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Muzaffarnagar News: नसीरपुर में पुलिस पर मनमानी का आरोप, भाकियू, सपा नेता पहुंचे
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गांव नसीरपुर में ठाकुर पूरण सिंह के घर पहुंचे भाकियू टिकैत के नेता धीरज लाटियान- फोटो संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
तितावी। नसीरपुर गांव में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह एवं परिवार के सात सदस्यों पर दर्ज किए गए मुकदमे के बाद 14 मार्च की पंचायत की तैयारियां चल रही है। गांव में पुलिस को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। भाकियू टिकैत, सपा और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने गांव पहुंचकर आरोप लगाया कि पुलिस पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा करना चाहती है।
चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक ने रविवार रात गांव पहुंचकर किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गांव के आपसी मनमुटाव को सहमति के आधार पर निपटाया जा सकता था लेकिन पुलिस की कार्यशैली के कारण यह प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है।
सोमवार को गांव पहुंचकर त्यागी भूमिहार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षत त्यागी ने कहा कि गांवों में विवाद हो जाते हैं, जिन्हें गांव के बुजुर्ग और जिम्मेदार लोग आपसी सहमति से सुलझा लेते थे लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए महज आधे घंटे में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी कर ली, यह संदेह पैदा करता है। भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव धीरज लाटियान भी ठाकुर पूरण सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विवाद के बाद प्रशासन ने किसान नेता पर भी मुकदमा दर्ज किया है। यह संगठन की आवाज को दबाने जैसा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान सपा नेता मुकेश चौधरी भी गांव पहुंचे।
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-- अपना मूल काम ही भूल गई पुलिस : हरेंद्र मलिक
फोटो
सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली फिर सवालों के घेरे में है। गांव की मामूली बातों को तूल दिया जा रहा है। पुलिस अपना मूल कार्य भूल गई है। लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। नसीरपुर का प्रकरण दोनों पक्षों की सहमति से निपटाया जा सकता था लेकिन पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेजकर मनमानी की है। चार पीढि़यों से सामाजिक परिवार की छवि को पुलिस धूमिल करना चाहती है। पूरा क्षेत्र जानता है कि नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं।
-- पीड़ित बोला, मौके पर मौजूद नहीं थे पूरण सिंह
तितावी। नसीरपुर गांव के दुष्यंत पर हमले के मामले में ठाकुर पूरण सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। पीड़ित ने कहा कि उन्होंने मेरे साथ मारपीट नहीं की। घटना के समय वह मौजूद भी नहीं थे। मौके पर कई अन्य लड़के मौजूद थे। वह इस मामले में केवल इंसाफ चाहता है।
-- क्या था मामला
नसीरपुर निवासी ओमवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा दुष्यंत शुक्रवार सुबह गाय को जंगल से लेकर लौट रहा था। रास्ते में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह गाड़ी से आ रहे थे। दुष्यंत के गाड़ी साइड में करने को लेकर विवाद हुआ। शाम को उनका बेटा अपने पिता की दवाई लेने जा रहा था। रास्ते में नंदू और सागर, अनिकेश, रवि, अभिषेक दीक्षित और विक्की ने हमला बोल दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों का चालान कर दिया था।
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तितावी। नसीरपुर गांव में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह एवं परिवार के सात सदस्यों पर दर्ज किए गए मुकदमे के बाद 14 मार्च की पंचायत की तैयारियां चल रही है। गांव में पुलिस को लेकर नाराजगी बढ़ रही है। भाकियू टिकैत, सपा और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने गांव पहुंचकर आरोप लगाया कि पुलिस पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा करना चाहती है।
चरथावल के सपा विधायक पंकज मलिक ने रविवार रात गांव पहुंचकर किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि गांव के आपसी मनमुटाव को सहमति के आधार पर निपटाया जा सकता था लेकिन पुलिस की कार्यशैली के कारण यह प्रकरण तूल पकड़ता जा रहा है।
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सोमवार को गांव पहुंचकर त्यागी भूमिहार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अक्षत त्यागी ने कहा कि गांवों में विवाद हो जाते हैं, जिन्हें गांव के बुजुर्ग और जिम्मेदार लोग आपसी सहमति से सुलझा लेते थे लेकिन पुलिस ने बिना जांच किए महज आधे घंटे में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी भी कर ली, यह संदेह पैदा करता है। भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव धीरज लाटियान भी ठाकुर पूरण सिंह के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विवाद के बाद प्रशासन ने किसान नेता पर भी मुकदमा दर्ज किया है। यह संगठन की आवाज को दबाने जैसा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी। इस दौरान सपा नेता मुकेश चौधरी भी गांव पहुंचे।
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सपा सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली फिर सवालों के घेरे में है। गांव की मामूली बातों को तूल दिया जा रहा है। पुलिस अपना मूल कार्य भूल गई है। लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाकर आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। नसीरपुर का प्रकरण दोनों पक्षों की सहमति से निपटाया जा सकता था लेकिन पुलिस ने तीन लोगों को जेल भेजकर मनमानी की है। चार पीढि़यों से सामाजिक परिवार की छवि को पुलिस धूमिल करना चाहती है। पूरा क्षेत्र जानता है कि नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं।
तितावी। नसीरपुर गांव के दुष्यंत पर हमले के मामले में ठाकुर पूरण सिंह के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। पीड़ित ने कहा कि उन्होंने मेरे साथ मारपीट नहीं की। घटना के समय वह मौजूद भी नहीं थे। मौके पर कई अन्य लड़के मौजूद थे। वह इस मामले में केवल इंसाफ चाहता है।
नसीरपुर निवासी ओमवती ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा दुष्यंत शुक्रवार सुबह गाय को जंगल से लेकर लौट रहा था। रास्ते में किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरण सिंह गाड़ी से आ रहे थे। दुष्यंत के गाड़ी साइड में करने को लेकर विवाद हुआ। शाम को उनका बेटा अपने पिता की दवाई लेने जा रहा था। रास्ते में नंदू और सागर, अनिकेश, रवि, अभिषेक दीक्षित और विक्की ने हमला बोल दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों का चालान कर दिया था।