फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Police fired shot

पुलिस ने गोली चलाई नहीं और ढेर हो गए बदमाश

Fri, 23 Sep 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Fri, 23 Sep 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
Police fired shot
मकान की छत पर चढ़ती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
इंसानी बस्ती से दूर जंगल में एक सुनसान मकान। कल शाम तक इस घर में कहकहों का शोर था। ठहाकों की आवाज दूर तक सुनी जा रही थी, लेकिन आधी रात को अचानक ऐसा क्या हुआ कि बदमाश अपनी ही गोलियों का शिकार हो गए।  तमाम सवाल रहस्य की चादर ओढ़े हैं। घर में दो कमरे हैं, रात को इसी घर में दो महिलाओं समेत छह से अधिक लोगों की मौजूदगी के  निशान मिले हैं। 
विज्ञापन


घासीपुरा के जंगल में देर रात हुए तीन-तीन कत्लों का चश्मदीद यही मकान है, जो सबकुछ जानता है। तीन बदमाश मारे गए, किसने मारे कोई नहीं जानता। तीनों के सीने यानी डेथ प्वाइंट पर गोली लगी हैं। पास में पड़े तमंचे और पिस्टल यह बताने के लिए काफी हैं कि वह आम इंसान नहीं थे। शरीर पर गोली लगने वाली जगह पर ब्लैकनेस साफ कर रही है कि गोलियां बेहद नजदीक से मारी गईं।
विज्ञापन


सबसे बड़ा सवाल यही है कि बदमाशों को किसने मारा, और क्यों? पुलिस की थ्योरी पर भरोसा करें तो बदमाशों के साथ कोई चौथा शख्स भी था। हो सकता है कि उसी ने तीनों का कत्ल किया हो। अगर चौथा व्यक्ति घर में था और बाहर पुलिस की घेराबंदी थी, तो वह गया कहां? मकान के पिछले हिस्से में खेत हैं। खेत में पानी भरा हुआ है, अगर वहां से    कोई भागता तो उसके निशान साफ नजर आते। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अहम कड़ी यह है कि मकान जंगल में होने के बावजूद बिहार निवासी महिला अकेले इस मकान में किराए पर रहती है। पुलिस ने  उसकी छानबीन तो पता चला कि उसका पति राजस्थान में मजदूरी करता है। वह बीच-बीच में घर आता रहता है। पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़नी शुरू की तो कई  क्लू सामने आए। 

मकान मालकिन मीना से पूछताछ हुई तो उसने बताया कि गांव के ही प्रवीण पाल ने नीरज नाम के व्यक्ति से मिलवाया था। नीरज ने 11 सितंबर को तीन युवकों को अपना परिचित बताते हुए मकान में किराए पर कमरा देने के लिए कहा था। तीन युवकों को पास की किसी फैक्ट्री में कर्मचारी बताया गया था। 


पुलिस ने नीरज के बारे में छानबीन की तो पता चला कि वह मूल रूप से करौंदा महाजन का रहने वाला है और आजकल रेलवे स्टेशन के पीछे बस्ती में रहता है। पुलिस ने उसकी तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। उसके पिता संत कुमार ने बेटे को आवारा बताते हुए कहा कि वह उसकी सारी जमीन बिकवा चुका  है और गलत धंधों में लिप्त है। पुलिस को यह भी खटक रहा है कि चौथा व्यक्ति कहीं नीरज ही तो नहीं था। आसपास से गुजरने वाले लोग यह तस्दीक करते हैं कि युवक अक्सर मकान की छत पर नजर आते थे। रात भी शोर-शराबा सुुना गया। यह भी जानकारी मिली है कि रात भी दावत उड़ाई गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed