फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   'Prabhu' broken hopes, did not gift

‘प्रभु’ से टूटी उम्मीदें, नहीं मिली सौगात

Thu, 25 Feb 2016 11:54 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो / अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Thu, 25 Feb 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
'Prabhu' broken hopes, did not gift
मुजफ्फरनगर। रेलमंत्री सुरेश प्रभु के बजट से लगी जनपदवासियों की उम्मीदें टूट गई हैं। कोई सौगात नहीं मिली है। स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं के अलावा ट्रेनों की कमी से मुसाफिरों की समस्याएं जस की तस छोड़  दी गई हैं।
विज्ञापन


सुविधाओं और बदलाव के दावे कर भविष्य में बेहतर सफर का सपना जरूर दिखा दिया है, लेकिन ये योजनाएं धरातल पर आएंगी, पता नहीं। पूर्व में गढ़ी गई योजनाएं लंबे समय बाद पूरी करना चुनौती है। मालभाड़े को यात्रियों से अलग करके बोझ बढ़ाने का खाका बुन दिया है।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने अपना दूसरा रेल बजट पेश कर दिया है। इस बार भी जनपद को निराशा हाथ लगी है। एशिया की सबसे बड़ी गुड़मंडी का तमगा रखने वाले शहर को नजरअंदाज कर दिया है। देश के बड़े शहरों तक सीधी रेलगाड़ी की घोषणा नहीं करके व्यापारियों को जूझने के लिए छोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बलसाड़ एक्सप्रेस, जम्मू तवी एक्सप्रेस, चेन्नई-चंडीगढ़ समेत कई गाडिय़ों के स्टॉपेज नहीं मिले हैं। स्टेशन परिसर में सौंदर्यीकरण समेत प्लेटफॉर्म से नईमंडी तक फुटओवर और नाकाफी टिकट खिड़की से समस्या पर बात नहीं की गई। स्टेशन पर सर्वर की परेशानी से निजात दिलाने के लिए कदम नहीं उठाया गया है।

रेल कर्मचारियों के जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट से धनराशि आवंटित नहीं की है। आगामी समय में प्रभावी होने वाली योजनाओं का लाभ देशभर के यात्रियों के साथ मिलेगा।

इनमें मुख्य रुप से बुजुर्गों के लिए 120 लो ओवर बर्थ, दूरभाष सेवा 139 पर टिकट रद करने की सुविधा के साथ ट्रेनों की स्पीड 60 किमी प्रतिघंटा से बढ़ाकर 80 किमी प्रतिघंटा करने का लाभ मिल सकता है।

महिलाओं के लिए हर कैटेगिरी में 30 फीसद आरक्षित सीटें, दूरभाष संख्या 182 पर हेल्पलाइन सेवा, ट्रेन के बीच में महिला बोगी और छोटे बच्चों के लिए अलग से खाने की व्यवस्था की घोषणा की है। रेलवे के जानकार बजट की घोषणाओं को पूरा होने को लेकर आशंकित हैं, क्योंकि दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर विद्युत चलित ईएमयू ट्रेनों का संचालन चार साल बाद भी अधर में लटका है।


कांग्रेस के कार्यकाल में दोहरीकरण की घोषणा के साथ धन आवंटन के साथ अभी तक कार्य चल ही रहा है। स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक डिस्प्ले बोर्ड लगाने का काम लटका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed