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सरकारी हैंडपंपों से निकल रहा जहरीला पानी  

Tue, 28 Jun 2016 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर Updated Tue, 28 Jun 2016 12:26 AM IST
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Poisonous water
गंदा पानी - फोटो : demo pic
शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए सरकारी हैंडपंप विषैला पानी उगल रहे हैं। हैंडपंप मानक के अनुसार नहीं लगाए जाने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सीडीओ द्वारा कराई गई जांच के बाद यह खुलासा हुआ है। साठ हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। इन हैंडपंप पर लाल निशान लगाकर इन पर लिखा गया है, जल पीने के योग्य नहीं। 
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भारत सरकार ग्रामीण स्वच्छ पेयजल योजना के अंतर्गत शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए गांवों में सरकारी हैंडपंप लगवा रही है। जल निगम और ठेकेेदारों के खेल में हैंडपंप मानक के अनुसार गहराई में नहीं लगाए जा रहे हैं। पैसा बचाने के फेर में आधा अधूरा बोरिंग कर कार्य की इतिश्री की जा रही है। सीडीओ अंकित अग्रवाल को लगातार शिकायत मिल रही थी गांवों में हैंडपंप दूषित पानी दे रहे हैं।
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शिकायत के बाद उन्होंने मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा जिले में तैनात टीम को जल की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए। इस टीम को जिले की काली और हिंडन नदी के किनारे के गांवों के हैंडपंप का पानी चेक करने की जिम्मेदारी दी गई। टीम के अमित कुुमार, धर्मेंद्र मलिक, बलजीत सिंह ने विभिन्न गांवों में 630 हैंडपंप की जांच की। इनमें 60 हैंडपंप ऐसे मिले जिनका पानी विषैला पाया गया।
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पानी पीला और पीने के अयोग्य मिला। इनमें शेरनगर का एक हैंडपंप, धंधेड़ा गांव के तीन, मंधेड़ा का एक, बामनहेड़ी के दो, नरा का एक, बहादरपुर के तीन, चांदपुर का एक, मिमलाना का एक, बहादरपुर का एक शामिल हैं। खांजापुर के दो, मलीरा का एक, तितावी के तीन, नसीरपुर के दो, भसाना का एक, बेगरजपुर का एक, उमरपुर के तीन, आदमपुर के दो, उकावली, हडौली के एक-एक, किनौनी के दो,

नूनाखेड़ा के दो, कुटबी के पांच, धौलरा का एक, लकड़संघा के दो, डांगरोल के दो, निवादा के पांच, सुन्ना के दो, दूधाहेड़ी के चार, मंधेड़ा, बुडीना कलां, हुसैनपुर बोपाड़ा, धनसैनी में एक-एक हैंडपंप जहरीला पानी देता मिला। इन सभी हैंडपंप की सूची सीडीओ को सौंपी गई। सीडीओ ने इन सभी हैंडपंप पर लाल निशाने लगाने और जल पीने योग्य नहीं यह लिखने के निर्देश दिए। 

बरसात के मौसम में नहीं लगने चाहिए हैंडपंप
हैंडपंप का पानी पीने योग्य नहीं मिलने से डीएम डीके सिंह भी गंभीर हैं। डीएम ने जलनिगम के अधिशासी अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि हैंडपंप मानक के अनुसार लगाए जाने चाहिए। बरसात में भूगर्भ जल ऊपर रहता है, इसमें हैंडपंप का बोरिंग नहीं होना चाहिए। 


दूषित हैंडपंप का पानी न पिएं : सीडीओ
सीडीओ अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि जो हैंडपंप दूषित पाए गए हैं। इन सब पर लाल निशान लगाने के आदेश दिए गए हैं। पानी पीने योग्य नहीं, यह लिखने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने कहा कि दूषित जल पीने से बीमारियां होती हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति दूषित जल न पिएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों से शिकायत मिल रही है, उन सबके हैंडपंप की जांच कराई जा रही है। 
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