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किसानों पर आफत बनकर बरसी बारिश
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मुजफ्फरनगर जिले के मोरना क्षेत्र में बारिश का पानी खेतों में भरा।
- फोटो : KHATAULI
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किसानों पर आफत बनकर बरसी बारिश
मुजफ्फरनगर। रविवार को किसानों पर बारिश कहर बनकर टूटी। आंधी के साथ हुई जबर्दस्त बारिश ने गेहूं को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में कटा पड़ा गेहूं बर्बाद हो गया। साथ ही खड़ी फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अभी करीब 60 प्रतिशत फसल खेतों में ही है। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं और गन्ने की कटाई बंद हो गई। कोल्हुओं का संचालन भी ठप हो गया है।
रविवार सुबह आठ बजे से काले बादल छा गए और दोपहर करीब साढ़े नौ बजे बारिश शुरू हो गई। करीब एक बजे तक तेज आंधी के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। ग्राम पीनना के किसान ओमपाल सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल कटी पड़ी है। खेत जलमग्न हो जाने से पूरी फसल डूब गई। जब तक यह पानी सूखेगा पूरा दाना बेकार हो जाएगा। खड़ी फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसान जल्द से जल्द फसल घर ले जाने में जुटे थे, लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया। बारिश का असर पूरे जिले के किसानों पर पड़ा है। जनपद में गेहूं का रकबा करीब 80 हजार हेक्टेयर है। इसमें से अभी 40 प्रतिशत फसल ही किसानों के घर तक पहुंची है। किसान पानी में डूबी फसल को बेबसी से देखने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे। अभी खेतों में काफी मात्रा में गन्ना भी खड़ा है। ईंधन भीग जाने से कोल्हुओं का संचालन भी बंद हो गया।
इन्होंने कहा...
उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का दावा है कि जिले में 85 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो गई है। जो गेहूं खेतों में कटा हुआ है उसमें नुकसान हो सकता है। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर। रविवार को किसानों पर बारिश कहर बनकर टूटी। आंधी के साथ हुई जबर्दस्त बारिश ने गेहूं को भारी नुकसान पहुंचाया है। खेतों में कटा पड़ा गेहूं बर्बाद हो गया। साथ ही खड़ी फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अभी करीब 60 प्रतिशत फसल खेतों में ही है। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं और गन्ने की कटाई बंद हो गई। कोल्हुओं का संचालन भी ठप हो गया है।
रविवार सुबह आठ बजे से काले बादल छा गए और दोपहर करीब साढ़े नौ बजे बारिश शुरू हो गई। करीब एक बजे तक तेज आंधी के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। ग्राम पीनना के किसान ओमपाल सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल कटी पड़ी है। खेत जलमग्न हो जाने से पूरी फसल डूब गई। जब तक यह पानी सूखेगा पूरा दाना बेकार हो जाएगा। खड़ी फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। किसान जल्द से जल्द फसल घर ले जाने में जुटे थे, लेकिन उनके अरमानों पर पानी फिर गया। बारिश का असर पूरे जिले के किसानों पर पड़ा है। जनपद में गेहूं का रकबा करीब 80 हजार हेक्टेयर है। इसमें से अभी 40 प्रतिशत फसल ही किसानों के घर तक पहुंची है। किसान पानी में डूबी फसल को बेबसी से देखने के सिवा कुछ नहीं कर पा रहे। अभी खेतों में काफी मात्रा में गन्ना भी खड़ा है। ईंधन भीग जाने से कोल्हुओं का संचालन भी बंद हो गया।
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इन्होंने कहा...
उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का दावा है कि जिले में 85 प्रतिशत गेहूं की कटाई हो गई है। जो गेहूं खेतों में कटा हुआ है उसमें नुकसान हो सकता है। इसके लिए सर्वे कराया जाएगा।
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