॉल कर दिए। अदालत ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में मुकदमे के विचारण की तिथि पर विलंब किया गया तो अभियोजन पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर जमानत निरस्त कराने के स्वतंत्र होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। प्रकरण के 17 आरोपी शुक्रवार को पेश हुए, जबकि बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी राधा मोहन द्विवेदी ने पेश होकर अपने वारंट रिकॉल करा लिए थे। अब तक 18 अभियुक्त पेश हो गए। अदालत ने सीबीआई से पांच अभियुक्तों के विषय में रिपोर्ट मांगी है।
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ये पुलिस कर्मी हुए अदालत में हाजिर
एडीजीसी फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके पुलिसकर्मी वीरेंद्र प्रताप, देवेंद्र कुमार, सतीश चंद शर्मा, मिलाप सिंह, नरेश कुमार त्यागी, कृपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रबल प्रकाश अदालत में पेश हुए। इनके अलावा वर्तमान में सेवारत बरेली के प्रेमनगर थाने के एसआई संजीव कुमार भारद्वाज, सिखेड़ा थाने के उप निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, कासगंज पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल तमकीम अहमद, पुलिस लाइन अलीगढ़ से हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार, पुलिस लाइन बदायूं से हेड कांस्टेबल कुशलपाल सिंह, पुलिस लाइन एटा से चालक विजय कुमार, शामली के झिंझाना थान से हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, इटावा पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल कंवरपाल सिंह अदालत में हाजिर हुए।
ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों पर फायरिंग कर दी, जिसमें सात की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। फिलहाल सात मुकदमे जिले में लंबित हैं। नवंबर 2021 में मजिस्ट्रेट ट्रायल के चार मुकदमों को एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट से सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक को अधिकृत करते हुए सुनवाई के लिए भेजे गए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है। यहां तीन मुकदमों की सुनवाई चल रही है।
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- अगली सुनवाई के लिए 13 मार्च की तिथि तय, पांच आरोपियों की रिपोर्ट मांगी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में छेड़छाड़, सामूहिक दुष्कर्म और लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं के मुकदमे में आरोपी 17 पुलिसकर्मी अदालत में हाजिर हुए। अभियुक्तों ने गैर जमानती वारंट रिकॉल कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। छह घंटे आरोपी न्यायिक हिरासत में रहे। अदालत ने सभी को एक-एक लाख रुपये के मुचलकों पर गैर जमानती वारंट निरस्त किए। आरोपियों को सत्र परीक्षण के दौरान नियत तिथियों पर अदालत में हाजिर रहने की हिदायत दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह की अदालत में सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी और सीबीआई बनाम विक्रम सिंह तोमर के मुकदमे की सुनवाई हुई। अदालत की सख्ती के बाद मुकदमे में 17 अभियुक्त कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने आरोपियों को सख्त हिदायत देते हुए वारंट रिकॉल कर दिए। अदालत ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में मुकदमे के विचारण की तिथि पर विलंब किया गया तो अभियोजन पक्ष न्यायालय के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर जमानत निरस्त कराने के स्वतंत्र होगा।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि अगली सुनवाई 13 मार्च को होगी। प्रकरण के 17 आरोपी शुक्रवार को पेश हुए, जबकि बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी राधा मोहन द्विवेदी ने पेश होकर अपने वारंट रिकॉल करा लिए थे। अब तक 18 अभियुक्त पेश हो गए। अदालत ने सीबीआई से पांच अभियुक्तों के विषय में रिपोर्ट मांगी है।
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ये पुलिस कर्मी हुए अदालत में हाजिर
एडीजीसी फौजदारी परविंद्र सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त हो चुके पुलिसकर्मी वीरेंद्र प्रताप, देवेंद्र कुमार, सतीश चंद शर्मा, मिलाप सिंह, नरेश कुमार त्यागी, कृपाल सिंह, राकेश कुमार सिंह, सुरेंद्र सिंह, प्रबल प्रकाश अदालत में पेश हुए। इनके अलावा वर्तमान में सेवारत बरेली के प्रेमनगर थाने के एसआई संजीव कुमार भारद्वाज, सिखेड़ा थाने के उप निरीक्षक वीरेंद्र कुमार, कासगंज पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल तमकीम अहमद, पुलिस लाइन अलीगढ़ से हेड कांस्टेबल बृजेश कुमार, पुलिस लाइन बदायूं से हेड कांस्टेबल कुशलपाल सिंह, पुलिस लाइन एटा से चालक विजय कुमार, शामली के झिंझाना थान से हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, इटावा पुलिस लाइन से हेड कांस्टेबल कंवरपाल सिंह अदालत में हाजिर हुए।
ये था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों पर फायरिंग कर दी, जिसमें सात की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। फिलहाल सात मुकदमे जिले में लंबित हैं। नवंबर 2021 में मजिस्ट्रेट ट्रायल के चार मुकदमों को एसीजेएम द्वितीय की कोर्ट से सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक को अधिकृत करते हुए सुनवाई के लिए भेजे गए थे। गंभीर धाराओं के सेशन ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है। यहां तीन मुकदमों की सुनवाई चल रही है।